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ब्रह्मचर्य ही विद्यार्थी का शृंगार है : राजेन्द्र आर्य
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फोटो संख्या 3
बड़ौत। बावली चौक स्थित आर्य समाज पट्टी चौधरान कार्यालय व रेलवे रोड स्थित आर्य समाज प्रवचन हाल में रविवार को आयोजित साप्ताहिक यज्ञों में आर्यजनों ने आहुतियां देकर धर्मसभा उठाया।
ब्रह्मा राजेन्द्र आर्य ने कहा कि ब्रह्मचर्य जीवन का प्रथम सोपान है। मन वाणी एवं कर्म द्वारा सभी अवस्थाओं में सभी जगह संयम करना ब्रह्मचर्य है। वीर्य रक्षण के बिना अर्थात वीर्य रहित शरीर इस मिट्टी के दीपक के समान है, जो शीघ्र जल कर नष्ट हो जाया करता है। ब्रह्मचर्य तप द्वारा विद्वानों ने मृत्यु पर भी विजय पाई है। ब्रह्मचर्य ही विद्यार्थी का शृंगार है। स्वास्थ्य की प्रथम सीढ़ी व नींव ब्रह्मचर्य ही है। यदि किसी भवन की नींव कमजोर होगी, तो वह भवन कुछ ही समय में धराशायी हो जाएगा। ब्रह्मचर्य का पालन न करने पर शीघ्र ही उसके स्वास्थ्य का पतन हो जाएगा। महार्षि दयानन्द सरस्वती कहते हैं कि जिसके शरीर में वीर्य सुरक्षित रहता है, उनका आरोग्य बुद्धिबल, पराक्रम, आदि सुख को प्राप्त होता है। अश्लील चित्र, अश्लील साहित्य, स्त्री चिंतन आदि निषेध है, क्योंकि जैसा मनुष्य सोचता है वैसा ही कर्म करने लगता है। यजमान मयंक आर्य रहे। उधर, आर्य समाज पार्टी चौधरी द्वारा आयोजित यज्ञ के ब्राह्म जसवीर मलिक व यजमान विवेक आर्य रहे। इस अवसर पर हरवीर सिंह, डॉ. हरपाल सिंह, प्रीतम सिंह आर्य, डा़ ओमवीर, सतपाल पथौलिया, ओमप्रकाश, ओमपाल राठी, जसवीर मलिक आदि शामिल हैं।
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बड़ौत। बावली चौक स्थित आर्य समाज पट्टी चौधरान कार्यालय व रेलवे रोड स्थित आर्य समाज प्रवचन हाल में रविवार को आयोजित साप्ताहिक यज्ञों में आर्यजनों ने आहुतियां देकर धर्मसभा उठाया।
ब्रह्मा राजेन्द्र आर्य ने कहा कि ब्रह्मचर्य जीवन का प्रथम सोपान है। मन वाणी एवं कर्म द्वारा सभी अवस्थाओं में सभी जगह संयम करना ब्रह्मचर्य है। वीर्य रक्षण के बिना अर्थात वीर्य रहित शरीर इस मिट्टी के दीपक के समान है, जो शीघ्र जल कर नष्ट हो जाया करता है। ब्रह्मचर्य तप द्वारा विद्वानों ने मृत्यु पर भी विजय पाई है। ब्रह्मचर्य ही विद्यार्थी का शृंगार है। स्वास्थ्य की प्रथम सीढ़ी व नींव ब्रह्मचर्य ही है। यदि किसी भवन की नींव कमजोर होगी, तो वह भवन कुछ ही समय में धराशायी हो जाएगा। ब्रह्मचर्य का पालन न करने पर शीघ्र ही उसके स्वास्थ्य का पतन हो जाएगा। महार्षि दयानन्द सरस्वती कहते हैं कि जिसके शरीर में वीर्य सुरक्षित रहता है, उनका आरोग्य बुद्धिबल, पराक्रम, आदि सुख को प्राप्त होता है। अश्लील चित्र, अश्लील साहित्य, स्त्री चिंतन आदि निषेध है, क्योंकि जैसा मनुष्य सोचता है वैसा ही कर्म करने लगता है। यजमान मयंक आर्य रहे। उधर, आर्य समाज पार्टी चौधरी द्वारा आयोजित यज्ञ के ब्राह्म जसवीर मलिक व यजमान विवेक आर्य रहे। इस अवसर पर हरवीर सिंह, डॉ. हरपाल सिंह, प्रीतम सिंह आर्य, डा़ ओमवीर, सतपाल पथौलिया, ओमप्रकाश, ओमपाल राठी, जसवीर मलिक आदि शामिल हैं।
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