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कुर्सी खाली और अफसर व कर्मचारी नदारद

Wed, 25 Aug 2021 11:24 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 25 Aug 2021 11:24 PM IST
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Chair vacant and officers and employees absent
सुबह 10.50 बजे खाली पड़ी डीआईओएस रविन्द्र सिंह की कुर्सी - फोटो : BAGHPAT
हाल ए शिक्षा विभाग
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- बीएसए और डीआईओएस कार्यालयों के कई कक्षों में सुबह दस बजे के बाद भी लटका मिला ताला
- समस्या लेकर पहुंचने वाले काटते रहते है दफ्तरों के चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। शिक्षा विभाग के कार्यालयों में अव्यवस्था हावी है। सेवानिवृत्त शिक्षक और कर्मी अपनी समस्याएं लेकर पहले पहुंच जाते है और अधिकारी व कर्मचारी देरी से पहुंचते है। हालात यह है कि बीएसए व डीआईओएस कार्यालय में कई कक्ष पर सुबह दस बजे के बाद तक ताला लटका रहता है। अगर कोई कर्मी समय पर पहुंचते है तो वह अपनी सीट पर नहीं बैठते है। इससे कार्यालयों में समस्या के समाधान के लिए आने वालों को इंतजार करना पड़ता है तो उनको खूब चक्कर भी कटाए जाते है। बुधवार को अमर उजाला की टीम ने बीएसए कार्यालय और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की पड़ताल की। कार्यालय में कुछ कर्मचारी उपस्थित मिले तो कुछ कार्यालय में ताला लटका मिला। समय से पहुंचने वाले कर्मचारी अपनी सीट पर बैठने की जगह इधर-उधर घूमते मिले।
सुबह 10 बजकर 5 मिनट: बीएसए कार्यालय
बीएसए कार्यालय में स्टेनो कक्ष, वरिष्ठ सहायक के कक्ष पर ताला लटका हुआ था। लेखाकार पहुंचे जरूर थे, लेकिन उनका कार्यालय खाली पड़ा था और वह गेट पर खड़े थे। कार्यालय में एक लिपिक विकास अपनी सीट पर कार्य करता हुआ मिला। वित्त एवं लेखाधिकारी का कार्यालय बंद मिला तो बीएसए का कार्यालय खोला जरूर गया, लेकिन कुर्सी खाली मिली। कर्मचारियों ने दावा किया कि कुछ देर में वित्त एवं लेखाधिकारी व बीएसए आने वाले है। दस बजकर दस मिनट पर कार्यालय पहुंचे स्टेनो सतबीर का अजीब तर्क था कि आने में दस-पांच मिनट की देरी हो जाती है।
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दस बजकर सात मिनट : जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में वित्त एवं लेखाधिकारी और वरिष्ठ सहायक संजीव सिरोही, कंप्यूटर ऑपरेटर जसविंद्र सिंह का कार्यालय बंद मिला। जिला विद्यालय निरीक्षक का कार्यालय खुला मिला, लेकिन कुर्सी खाली पड़ी थी। कार्यालय के कर्मचारियों ने बताया कि मंगलवार को पीईटी की परीक्षा के कारण देर रात तक कार्य चला। इसके कारण जिला विद्यालय निरीक्षक अभी तक कार्यालय नहीं पहुंच पाए है।
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लोगों को उठानी पड़ती है परेशानी
अधिकारी को सुबह दस बजे से 12 बजे तक कार्यालय में लोगों की समस्याएं सुनने के लिए बैठने का शासन का आदेश है, जिससे उनकी समस्याओं का निस्तारण हो सके। मगर बुधवार को बीएसए व जिला विद्यालय निरीक्षण कार्यालय में सुबह दस बजकर 40 मिनट तक भी बीएसए और डीआईओएस कार्यालय नहीं पहुंचे, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। जिविनि कार्यालय पहुंचे खेड़ा हटाना के सेवानिवृत्त शिक्षक का कहना था कि उनका तीन माह का एरियर रुका हुआ है और वह छह माह से कार्यालय के चक्कर लगा रहे है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। कार्यालय में कभी अधिकारी तो कभी कर्मचारी न मिलने के कारण कार्य अटका पड़ा है। सुल्तानपुर हटाना का मोहित बुधवार को प्रवेश के लिए काउंटर हस्ताक्षर कराने के लिए कार्यालय पहुंचा, मगर जिला विद्यालय निरीक्षक के नहीं मिलने पर वह वापस लौट गया।

मेरी थोड़ी तबीयत खराब थी। इसलिए बुधवार को देरी से कार्यालय पहुंचा। मैं हमेशा कार्यालय में समय पर पहुंचता हूं। - राघवेंद्र सिंह, बीएसए।
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मंगलवार को पीईटी की परीक्षा होने के कारण कार्यालय में देर रात तक कार्य करते रहे। इसलिए ही कार्यालय में पहुंचने में देरी हुई है। हमारे यहां समस्याओं का समय पर निस्तारण किया जाता है। - रवींद्र सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक।
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