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Baghpat News: रिश्वत मामले में बाल संरक्षण अधिकारी की सेवा समाप्त
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बागपत। महिला कल्याण विभाग में आउटसोर्स पर सहायक लेखाकार पद पर भर्ती कराने के नाम पर एक रुपये मांगने वाली जिला बार संरक्षण अधिकारी दीपांजलि की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
एडीएम की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। दीपांजलि पिछले पांच साल से ज्यादा समय से संविदा पर इस पद पर कार्यरत थीं। बड़ौत के आजाद नगर काॅलोनी में रहने वाले रवि ठाकुर ने डीएम को व्हाट्सएप कॉल पर हुई बातचीत की वीडियो रिकॉर्ड करके शिकायत भेजी थी। उसने बताया था कि उसने महिला कल्याण विभाग में आउटसोर्स की भर्ती में सहायक लेखाकार पद के लिए आवेदन किया था। साक्षात्कार के लिए 10 जुलाई 2025 को बुलाया गया था। उसने आरोप लगाया था कि चयन प्रक्रिया से पहले ही महिला कल्याण विभाग में संविदा पर कार्यरत बाल संरक्षण अधिकारी दीपांजलि ने एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। 50 हजार रुपये पहले व 50 हजार रुपये नौकरी लगने पर वेतन मिलने पर देने के लिए कहा गया था।
उसकी शिकायत पर डीएम ने मामले की जांच एडीएम न्यायिक शिवनारायण को सौंपी थी। उनकी जांच रिपोर्ट में आरोप सही मिले और उसके आधार पर बाल संरक्षण अधिकारी दीपांजलि की सेवाएं समाप्त कर दी गईं।
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एडीएम की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। दीपांजलि पिछले पांच साल से ज्यादा समय से संविदा पर इस पद पर कार्यरत थीं। बड़ौत के आजाद नगर काॅलोनी में रहने वाले रवि ठाकुर ने डीएम को व्हाट्सएप कॉल पर हुई बातचीत की वीडियो रिकॉर्ड करके शिकायत भेजी थी। उसने बताया था कि उसने महिला कल्याण विभाग में आउटसोर्स की भर्ती में सहायक लेखाकार पद के लिए आवेदन किया था। साक्षात्कार के लिए 10 जुलाई 2025 को बुलाया गया था। उसने आरोप लगाया था कि चयन प्रक्रिया से पहले ही महिला कल्याण विभाग में संविदा पर कार्यरत बाल संरक्षण अधिकारी दीपांजलि ने एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। 50 हजार रुपये पहले व 50 हजार रुपये नौकरी लगने पर वेतन मिलने पर देने के लिए कहा गया था।
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उसकी शिकायत पर डीएम ने मामले की जांच एडीएम न्यायिक शिवनारायण को सौंपी थी। उनकी जांच रिपोर्ट में आरोप सही मिले और उसके आधार पर बाल संरक्षण अधिकारी दीपांजलि की सेवाएं समाप्त कर दी गईं।
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