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इकनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में कलक्ट्रेट का घेराव
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बागपत। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में सोमवार को कई गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट का घेराव किया। ट्रैक्टरों पर सवार होकर पहुंचे ग्रामीणों ने भूमि अधिग्रहण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए डीएम कार्यालय पर धरना दिया। साथ ही सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा। मांग पूरी न होने पर भूमि अधिग्रहण का पुरजोर विरोध करने का एलान किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के प्रस्तावित निर्माण के लिए 3ए की आपत्तियों की सुनवाई किए बिना ही 3डी का प्रकाशन कर दिया है। आपत्तियों का नोटिस किसानों को सुनवाई की तिथि के एक सप्ताह बाद प्राप्त हुआ। यह अधिकतर किसानों को प्राप्त नहीं हुआ। आरोप है कि निर्माण के लिए मौके पर कोई निशानदेही नहीं की गई। किसानों को यह भी पता नहीं है कि उसकी कितनी भूमि अधिगृहीत की जा रही है। निशानदेही के अभाव में भूमि मालिक आपत्ति कैसे दर्ज कराएंगे। इससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
टटीरी राजस्व रिकॉर्ड में टटीरी ग्राम दर्ज है जबकि 3ए और 3डी नोटिफिकेशन में शहरी दर्शाया गया है। जिससे ग्रामीणों को कम मुआवजा मिले। कॉरिडोर के दोनों ओर सर्विस रोड देने की भी मांग की। जिससे किसान खेतों में आसानी तक पहुंच सके। टटीरी में मेरठ-बागपत मार्ग पर दर्जनों व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। मुख्य मार्ग से दोनों ओर 200 मीटर दूरी तक की भूमि को कॉमर्शियल माना जाना चाहिए। कॉरिडोर के लिए जो पिलर लगे हैं, उनके लिएगजट में दी गई पैमाइश में कहीं अधिक भूमि जा रही है। इसकी आपत्ति का भी निस्तारण नहीं हुआ है।
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किसानों ने कहा कि एसडीएम कार्यालय में अपील रिसीव करने वाला व्यक्ति अधिकांश समय अपनी सीट पर नहीं होता है। यदि होता भी है तो बहाना बनाकर आपत्ति लेने से मना कर देता है। मवीकलां गांव में प्रस्तावित अधिगृहीत भूमि में अधिकतर पर मकान या दुकान हैं। यहां पर सर्किल रेट 13500 है, लेकिन बैनामा में 19500 तक है। बैनामे मुख्य मार्ग से ढाई सौ मीटर तक किए गए हैं। उन पर कॉमर्शियल स्टांप लिया गया है। अधिग्रहण सूची में कॉमर्शियल भूमि का रेट 42000 प्रति मीटर है। भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के अनुसार सर्किल रेट अथवा बैनामे में जो भी अधिक हो उसका चार गुना मुआवजा दिया जाना चाहिए। किसानों की समय से आपत्ति और समस्याओं का निस्तारण न होने पर अधिग्रहण का विरोध करने की चेतावनी दी।
यहां चेयरमैन कृष्णपाल मवीकलां, प्रहलाद डायरेक्टर, विनय, बिल्लू, मनोज आर्य, बृजेश, डॉ. विनोद चेयरमैन, नीरज राजपूत, नीरज चौधरी, प्रवीण कुमार, पवन कुमार, विजेंद्र सभासद, ब्रह्मपाल, वीनू सहदेव, धीर सिंह, प्रीतम, महावीर, रणवीर सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।
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ग्रामीणों का आरोप है कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के प्रस्तावित निर्माण के लिए 3ए की आपत्तियों की सुनवाई किए बिना ही 3डी का प्रकाशन कर दिया है। आपत्तियों का नोटिस किसानों को सुनवाई की तिथि के एक सप्ताह बाद प्राप्त हुआ। यह अधिकतर किसानों को प्राप्त नहीं हुआ। आरोप है कि निर्माण के लिए मौके पर कोई निशानदेही नहीं की गई। किसानों को यह भी पता नहीं है कि उसकी कितनी भूमि अधिगृहीत की जा रही है। निशानदेही के अभाव में भूमि मालिक आपत्ति कैसे दर्ज कराएंगे। इससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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टटीरी राजस्व रिकॉर्ड में टटीरी ग्राम दर्ज है जबकि 3ए और 3डी नोटिफिकेशन में शहरी दर्शाया गया है। जिससे ग्रामीणों को कम मुआवजा मिले। कॉरिडोर के दोनों ओर सर्विस रोड देने की भी मांग की। जिससे किसान खेतों में आसानी तक पहुंच सके। टटीरी में मेरठ-बागपत मार्ग पर दर्जनों व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। मुख्य मार्ग से दोनों ओर 200 मीटर दूरी तक की भूमि को कॉमर्शियल माना जाना चाहिए। कॉरिडोर के लिए जो पिलर लगे हैं, उनके लिएगजट में दी गई पैमाइश में कहीं अधिक भूमि जा रही है। इसकी आपत्ति का भी निस्तारण नहीं हुआ है।
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किसानों ने कहा कि एसडीएम कार्यालय में अपील रिसीव करने वाला व्यक्ति अधिकांश समय अपनी सीट पर नहीं होता है। यदि होता भी है तो बहाना बनाकर आपत्ति लेने से मना कर देता है। मवीकलां गांव में प्रस्तावित अधिगृहीत भूमि में अधिकतर पर मकान या दुकान हैं। यहां पर सर्किल रेट 13500 है, लेकिन बैनामा में 19500 तक है। बैनामे मुख्य मार्ग से ढाई सौ मीटर तक किए गए हैं। उन पर कॉमर्शियल स्टांप लिया गया है। अधिग्रहण सूची में कॉमर्शियल भूमि का रेट 42000 प्रति मीटर है। भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के अनुसार सर्किल रेट अथवा बैनामे में जो भी अधिक हो उसका चार गुना मुआवजा दिया जाना चाहिए। किसानों की समय से आपत्ति और समस्याओं का निस्तारण न होने पर अधिग्रहण का विरोध करने की चेतावनी दी।
यहां चेयरमैन कृष्णपाल मवीकलां, प्रहलाद डायरेक्टर, विनय, बिल्लू, मनोज आर्य, बृजेश, डॉ. विनोद चेयरमैन, नीरज राजपूत, नीरज चौधरी, प्रवीण कुमार, पवन कुमार, विजेंद्र सभासद, ब्रह्मपाल, वीनू सहदेव, धीर सिंह, प्रीतम, महावीर, रणवीर सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।