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पैमाइश का विरोध करने पर पुलिस ने किसान को पीटा
Updated Tue, 22 May 2018 01:08 AM IST
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दोघट (बागपत)। बामनौली गांव में चकबंदी प्रक्रिया के दौरान पैमाइश का विरोध करने पर पुलिस ने किसान को पीटा। पुलिस किसान को हिरासत में लेकर थाने ले गई। किसान दो साल से जमीन पर काबिज है। किसान ने पिटाई के विरोध में बुधवार को कलक्ट्रेट में धरना शुरू करने की चेतावनी दी है।
सोमवार को बामनौली गांव में एसीओ चकबंदी टीम के साथ किसान चंद्रपाल की जमीन की पैमाइश करने पहुंचे। चकबंदी अधिकारियों ने जमीन की पैमाइश की तो पड़ोसी किसान सोमपाल पुत्र रामचंद्र की 500 मीटर जमीन घट गई। किसान सोमवार ने पैमाइश का विरोध शुरू कर दिया। चकबंदी अधिकारियों को पैमाइश नहीं करने दी। किसान द्वारा हंगामे के बाद वहां मौजूद पुलिस बल ने सोमपाल की पिटाई कर दी। पुलिस किसान को हिरासत में लेकर थाने ले गई। किसान सोमपाल ने बताया कि 2016 में हुई चकबंदी में उसे 7084 वर्ग मीटर जमीन दी गई थी। उस पर वह दो साल से काबिज है। चकबंदी अधिकारियों ने किसान चंद्रपाल की जमीन पूरी करने के लिए उसकी जमीन घटा दी। जब उसने विरोध किया तो उसकी आवाज दबाने के लिए पुलिस से पिटाई कराई गई। इसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा। बुधवार को वह कलक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के बाद धरना शुरू करेगा। पुलिस-प्रशासन के उच्चाधिकारियों से शिकायत की जाएगी। इस संबंध में सीओ रमाला आनंद पाल ने बताया कि किसान की पिटाई नहीं की गई है। वह पैमाइश में बाधा कर रहा था, इसलिए उसे थाने भेजा
दोषी चकबंदी अफसरों के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई
दोघट (बागपत)। बामनौली गांव में पूर्व प्रधान महीपाल के आवास पर चकबंदी से आहत किसानों की पंचायत हुई। इसमें मंगलवार को कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया।
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वक्ताओं ने कहा चकबंदी अधिकारियों ने भूमाफिया को लाभ पहुंचाने के लिए छोटी जोत के किसानों के हवाई चक काट दिए गए। चकबंदी प्रक्रिया में अनियमितताएं बरती गई। जांच में कई चकबंदी प्राधिकारी दोषी पाए जा चुके हैं। चकबंदी आयुक्त लखनऊ द्वारा चार बार दोषी चकबंदी अधिकारियों और भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को आदेश दिए जा चुके हैं, लेकिन आज तक भी किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। निर्णय लिया कि मंगलवार को किसान दोषी चकबंदी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन करेंगे। यदि उनकी मांगे नहीं मानी तो किसान लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री आवास घेरेंगे। इसकी अध्यक्षता ब्रज मोहन शर्मा ने की। संचालन मास्टर महेंद्र सिंह ने किया। इसमें सुखपाल, समे सिंह, चाही राम, तेजपाल, जोगेंद्र, सुधीर, संजू, हर किशन कालू, बलबीर सिंह, कवल सिंह, रामपाल, सोनू उपस्थित रहे।
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सोमवार को बामनौली गांव में एसीओ चकबंदी टीम के साथ किसान चंद्रपाल की जमीन की पैमाइश करने पहुंचे। चकबंदी अधिकारियों ने जमीन की पैमाइश की तो पड़ोसी किसान सोमपाल पुत्र रामचंद्र की 500 मीटर जमीन घट गई। किसान सोमवार ने पैमाइश का विरोध शुरू कर दिया। चकबंदी अधिकारियों को पैमाइश नहीं करने दी। किसान द्वारा हंगामे के बाद वहां मौजूद पुलिस बल ने सोमपाल की पिटाई कर दी। पुलिस किसान को हिरासत में लेकर थाने ले गई। किसान सोमपाल ने बताया कि 2016 में हुई चकबंदी में उसे 7084 वर्ग मीटर जमीन दी गई थी। उस पर वह दो साल से काबिज है। चकबंदी अधिकारियों ने किसान चंद्रपाल की जमीन पूरी करने के लिए उसकी जमीन घटा दी। जब उसने विरोध किया तो उसकी आवाज दबाने के लिए पुलिस से पिटाई कराई गई। इसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा। बुधवार को वह कलक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के बाद धरना शुरू करेगा। पुलिस-प्रशासन के उच्चाधिकारियों से शिकायत की जाएगी। इस संबंध में सीओ रमाला आनंद पाल ने बताया कि किसान की पिटाई नहीं की गई है। वह पैमाइश में बाधा कर रहा था, इसलिए उसे थाने भेजा
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दोषी चकबंदी अफसरों के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई
दोघट (बागपत)। बामनौली गांव में पूर्व प्रधान महीपाल के आवास पर चकबंदी से आहत किसानों की पंचायत हुई। इसमें मंगलवार को कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया।
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वक्ताओं ने कहा चकबंदी अधिकारियों ने भूमाफिया को लाभ पहुंचाने के लिए छोटी जोत के किसानों के हवाई चक काट दिए गए। चकबंदी प्रक्रिया में अनियमितताएं बरती गई। जांच में कई चकबंदी प्राधिकारी दोषी पाए जा चुके हैं। चकबंदी आयुक्त लखनऊ द्वारा चार बार दोषी चकबंदी अधिकारियों और भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को आदेश दिए जा चुके हैं, लेकिन आज तक भी किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। निर्णय लिया कि मंगलवार को किसान दोषी चकबंदी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन करेंगे। यदि उनकी मांगे नहीं मानी तो किसान लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री आवास घेरेंगे। इसकी अध्यक्षता ब्रज मोहन शर्मा ने की। संचालन मास्टर महेंद्र सिंह ने किया। इसमें सुखपाल, समे सिंह, चाही राम, तेजपाल, जोगेंद्र, सुधीर, संजू, हर किशन कालू, बलबीर सिंह, कवल सिंह, रामपाल, सोनू उपस्थित रहे।