भाकियू ने बिजली दफ्तर बंद किया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता 12 के चौधरी रामा चौधरी के नेतृत्व में एक्सईएन प्रथम कार्यालय में पहुंचे और धरना शुरू किया। आंदोलनित किसानों ने कहा पावर वृद्धि की समस्या 2007 से है और किसानों पर बकाया बिल निकाला जा रहा है। वहीं गांव के घरेलू बिल भी दोगुना कर दिए हैं। छपरौली कस्बा ग्रामीण क्षेत्र में आता है। इसमें भी शहरी क्षेत्र के बिल थोपे जा रहे हैं और उनके कनेक्शन भी काटे जा रहे हैं। इससे किसान परेशान हैं। उन्होंने कहा किसानों का धरना तभी उठेगा, जब समस्याओं का निदान होगा।
दोपहर बाद तक भी धरनास्थल पर कोई अधिकारी नहीं आया तो किसानों में आक्रोश व्याप्त हो गया। उन्होंने कार्यालय पर भाकियू के झंडे टांग दिए और विद्युत निगम के खिलाफ नारेबाजी कर कार्यालय की तालाबंदी कर दी। इसमें तहसील अध्यक्ष कृष्णपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, हरेंद्र दांगी, कालूराम, विजयपाल, कर्मपाल, ब्रहम पाल, रामनिवास, हरपाल सिंह, पिंटू, इकबाल, बबलू, सुधीर, धर्मवीर, यादराम, जयपाल, राजवीर, बेदू, हरपाल, मुंशीराम, राजेंद्र, उपेंद्र तोमर, जगवीर, ओमवीर, बाबूराम, सुभाष, संजीव आदि रहे।
विद्युत बिल जमा न होने पर मुख्य शिकायत केंद्र पर हंगामा
बड़ौत। नगर की कोताना रोड स्थित मुख्य शिकायत केंद्र पर इंटरनेट की खराबी के चलते सोमवार को विद्युत बिल जमा न होने पर लोगों ने हंगामा किया। उन्होंने समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी। सोमवार को नगर के काफी संख्या में विद्युत उपभोक्ता मुख्य शिकायत केंद्र पर पहुंचे और विद्युत बिल जमा करने को लेकर लाइन में खडे़ हो गए। लेकिन, इंटरनेट की खराबी के कारण कई घंटे तक बिल जमा न होने पर लोगों में आक्रोश पनप गया और जमकर हंगामा किया। इस दौरान कुछ लोगों ने लाइन में लगे बिना ही विद्युत कर्मचारियों से मिलीभगत कर बिल जमा कर दिया। इससे लाइन में खडे़ विद्युत उपभोक्ताओं में आक्रोश व्याप्त हो गया।
उनका कहना था कि वे गत एक सप्ताह से विद्युत बिल जमा करने को लेकर मुख्य शिकायत केंद्र का चक्कर काट रहे है, लेकिन उनके बिल जमा नहीं किया जा रहा, जबकि कुछ लोग लाइन में बिना लगे ही विद्युत बिल जमा कर देते हैं। उन्होंने समस्या को लेकर हंगामा किया और समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी। हंगामा करने वालों में नवीन, राजेंद्र, प्रवेश, नितिन, सुरेश, अमित, धर्मपाल, सोहनवीर, सुरेंद्र, महिपाल, राजेश आदि शामिल रहे।