फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   बागपत में राम भरोसे है ट्रेन की यात्रा

बागपत में राम भरोसे है ट्रेन की यात्रा

Mon, 21 Aug 2017 01:56 AM IST
Updated Mon, 21 Aug 2017 01:56 AM IST
विज्ञापन
बागपत में राम भरोसे है ट्रेन की यात्रा
बागपत। खतौली ट्रेन हादसे ने बागपत से गुजरने वाली ट्रेनों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शामली-दिल्ली मार्ग पर न तो यात्रियों की सुरक्षा है और न कोई व्यवस्था। यात्रियों ने कहा रेलपटरी बदली जानी चाहिए। पांच साल पहले यहां ट्रेन की एक बोगी पटरी से उतर गई थी।
विज्ञापन

दिल्ली-शामली-सहारनपुर सिंगल लाइन है। इस मार्ग पर चलने वाली ट्रेनों की हालत खस्ता है। शायद ही कोई दिन होगा, जब ट्रेन अपने निर्धारित समय से स्टेशन पर पहुंचती हो। ट्रेन कब और कहां खड़ी हो जाए, किसी को पता नहीं। मिनटों का सफर घंटो में पूरा होता है। पांच साल पूर्व ब्राह्मा पुट्ठी में ट्रेन पटरी से उतर गई थी। दिल्ली मुख्यालय पर बैठे अफसर मौके पर आए थे और क्रेन से बुग्गी उठाई गई । क्षेत्र में रेलवे लाइन के पेड्रोल क्लिप चोरी होना आम बात है। इतना ही नहीं खुराफाती लाइन पर पत्थर तक रख देते है, लेकिन रेल प्रशासन बेखबर है। लगता है खतौली जैसी घटना का इंतजार कर रहा है।
विज्ञापन


पूरी तरह से असुरक्षित हैं यात्री
बागपत। ट्रेन में मामूली बात पर गोली चल जाती है। पांच माह पहले मोबाइल न देने पर एक युवक की अहेड़ा फाल्ट पर गोली मारकर हत्या की। डेढ़ माह पहले ही बेहटा स्टेशन के पास युवक को गोली मारकर घायल किया। ट्रेन में यात्री के दौरान मारपीट और छेड़छाड़ की तो आम घटना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या कहना है कि ट्रेन यात्रियों का
मथुरा के रहने वाले रामचरण ने कहा ट्रेनों में यात्रियों के लिए कोई सुविधा नहीं है। बुजुर्गों को तो ट्रेन में चढ़ना तक मुश्किल है।
खेकड़ा के कीर्ति का कहना है कि यह महत्वपूर्ण लाइन है। इसे जब तक डबल नहीं किया जाएगा, समस्या का समाधान नहीं होगा।
ब्राह्मण पुट्ठी निवासी भगवत प्रसाद का कहना है कि स्टेशन पर टिकट तक के लिए मारामारी रहती है। कई बार तो ट्रेन तक छूट जाती है।
बाघू के संजीव का कहना है कि ट्रेन में सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। साफ सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है।
बिजवाड़ा गांव की माया का कहना है कि ट्रेन में महिलाओं की कोई सुरक्षा नहीं है। ट्रेन में चढ़ना तक आसान नहीं है।
सहारनपुर निवासी ममता ने कहा ट्रेन में अधिकांश महिलाओं को सीट नहीं मिलती है। ट्रेन में असामाजिक तत्वों का बोलबाला है।

वर्षों से प्रस्ताव पास, नहीं बनी डबल लाइन
बागपत। इस रेल मार्ग का डबल लाइन का प्रस्ताव वर्षों से पास हो रहा है। सर्वे भी हो चुका है, लेकिन निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ।

छत पर सफर करने को मजबूर यात्री
बागपत। ट्रेन में जगह न होने के कारण यात्री छत पर सफर करने के लिए मजबूर है। रेलवे पुलिस और जीआरपी यह नजारा अपनी आंखों से देखती रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed