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Baghpat News: डायरिया के चपेट में आ रहे बच्चे, अस्पताल में बढ़ रही संख्या
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- चिकित्सक दे रहे समय पर इलाज और बच्चों का ख्याल रखने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बरसात के मौसम में बच्चे डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में अस्पताल में डायरिया से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी है। चिकित्सक लोगों को बच्चों का ध्यान रखने और रखा हुआ खाना न देने की सलाह दे रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सत्यप्रकाश का कहना है कि बरसात के दिनों में बच्चों का अधिक ध्यान रखने की जरूरत होती है। कई बार बच्चों को डायरिया, उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हो जाती है। उन्होंने बताया कि छह माह से एक साल के बच्चों में डायरिया होने का अधिक खतरा रहता है। डायरिया होने पर बच्चे के शरीर में पानी की कमी हो जाती है। जिससे बच्चे की हालत ज्यादा बिगड़ सकती है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में रोजाना 10-15 बच्चे डायरिया के इलाज के लिए आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिन बच्चों में पोषण की कमी है, उन्हें बीमारी का अधिक खतरा रहता है। बारिश के मौसम में कुपोषित बच्चों का अधिक ध्यान रखने की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि डायरिया होने पर बच्चों को ओआरएस घोल के साथ दूध-दही और तरल पदार्थों का अधिक सेवन कराना चाहिए। उन्होंने बच्चों को बीमारी से बचाव के लिए रोटा वायरस का टीका लगवाने की भी सलाह दी है।
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बागपत। बरसात के मौसम में बच्चे डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में अस्पताल में डायरिया से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी है। चिकित्सक लोगों को बच्चों का ध्यान रखने और रखा हुआ खाना न देने की सलाह दे रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सत्यप्रकाश का कहना है कि बरसात के दिनों में बच्चों का अधिक ध्यान रखने की जरूरत होती है। कई बार बच्चों को डायरिया, उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हो जाती है। उन्होंने बताया कि छह माह से एक साल के बच्चों में डायरिया होने का अधिक खतरा रहता है। डायरिया होने पर बच्चे के शरीर में पानी की कमी हो जाती है। जिससे बच्चे की हालत ज्यादा बिगड़ सकती है।
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उन्होंने बताया कि अस्पताल में रोजाना 10-15 बच्चे डायरिया के इलाज के लिए आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिन बच्चों में पोषण की कमी है, उन्हें बीमारी का अधिक खतरा रहता है। बारिश के मौसम में कुपोषित बच्चों का अधिक ध्यान रखने की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि डायरिया होने पर बच्चों को ओआरएस घोल के साथ दूध-दही और तरल पदार्थों का अधिक सेवन कराना चाहिए। उन्होंने बच्चों को बीमारी से बचाव के लिए रोटा वायरस का टीका लगवाने की भी सलाह दी है।
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