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बावली गांव में बंदरों का आतंक
Updated Sun, 08 Jul 2018 01:12 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
क्षेत्र के दर्जनों गांव में बंदरों के आतंक से लोग भयभीत है। शनिवार को बावली गांव में बंदरों के एक झुंड ने कई लोगों को काटकर घायल कर दिया। इनका गांव के ही निजी चिकित्सक के पास इलाज चल रहा है।
क्षेत्र में आए दिन बंदरों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन वन अधिकारी मूकदर्शक बने बैठे हैं। फलस्वरूप बंदर आए दिन किसी ने किसी को काटकर घायल कर रहे हैं। शनिवार को बंदरों के एक झुंड ने बावली गांव में रमेश, सागर, ममता पुत्री राजेंद्र और प्रवेंद्र को काटकर घायल कर दिया। इनका गांव के ही एक निजी चिकित्सक के यहां पर इलाज चल रहा है। गांव के समर पाल, नीटू्र, अशोक, सुरेश, राजवीर, भोपाल, रमेश आदि ने कहा बंदर मकान में घुसकर खाने का सामान उठा ले जाते हैं इससे महिला और बच्चे भयभीत हैं। इसके अलावा खेतों में खड़ी फसलों में घुसकर उसका नुकसान कर रहे हैं। ग्रामीणों नेे वन विभाग सेे बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की। वन क्षेत्राधिकारी राजपाल सिंह ने कहा वन विभाग के पास बंदर पकड़ने के लिए कोई टीम नहीं है।
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क्षेत्र के दर्जनों गांव में बंदरों के आतंक से लोग भयभीत है। शनिवार को बावली गांव में बंदरों के एक झुंड ने कई लोगों को काटकर घायल कर दिया। इनका गांव के ही निजी चिकित्सक के पास इलाज चल रहा है।
क्षेत्र में आए दिन बंदरों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन वन अधिकारी मूकदर्शक बने बैठे हैं। फलस्वरूप बंदर आए दिन किसी ने किसी को काटकर घायल कर रहे हैं। शनिवार को बंदरों के एक झुंड ने बावली गांव में रमेश, सागर, ममता पुत्री राजेंद्र और प्रवेंद्र को काटकर घायल कर दिया। इनका गांव के ही एक निजी चिकित्सक के यहां पर इलाज चल रहा है। गांव के समर पाल, नीटू्र, अशोक, सुरेश, राजवीर, भोपाल, रमेश आदि ने कहा बंदर मकान में घुसकर खाने का सामान उठा ले जाते हैं इससे महिला और बच्चे भयभीत हैं। इसके अलावा खेतों में खड़ी फसलों में घुसकर उसका नुकसान कर रहे हैं। ग्रामीणों नेे वन विभाग सेे बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की। वन क्षेत्राधिकारी राजपाल सिंह ने कहा वन विभाग के पास बंदर पकड़ने के लिए कोई टीम नहीं है।
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