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मोर्चरी पर लाश छोड़कर कहां चली गई पुलिस
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बागपत। पुलिस और मोचरी के कर्मचारियों की बड़ी चूक से फिर किरकिरी हुई है। हादसे के बाद भभीसा के अशोक का शव लेकर पुलिस मोचरी पहुंची। लाश को रखवाया, लेकिन इसके बाद पुलिस गायब हो गई। पोस्टमार्टम के कागज नहीं थे और न ही लाश को सील किया। बिजनौर के मृतक की शिनाख्त कराने वाले पुलिसकर्मियों और शव को निजी वाहन में रखवाने के दौरान भी बड़ी चूक हुई। जांच में पुलिसकर्मियों के अलावा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों पर भी कार्रवाई होने की संभावना है।
शामली जिले के भभीसा गांव निवासी मृतक अशोक के भाई रामबीर ने बताया कि रमाला थाना के हेड कांस्टेबल सरताज अली मंगलवार की रात में शव को मोर्चरी पर लेकर आए । आरोप लगाया कि पुलिस ने शव को सील तक नहीं किया। शव का पोस्टमार्टम होने तक पुलिसकर्मियों को मोर्चरी पर रहना चाहिए, लेकिन पुलिस की लापरवाही यह रही कि शव को न सील किया और न ही पोस्टमार्टम के कागज पूरे गए। मोर्चरी में लाश रखवा कर पुलिसकर्मी चले गए। सुबह परिजन पहुंचे तो उन्हें लाश नहीं मिली। जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि शव बिजनौर पहुंच गया। एसपी शैलेश कुमार पांडेय से जांच की मांग की गई।
बगैर पोस्टमार्टम के लिए हो गया शव का अंतिम संस्कार
बागपत। भभीसा गांव निवासी रामबीर ने बताया कि मृतक अशोक बड़ौत में छपरौली रोड पर दूध की डेयरी चलाता है। मंगलवार को वह नौकरी का सामान लेने के लिए वैगनार कार से शामली गया । कार में नौकरी के अलावा एक और व्यक्ति था। वापस लौटते समय हादसा हुआ। अशोक कार चला रहा था। हादसे के बाद वह कार की पिछली सीट पर मृत पड़ा मिला। नौकर भी गायब है। उन्होंने उसकी हत्या की भी आशंका जताई। कहा कि पोस्टमार्टम होने के बाद मौत के कारणों का चला सक सकता था, लेकिन शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ।
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फिर सवालों में मोर्चरी की व्यवस्था, जांच शुरू
बागपत। मोर्चरी पर तैनात कर्मचारियों पर रिश्वत मांगने के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन इस बार कर्मचारियों ने बड़ी लापरवाही कर दी। संविदा कर्मी पर पोस्टमार्टम के बाद रुपये लेने का मामला सामने आया। इसके अलावा दो दिन पहले भी पांच सौ रुपये मांगने का आरोप लगाया। एक कर्मचारी पर कार्रवाई भी की। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया कि मोर्चरी पर शव बदले की जानकारी मिली है। टीम गठित कर जांच कराई जाएगी। जो भी कर्मचारी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
लावारिस शव पर फजीहत झेल चुकी पुलिस
बागपत। लावारिस शव के मामले में पुलिस पहले भी फजीहत झेल चुकी है। एक माह पहले गाड़ी के टायरों से अज्ञात शव का अंतिम संस्कार करना पुलिस को महंगा पड़ गया था। एसपी ने आरोपी हैड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया और कोतवाली प्रभारी राकेश कुमार पर भी गाज गिरी।
दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
बागपत। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि मोर्चरी में शव बदलने के प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जिससे भी लापरवाही हुई है, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। शव सुपुर्दगी में देते समय लापरवाही हुई है। भभीसा के अशोक का शव गलती से महमूदपुर गांव के ग्रामीण ले गए है। सिक्योरिटी गार्ड विकास से पूछताछ की जा रही है।
मरीज से गैंगरेप प्रकरण में हुई किरकिरी
