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विद्युत तार जोड़ते समय संविदाकर्मी की करंट से मौत
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बागपत के खेकड़ा में लाइनमैन आकाश की मौत के बाद पाठशाला रोड पर जाम लगाकर बैठे मृतक के परिजन।
- फोटो : KAHKRA
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आधा घंटे तक शव तारों में ही उलझा रहा, अन्य साथियों ने जान जोखिम में डालकर उतारा
परिजनों ने एसएसओ पर शटडाउन के बावजूद विद्युत सप्लाई चालू करने का लगाया आरोप
विरोध में पाठशाला मार्ग पर शव रखकर जाम लगाया, अफसरों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा (बागपत)। खेकड़ा नगर के जंगल में विद्युत लाइन के टूटे तार को जोड़ते समय संविदा कर्मी लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गई। उसका शव आधे घंटे तक विद्युत तार पर ही लटकता रहा। साथी संविदा कर्मियों ने जान जोखिम में डालकर उसके शव को नीचे उतारा। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने एसएसओ पर शटडाउन के बावजूद विद्युत आपूर्ति चालू करने का आरोप लगाते हुए शव को पाठशाला मार्ग पर जाम लगा दिया। पुलिस क्षेत्राधिकारी और विद्युत निगम के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये की सहायता राशि और उसकी पत्नी को नौकरी दिलवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
मोहल्ला रामपुर निवासी आकाश (24) और उसका बड़ा भाई विकास पुत्र रमेश चंद संविदा कर्मी लाइनमैन है। बुधवार की सुबह जंगल में फखरपुर रोड पर बिजली लाइन का तार टूट गया। इसकी सूचना पर आकाश शटडाउन लेकर अपने भाई विकास और लाइनमैन सचिन के साथ तार जोड़ने के लिए मौके पर पहुंच गया। आकाश बिजली खंभे पर चढ़कर तार जोड़ने लगा। इसी दौरान विद्युत लाइन में करंट प्रवाहित होने से आकाश की मौके पर ही मौत हो गई। यह देख विकास और सचिन के होश उड़ गए। उन्होंने विद्युत निगम के अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। करीब आधा घंटे बाद दोनों ने जान जोखिम में डालकर उसके शव को किसी तरह नीचे उतारा। परिजनों को सूचना देकर शव को लेकर बिजलीघर पहुंच गए। शव देखकर एसएसओ गजेंद्र मौके से फरार हो गया। परिजनों ने एसएसओ पर शटडाउन होने के बावजूद विद्युत लाइन में करंट छोड़ने का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। मृतक की मां सावित्री, पत्नी प्रियंका भी दो बच्चों को लेकर रोते बिलखते मौके पर पहुंच गई। दो घंटे तक विभागीय अधिकारियों के ना पहुंचने पर शव को पाठशाला मार्ग को जाम कर दिया।
इसकी सूचना मिलते ही पुलिस क्षेत्राधिकारी विजय चौधरी, कोतवाली प्रभारी दीक्षित कुमार त्यागी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। विद्युत निगम ग्रामीण क्षेत्र के एसडीओ इंद्रभान सिंह भी मौके पर पहुंच गए और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। एसडीओ ने पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि और मृतक की पत्नी प्रियंका को नौकरी दिलवाने का आश्वासन दिया। सहायता राशि के लिए साथ साथ ही उनका ऑनलाइन आवेदन भी करा दिया। इसके बाद परिजनों ने शव पुलिस को सौंपा। पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
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विद्युत निगम के अधिकारी नहीं करते खेकड़ा में निवास
खेकड़ा देहात बिजलीघर पर दो एसडीओ और दो जेई नियुक्त है। इनमें एक एसडीओ संजय कुमार और जेई पंकज कुमार पर नगर का कार्यभार है, जबकि एसडीओ इंद्रभान सिंह ओर जेई सतीश मौर्य पर देहात क्षेत्र का कार्यभार है। इन चारों अधिकारियों में से रात में यहां कोई भी निवास नहीं करता। दोपहर होते ही ये सभी मेरठ और गाजियाबाद चले जाते है। नगरवासी कई बार इनकी शिकायत भी कर चुके है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
आशंका है कि विद्युत लाइन में बैक करंट दौड़ा होगा, जिसकी चपेट में आकर आकाश की मौत हुई होगी। इस संबंध में एसएसओ की कार्यप्रणाली की भी जांच की जाएगी। - इंद्रभान सिंह, एसडीओ।
परिवार में मचा कोहराम, रो-रोकर बुरा हाल
आकाश की तीन वर्ष पूर्व ही शादी हुई थी। उसके दो बच्चे है। बड़ी पुत्री डेढ़ वर्ष की पायल और सात माह का छोटा पुत्र आयुष है। आकाश की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी प्रियंका और मां सावित्री का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पत्नी रोते हुए अपने सात माह के पुत्र आयुष को आकाश के सीने पर बैठाकर पिता को नींद से जगाने के लिए बोलती रही। यह देख कर हर किसी की आंख नम हो गई।
