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Baghpat News: प्रधान ने सफाईकर्मी बनकर सरकारी रुपये हड़पे, अफसरों के नाम पर भी लाखों उड़ाए
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बागपत। नैथला गांव की प्रधान गीता ने सरकारी खजाने से रुपये हड़पने के लिए खुद को सफाईकर्मी बना लिया। यह हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि पंचायत के खाते से प्रधान गीता ने गांव में सफाई करने की बात कहकर 18 सितंबर को अपने ही नाम से वाउचर बनवाकर 24,500 रुपये निकाल लिए।
इस तरह से एक बार नहीं हुआ है। प्रधान ने कई बार पहले भी ऐसे ही खुद के वाउचर बनवाकर रुपये हजम कर लिए। इसमें सचिव भी प्रधानों का पूरा साथ दे रहे हैं और वाउचर पर अपने भी हस्ताक्षर करने के साथ ही मुहर लगा रहे हैं।
सिसाना में अफसरों के नाम पर खाली हो रहा खाता
सिसाना गांव में लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए मिलने वाले सरकारी बजट को अफसरों के नाम पर उड़ाया जा रहा है। कलक्ट्रेट के पास जिस ऑफिसर कॉलोनी में एडीएम, एसडीएम, सीडीओ समेत अन्य अधिकारी रहते हैं, उसमें सिसाना गांव का लाखों रुपये से ज्यादा का बजट खर्च दिखाया गया।
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ऑफिसर कॉलोनी के पार्क में पौधे लगाने व घास कटाई पर 99 हजार रुपये खर्च दिखाए गए हैं और उसका भुगतान 25 अगस्त को किया गया है। ऑफिसर कॉलोनी में रंगाई-पुताई और संचारी रोक नियंत्रण के बैनर लगाने के नाम पर पंचायत के खाते से 25 अगस्त को 21 हजार रुपये निकाले गए। ऑफिसर कॉलोनी का नाला साफ कराने के लिए 30 हजार रुपये निकाले गए।
वाउचर में लिखा, डीएम के मौखिक निर्देश पर हुआ भुगतान
दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे के किनारे डीएम आवास के पास कूड़ा का ढेर लगा रहता है। उस कूड़े को उठाने के नाम पर सिसाना गांव के खाते से लाखों रुपये निकाले जा रहे हैं। सबसे पहले 25 अप्रैल को 19,900 रुपये निकाले गए और उस वाउचर में लिखा गया कि डीएम के मौखिक निर्देश पर यह भुगतान किया गया। इसके बाद चार बार इस तरह ही वाउचर से कूड़ा उठाने के नाम पर रुपये निकाले गए। 4 अगस्त को भी नेशनल हाईवे के किनारे से कूड़ा उठाने के नाम पर 35 हजार रुपये निकाले गए। खाते से रुपये साफ होते जा रहे हैं, मगर वहां से कूड़ा अभी तक साफ नहीं हो सका है। संवाद
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गांव में सफाई कराई गई थी, मगर मेरे नाम से वाउचर बनकर रुपये कैसे निकले हैं। इस बारे में सचिव से बात की जाएगी। इस तरह मेरे नाम से रुपये निकले हैं तो यह गलत है।
-गीता, प्रधान नैथला
गांवों में विकास के लिए आने वाले रुपयों को इस तरह से फर्जीवाड़ा करके निकाला जा रहा तो यह गलत है। सभी जगह की जांच कराकर उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-अनिल कुमार सिंह, सीडीओ
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इस तरह से एक बार नहीं हुआ है। प्रधान ने कई बार पहले भी ऐसे ही खुद के वाउचर बनवाकर रुपये हजम कर लिए। इसमें सचिव भी प्रधानों का पूरा साथ दे रहे हैं और वाउचर पर अपने भी हस्ताक्षर करने के साथ ही मुहर लगा रहे हैं।
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सिसाना में अफसरों के नाम पर खाली हो रहा खाता
सिसाना गांव में लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए मिलने वाले सरकारी बजट को अफसरों के नाम पर उड़ाया जा रहा है। कलक्ट्रेट के पास जिस ऑफिसर कॉलोनी में एडीएम, एसडीएम, सीडीओ समेत अन्य अधिकारी रहते हैं, उसमें सिसाना गांव का लाखों रुपये से ज्यादा का बजट खर्च दिखाया गया।
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ऑफिसर कॉलोनी के पार्क में पौधे लगाने व घास कटाई पर 99 हजार रुपये खर्च दिखाए गए हैं और उसका भुगतान 25 अगस्त को किया गया है। ऑफिसर कॉलोनी में रंगाई-पुताई और संचारी रोक नियंत्रण के बैनर लगाने के नाम पर पंचायत के खाते से 25 अगस्त को 21 हजार रुपये निकाले गए। ऑफिसर कॉलोनी का नाला साफ कराने के लिए 30 हजार रुपये निकाले गए।
वाउचर में लिखा, डीएम के मौखिक निर्देश पर हुआ भुगतान
दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे के किनारे डीएम आवास के पास कूड़ा का ढेर लगा रहता है। उस कूड़े को उठाने के नाम पर सिसाना गांव के खाते से लाखों रुपये निकाले जा रहे हैं। सबसे पहले 25 अप्रैल को 19,900 रुपये निकाले गए और उस वाउचर में लिखा गया कि डीएम के मौखिक निर्देश पर यह भुगतान किया गया। इसके बाद चार बार इस तरह ही वाउचर से कूड़ा उठाने के नाम पर रुपये निकाले गए। 4 अगस्त को भी नेशनल हाईवे के किनारे से कूड़ा उठाने के नाम पर 35 हजार रुपये निकाले गए। खाते से रुपये साफ होते जा रहे हैं, मगर वहां से कूड़ा अभी तक साफ नहीं हो सका है। संवाद
गांव में सफाई कराई गई थी, मगर मेरे नाम से वाउचर बनकर रुपये कैसे निकले हैं। इस बारे में सचिव से बात की जाएगी। इस तरह मेरे नाम से रुपये निकले हैं तो यह गलत है।
-गीता, प्रधान नैथला
गांवों में विकास के लिए आने वाले रुपयों को इस तरह से फर्जीवाड़ा करके निकाला जा रहा तो यह गलत है। सभी जगह की जांच कराकर उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-अनिल कुमार सिंह, सीडीओ