बागपत। जिला अस्पताल के परिसर में ही मोर्चरी है। शव बदले जाने से पहले यहां पर भर्ती नर्सिंग की छात्रा से गैंगरेप का मामला भी सामने आ चुका है। पिछले वर्ष 15 अक्तूबर को छात्रा के साथ वार्ड ब्वाय और प्रशिक्षु फार्मेसिस्ट ने ही रेप किया। इस प्रकरण की गूंज भी लखनऊ तक हुई थी।
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शामली जिले के भभीसा गांव निवासी मृतक अशोक के भाई रामबीर ने बताया कि रमाला थाना के हेड कांस्टेबल सरताज अली मंगलवार की रात में शव को मोर्चरी पर लेकर आए । आरोप लगाया कि पुलिस ने शव को सील तक नहीं किया। शव का पोस्टमार्टम होने तक पुलिसकर्मियों को मोर्चरी पर रहना चाहिए, लेकिन पुलिस की लापरवाही यह रही कि शव को न सील किया और न ही पोस्टमार्टम के कागज पूरे गए। मोर्चरी में लाश रखवा कर पुलिसकर्मी चले गए। सुबह परिजन पहुंचे तो उन्हें लाश नहीं मिली। जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि शव बिजनौर पहुंच गया। एसपी शैलेश कुमार पांडेय से जांच की मांग की गई।
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बगैर पोस्टमार्टम के लिए हो गया शव का अंतिम संस्कार
बागपत। भभीसा गांव निवासी रामबीर ने बताया कि मृतक अशोक बड़ौत में छपरौली रोड पर दूध की डेयरी चलाता है। मंगलवार को वह नौकरी का सामान लेने के लिए वैगनार कार से शामली गया । कार में नौकरी के अलावा एक और व्यक्ति था। वापस लौटते समय हादसा हुआ। अशोक कार चला रहा था। हादसे के बाद वह कार की पिछली सीट पर मृत पड़ा मिला। नौकर भी गायब है। उन्होंने उसकी हत्या की भी आशंका जताई। कहा कि पोस्टमार्टम होने के बाद मौत के कारणों का चला सक सकता था, लेकिन शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ।
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फिर सवालों में मोर्चरी की व्यवस्था, जांच शुरू
बागपत। मोर्चरी पर तैनात कर्मचारियों पर रिश्वत मांगने के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन इस बार कर्मचारियों ने बड़ी लापरवाही कर दी। संविदा कर्मी पर पोस्टमार्टम के बाद रुपये लेने का मामला सामने आया। इसके अलावा दो दिन पहले भी पांच सौ रुपये मांगने का आरोप लगाया। एक कर्मचारी पर कार्रवाई भी की। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया कि मोर्चरी पर शव बदले की जानकारी मिली है। टीम गठित कर जांच कराई जाएगी। जो भी कर्मचारी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
लावारिस शव पर फजीहत झेल चुकी पुलिस
बागपत। लावारिस शव के मामले में पुलिस पहले भी फजीहत झेल चुकी है। एक माह पहले गाड़ी के टायरों से अज्ञात शव का अंतिम संस्कार करना पुलिस को महंगा पड़ गया था। एसपी ने आरोपी हैड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया और कोतवाली प्रभारी राकेश कुमार पर भी गाज गिरी।
दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
बागपत। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि मोर्चरी में शव बदलने के प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जिससे भी लापरवाही हुई है, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। शव सुपुर्दगी में देते समय लापरवाही हुई है। भभीसा के अशोक का शव गलती से महमूदपुर गांव के ग्रामीण ले गए है। सिक्योरिटी गार्ड विकास से पूछताछ की जा रही है।
मरीज से गैंगरेप प्रकरण में हुई किरकिरी
बागपत। जिला अस्पताल के परिसर में ही मोर्चरी है। शव बदले जाने से पहले यहां पर भर्ती नर्सिंग की छात्रा से गैंगरेप का मामला भी सामने आ चुका है। पिछले वर्ष 15 अक्तूबर को छात्रा के साथ वार्ड ब्वाय और प्रशिक्षु फार्मेसिस्ट ने ही रेप किया। इस प्रकरण की गूंज भी लखनऊ तक हुई थी।