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परिजनों ने एसएसओ पर शटडाउन के बावजूद विद्युत सप्लाई चालू करने का लगाया आरोप
विरोध में पाठशाला मार्ग पर शव रखकर जाम लगाया, अफसरों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा (बागपत)। खेकड़ा नगर के जंगल में विद्युत लाइन के टूटे तार को जोड़ते समय संविदा कर्मी लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गई। उसका शव आधे घंटे तक विद्युत तार पर ही लटकता रहा। साथी संविदा कर्मियों ने जान जोखिम में डालकर उसके शव को नीचे उतारा। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने एसएसओ पर शटडाउन के बावजूद विद्युत आपूर्ति चालू करने का आरोप लगाते हुए शव को पाठशाला मार्ग पर जाम लगा दिया। पुलिस क्षेत्राधिकारी और विद्युत निगम के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये की सहायता राशि और उसकी पत्नी को नौकरी दिलवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
मोहल्ला रामपुर निवासी आकाश (24) और उसका बड़ा भाई विकास पुत्र रमेश चंद संविदा कर्मी लाइनमैन है। बुधवार की सुबह जंगल में फखरपुर रोड पर बिजली लाइन का तार टूट गया। इसकी सूचना पर आकाश शटडाउन लेकर अपने भाई विकास और लाइनमैन सचिन के साथ तार जोड़ने के लिए मौके पर पहुंच गया। आकाश बिजली खंभे पर चढ़कर तार जोड़ने लगा। इसी दौरान विद्युत लाइन में करंट प्रवाहित होने से आकाश की मौके पर ही मौत हो गई। यह देख विकास और सचिन के होश उड़ गए। उन्होंने विद्युत निगम के अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। करीब आधा घंटे बाद दोनों ने जान जोखिम में डालकर उसके शव को किसी तरह नीचे उतारा। परिजनों को सूचना देकर शव को लेकर बिजलीघर पहुंच गए। शव देखकर एसएसओ गजेंद्र मौके से फरार हो गया। परिजनों ने एसएसओ पर शटडाउन होने के बावजूद विद्युत लाइन में करंट छोड़ने का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। मृतक की मां सावित्री, पत्नी प्रियंका भी दो बच्चों को लेकर रोते बिलखते मौके पर पहुंच गई। दो घंटे तक विभागीय अधिकारियों के ना पहुंचने पर शव को पाठशाला मार्ग को जाम कर दिया।
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इसकी सूचना मिलते ही पुलिस क्षेत्राधिकारी विजय चौधरी, कोतवाली प्रभारी दीक्षित कुमार त्यागी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। विद्युत निगम ग्रामीण क्षेत्र के एसडीओ इंद्रभान सिंह भी मौके पर पहुंच गए और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। एसडीओ ने पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि और मृतक की पत्नी प्रियंका को नौकरी दिलवाने का आश्वासन दिया। सहायता राशि के लिए साथ साथ ही उनका ऑनलाइन आवेदन भी करा दिया। इसके बाद परिजनों ने शव पुलिस को सौंपा। पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
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विद्युत निगम के अधिकारी नहीं करते खेकड़ा में निवास
खेकड़ा देहात बिजलीघर पर दो एसडीओ और दो जेई नियुक्त है। इनमें एक एसडीओ संजय कुमार और जेई पंकज कुमार पर नगर का कार्यभार है, जबकि एसडीओ इंद्रभान सिंह ओर जेई सतीश मौर्य पर देहात क्षेत्र का कार्यभार है। इन चारों अधिकारियों में से रात में यहां कोई भी निवास नहीं करता। दोपहर होते ही ये सभी मेरठ और गाजियाबाद चले जाते है। नगरवासी कई बार इनकी शिकायत भी कर चुके है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
आशंका है कि विद्युत लाइन में बैक करंट दौड़ा होगा, जिसकी चपेट में आकर आकाश की मौत हुई होगी। इस संबंध में एसएसओ की कार्यप्रणाली की भी जांच की जाएगी। - इंद्रभान सिंह, एसडीओ।
परिवार में मचा कोहराम, रो-रोकर बुरा हाल
आकाश की तीन वर्ष पूर्व ही शादी हुई थी। उसके दो बच्चे है। बड़ी पुत्री डेढ़ वर्ष की पायल और सात माह का छोटा पुत्र आयुष है। आकाश की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी प्रियंका और मां सावित्री का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पत्नी रोते हुए अपने सात माह के पुत्र आयुष को आकाश के सीने पर बैठाकर पिता को नींद से जगाने के लिए बोलती रही। यह देख कर हर किसी की आंख नम हो गई।