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बॉयो इन्फरमेटिक्स विषय ही भविष्य : डॉ. रामकरण शर्मा
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बड़ौत। जनता वैदिक कॉलेज बड़ौत के बॉयो इंफरमेटिक्स विभाग के तत्वावधान में ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया। इसमें सऊदी अरब से वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रामकरण शर्मा ने बच्चों को भविष्य को लेकर मार्ग दर्शित किया।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण सोलंकी के मार्गदर्शन में आयोजित वेबिनार में वैज्ञानिक डॉ. रामकरण शर्मा, शोधकर्ता आईआईटी रीतू तोमर ने छात्रों को बॉयो इंफरमेटिक्स विषय की महत्ता व इस विषय में परास्नातक करने के उपरांत रोजगार के अवसरों से अवगत कराया। डॉ. रामकरण ने कहा कि बॉयो इंफरमेटिक्स विषय ही भविष्य है। यह चाहे रोग से लड़ने, नए बीजों का विकास करने या प्रदूषण का सामना करने का मामला हो, जैव प्रौद्योगिकी कृषि से लेकर उद्योग (खाद्य, भेषज, रसायन, जैव उत्पाद, वस्त्र आदि), औषधि, आहार, पर्यावरण-संरक्षण, पशु विज्ञान तथा ऐसे ही अन्य क्षेत्रों में दैनिक जीवन के प्रत्येक पहलू में अपने व्यावहारिक रूप में उपयोग तथा अनुप्रयोग के साथ एक सबसे तीव्र विकासशील क्षेत्र है। छात्र - छात्राओं ने अवसर का लाभ उठाते हुए अपनी अपनी समस्याओं को साझा करते हुए अपने अपने प्रश्नों का उत्तर प्राप्त किया। इस कार्यक्रम में डॉ. जी पी सिंह, डॉ. अरविंद कुमार त्यागी का सहयोग रहा। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. मनोज कुमार शर्मा, मनोज कुमार शर्मा, डॉ. सचिन कुमार की मुख्य भूमिका रही।
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कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण सोलंकी के मार्गदर्शन में आयोजित वेबिनार में वैज्ञानिक डॉ. रामकरण शर्मा, शोधकर्ता आईआईटी रीतू तोमर ने छात्रों को बॉयो इंफरमेटिक्स विषय की महत्ता व इस विषय में परास्नातक करने के उपरांत रोजगार के अवसरों से अवगत कराया। डॉ. रामकरण ने कहा कि बॉयो इंफरमेटिक्स विषय ही भविष्य है। यह चाहे रोग से लड़ने, नए बीजों का विकास करने या प्रदूषण का सामना करने का मामला हो, जैव प्रौद्योगिकी कृषि से लेकर उद्योग (खाद्य, भेषज, रसायन, जैव उत्पाद, वस्त्र आदि), औषधि, आहार, पर्यावरण-संरक्षण, पशु विज्ञान तथा ऐसे ही अन्य क्षेत्रों में दैनिक जीवन के प्रत्येक पहलू में अपने व्यावहारिक रूप में उपयोग तथा अनुप्रयोग के साथ एक सबसे तीव्र विकासशील क्षेत्र है। छात्र - छात्राओं ने अवसर का लाभ उठाते हुए अपनी अपनी समस्याओं को साझा करते हुए अपने अपने प्रश्नों का उत्तर प्राप्त किया। इस कार्यक्रम में डॉ. जी पी सिंह, डॉ. अरविंद कुमार त्यागी का सहयोग रहा। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. मनोज कुमार शर्मा, मनोज कुमार शर्मा, डॉ. सचिन कुमार की मुख्य भूमिका रही।
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