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कोरोना : गर्भावस्था में खास ध्यान रखें महिलाएं
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कोरोना : गर्भावस्था में खास ध्यान रखें महिलाएं
हमेशा उपलब्ध होनी चाहिए ऑक्सीजन, बरतें एहतियात
बड़ौत। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए हाई रिस्क श्रेणी के लोगों को विशेष एहतियात बरतना होगा। छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति और गर्भवती की इम्युनिटी कमजोर होती है।
डब्ल्यूएचओ का मानना है कि कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं के जरिये गर्भस्थ शिशु में यह वायरस नहीं फैलता है। यह बात कोविड-19 पाजिटिव गर्भवती पर किए गए टेस्ट के आधार पर कही गई। फिर भी डॉक्टर, महिला और अजन्मे बच्चे के संक्रमण रहित होने के लिए पूरी एहतियात बरतने पर जोर दे रहे हैं।
सीएचसी अधीक्षक डा. विजय कुमार ने बताया कि गर्भवती की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है, जिससे उनमें श्वसन तंत्र या फेफड़ों के इंफेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है। गर्भावस्था सात महीने का है, तो महिला को घर पर ही अपने भ्रूण के मूवमेंट का ध्यान रखना चाहिए। अगर गर्भवती कोरोना की शिकार हो जाती है, तो उसके लिए हमेशा ऑक्सीजन की व्यवस्था होनी चाहिए। गर्भावस्था के समय महिलाओं को भोजन में कार्बोहाइड्रेट, फैट, प्रोटीन, विटामिन, हाई फाइबर व मिनरल्स आदि को शामिल करना चाहिए। बादाम, हल्दी, अदरक, लहसुन आदि का सेवन करना चाहिए।
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हमेशा उपलब्ध होनी चाहिए ऑक्सीजन, बरतें एहतियात
बड़ौत। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए हाई रिस्क श्रेणी के लोगों को विशेष एहतियात बरतना होगा। छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति और गर्भवती की इम्युनिटी कमजोर होती है।
डब्ल्यूएचओ का मानना है कि कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं के जरिये गर्भस्थ शिशु में यह वायरस नहीं फैलता है। यह बात कोविड-19 पाजिटिव गर्भवती पर किए गए टेस्ट के आधार पर कही गई। फिर भी डॉक्टर, महिला और अजन्मे बच्चे के संक्रमण रहित होने के लिए पूरी एहतियात बरतने पर जोर दे रहे हैं।
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सीएचसी अधीक्षक डा. विजय कुमार ने बताया कि गर्भवती की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है, जिससे उनमें श्वसन तंत्र या फेफड़ों के इंफेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है। गर्भावस्था सात महीने का है, तो महिला को घर पर ही अपने भ्रूण के मूवमेंट का ध्यान रखना चाहिए। अगर गर्भवती कोरोना की शिकार हो जाती है, तो उसके लिए हमेशा ऑक्सीजन की व्यवस्था होनी चाहिए। गर्भावस्था के समय महिलाओं को भोजन में कार्बोहाइड्रेट, फैट, प्रोटीन, विटामिन, हाई फाइबर व मिनरल्स आदि को शामिल करना चाहिए। बादाम, हल्दी, अदरक, लहसुन आदि का सेवन करना चाहिए।
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