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यमुना में स्नान करते बीकॉम की छात्रा डूबी
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sun, 04 Sep 2016 01:18 AM IST
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डूबने से बचाई बहनों की जानकारी देता भाई अमित।
- फोटो : amar ujala
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बागपत। सिसाना गांव में पूजा - अर्चना करने गई तीन बहनें स्नान करते समय यमुना में डूब गई। दो बहनों को तो भाई बचाने में कामयाब हो गया, लेकिन एक बहन यमुना में डूब गई। जो बीकॉम की छात्रा है। उसकी तलाश चल रही है, लेकिन उसका अभी तक कहीं पता नहीं चल पाया है।
सिसाना गांव की युवती ममता (22) अपनी बहन मनीषा (19), कोमल (16 )और भाई अमित (24) के साथ पूजा - अर्चना करने के लिए यमुना पर गई थी। तीनों बहने यमुना में स्नान करने लगी। इसी दौरान मनीषा का पैर फिसल गया। वह यमुना में डूबने लगी। उसकी बहनों ने उसे बचाने का प्रयास तो उनका भी संतुलन बिगड़ गया। अमित ने किसी तरह अपनी बहन ममता और कोमल को यमुना में डूबने से बचा लिया, लेकिन मनीषा यमुना में डूब गई। उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर यमुना किनारे काफी लोग इकट्ठे हो गए। उन्होंने वहां पर गोताखोरों को बुलाया। गोताखोर शाम तक उसकी तलाश में लगे रहे, लेकिन मनीषा का कहीं पता नहीं चला। मनीषा बागपत के एसपीआरसी डिग्री कालेज की बीकॉम (तृतीय वर्ष) की छात्रा है। घटना से परिवार में गम का माहौल है।
बेटे का मुंडन कराने आई थी ममता
बागपत। ममता के बेटा पैदा हुआ था। वह अपने मायके में यमुना पर बेटा का मुंडन कराने आई थी। शनिवार सुबह पूजा अर्चना करने के लिए परिवार यमुना पर गया था।
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पड़ोस में नहीं चढ़ा चूल्हा
बागपत। छात्रा मनीषा के यमुना में डूबने के बाद खुशियां गम में डूब गई। मनीषा के परिवार ही नहीं मोहल्ले में भी किसी के शनिवार को पूरे दिन चूल्हा नहीं चढ़ा।
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सिसाना गांव की युवती ममता (22) अपनी बहन मनीषा (19), कोमल (16 )और भाई अमित (24) के साथ पूजा - अर्चना करने के लिए यमुना पर गई थी। तीनों बहने यमुना में स्नान करने लगी। इसी दौरान मनीषा का पैर फिसल गया। वह यमुना में डूबने लगी। उसकी बहनों ने उसे बचाने का प्रयास तो उनका भी संतुलन बिगड़ गया। अमित ने किसी तरह अपनी बहन ममता और कोमल को यमुना में डूबने से बचा लिया, लेकिन मनीषा यमुना में डूब गई। उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर यमुना किनारे काफी लोग इकट्ठे हो गए। उन्होंने वहां पर गोताखोरों को बुलाया। गोताखोर शाम तक उसकी तलाश में लगे रहे, लेकिन मनीषा का कहीं पता नहीं चला। मनीषा बागपत के एसपीआरसी डिग्री कालेज की बीकॉम (तृतीय वर्ष) की छात्रा है। घटना से परिवार में गम का माहौल है।
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बेटे का मुंडन कराने आई थी ममता
बागपत। ममता के बेटा पैदा हुआ था। वह अपने मायके में यमुना पर बेटा का मुंडन कराने आई थी। शनिवार सुबह पूजा अर्चना करने के लिए परिवार यमुना पर गया था।
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पड़ोस में नहीं चढ़ा चूल्हा
बागपत। छात्रा मनीषा के यमुना में डूबने के बाद खुशियां गम में डूब गई। मनीषा के परिवार ही नहीं मोहल्ले में भी किसी के शनिवार को पूरे दिन चूल्हा नहीं चढ़ा।