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Baghpat News: रालोद की कार्यकारिणी पर विवाद, दो दिन में भंग करनी पड़ी
Mon, 10 Apr 2023 06:39 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Mon, 10 Apr 2023 06:39 PM IST
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- उपाध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारियों की भरमार करने पर हुआ विवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। रालोद की जिला कार्यकारिणी पर विवाद हो गया है और उसे दो दिन में भंग करना पड़ा। जिला उपाध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारियों की भरमार करने पर विवाद होने की बात कही जा रही है, जिस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आपत्ति जताई। इस कारण ही अब आचार संहिता का हवाला देते हुए चुनाव के बाद कार्यकारिणी को दोबारा घोषित करने की बात कही गई है।
रालोद के क्षेत्रीय संगठन महासचिव और पूर्व विधायक दिलनवाज खान के साथ ही जिलाध्यक्ष रामपाल धामा ने दो दिन पहले कार्यक्रम करके जिला कार्यकारिणी की घोषणा की थी। जिसमें 17 उपाध्यक्ष, 30 महासचिव, 35 सचिव और 76 आमंत्रित सदस्य बना दिए गए थे। इस तरह से जिला कार्यकारिणी में पदाधिकारियों की भरमार कर दी गई थी। इस कार्यकारिणी में कई नेताओं को शामिल किए जाने पर उसी दिन से विवाद शुरू हो गया था।
यह विवाद राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह के पास तक भी पहुंचा। जिसके बाद कार्यकारिणी को भंग करने के लिए कहा गया। जिससे दो दिन में कार्यकारिणी को भंग करना पड़ा। हालांकि पूर्व विधायक दिलनवाज खान ने सफाई देते हुए कहा कि कई जिलों में कार्यकारिणी का गठन नहीं हो सका है और अब कार्यकारिणी गठन करने पर वह प्रचार करेंगे जो आचार संहिता का उल्लंघन होगा। इसलिए बागपत की कार्यकारिणी भी भंग की जा रही है, जिससे सभी जिलों में चुनाव बाद कार्यकारिणी की घोषणा की जा सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। रालोद की जिला कार्यकारिणी पर विवाद हो गया है और उसे दो दिन में भंग करना पड़ा। जिला उपाध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारियों की भरमार करने पर विवाद होने की बात कही जा रही है, जिस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आपत्ति जताई। इस कारण ही अब आचार संहिता का हवाला देते हुए चुनाव के बाद कार्यकारिणी को दोबारा घोषित करने की बात कही गई है।
रालोद के क्षेत्रीय संगठन महासचिव और पूर्व विधायक दिलनवाज खान के साथ ही जिलाध्यक्ष रामपाल धामा ने दो दिन पहले कार्यक्रम करके जिला कार्यकारिणी की घोषणा की थी। जिसमें 17 उपाध्यक्ष, 30 महासचिव, 35 सचिव और 76 आमंत्रित सदस्य बना दिए गए थे। इस तरह से जिला कार्यकारिणी में पदाधिकारियों की भरमार कर दी गई थी। इस कार्यकारिणी में कई नेताओं को शामिल किए जाने पर उसी दिन से विवाद शुरू हो गया था।
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यह विवाद राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह के पास तक भी पहुंचा। जिसके बाद कार्यकारिणी को भंग करने के लिए कहा गया। जिससे दो दिन में कार्यकारिणी को भंग करना पड़ा। हालांकि पूर्व विधायक दिलनवाज खान ने सफाई देते हुए कहा कि कई जिलों में कार्यकारिणी का गठन नहीं हो सका है और अब कार्यकारिणी गठन करने पर वह प्रचार करेंगे जो आचार संहिता का उल्लंघन होगा। इसलिए बागपत की कार्यकारिणी भी भंग की जा रही है, जिससे सभी जिलों में चुनाव बाद कार्यकारिणी की घोषणा की जा सके।
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