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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Baraut accident: Some lost their beloved daughter, some lost their parents... Tears are not stopping

बड़ौत हादसा: किसी ने खोई प्यारी बेटी, तो किसी के मां-बाप चले गए... मुस्लिम समाज के लोगों ने भी की दुआएं

Wed, 29 Jan 2025 11:41 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Wed, 29 Jan 2025 11:41 PM IST
सार

बड़ौत हादसे में मरने वालों के घर बिखर गए हैं। किसी के घर की कमाई का जरिया बंद हो गया तो कोई बेसहारा हो गया है। आर्थिक मदद से इनके जख्मों पर कुछ मरहम लगाया जा सकता है। 

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Baraut accident: Some lost their beloved daughter, some lost their parents... Tears are not stopping
शिल्पी के गमजदा पिता सुनील जैन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शिल्पी के जाने से घर हुआ सूना, पिता की मौत से नाबालिग बेटे पर जिम्मेदारी
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हादसे में जान गंवाने वाली शिल्पी जैन के घर का आंगन सूना हो गया। शिक्षक अरुण जैन के निधन से नाबालिग बेटे के कंधों पर घर की जिम्मेदारी आ गई। हादसे के बाद आपबीती बताते हुए मृतकों के परिजन फफक पड़े।

बड़ौत में घनश्याम भवन के पास रहने वाले सुनील जैन ने बताया कि उसके परिवार में दो बेटियां हैं। इसमें छोटी बेटी शिल्पी जैन ने दो साल पहले बीएड की पढ़ाई की थी। अब शिल्पी को ससुराल भेजने के लिए उसकी शादी की तैयारियों में जुटे हुए थे, लेकिन इससे पहले ही शिल्पी दुनिया छोड़कर चली गई। 
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Baraut accident: Some lost their beloved daughter, some lost their parents... Tears are not stopping
श्रद्धांजलि सभा में भावुक हुई महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
पिता की मौत से 11वीं के छात्र पर आई जिम्मेदारी
बड़ौत शहर के नेहरू मार्ग पर रहने वाले अरुण जैन नंगला पोइस के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे, जिनकी बेटी बीएससी की पढ़ाई कर चुकी है और बेटा धनंजय 11वीं कक्षा में पढ़ रहा है। अरुण जैन की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी अब बेटे पर आ गई है। मृतक के बड़े भाई अनिल कुमार जैन ने बताया कि अरुण जैन निर्वाण महोत्सव में शामिल होने से पहले मंदिर में पूजा करके आए थे। निर्वाण महोत्सव शुरू होने से पांच मिनट पहले ही वे गए और एक घंटे बाद काफी तलाशने के बाद अरुण की मौत होने के बारे में पता चला।
 

Baraut accident: Some lost their beloved daughter, some lost their parents... Tears are not stopping
मृतकों और उनके परिजनों के लिए दुआ करते मुस्लिम समाज के लोग। - फोटो : अमर उजाला
विपिन जैन की मौत के बाद मां को बचाने के लिए जद्दोजहद
गांधी मार्ग पर रहने वाले विनीत जैन ने बताया कि उनके भाई विपिन जैन की हादसे में मौत हो गई, जबकि बुजुर्ग मां अंजू जैन गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायल मां को दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया, वहां पर उपचार सही नहीं मिलने पर दूसरे अस्पताल में लेकर गए। वहां भी उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

पिता की मौत के बाद बेहाल हुआ दिव्यांग गोपाल
गांधी मार्ग पर रहने वाले अमित जैन ने बताया कि उनके रिश्तेदार तरशपाल जैन सोमवार को अपने बेटे गोपाल जैन, पोती यशवी के साथ महोत्सव में गए थे। वहां पर मचान टूटने से तरशपाल की मौत हो गई, जबकि गोपाल और यशवीर घायल हो गए। पिता की मौत होने का पता चलने के बाद से गोपाल बेहाल है, जो कानों से दिव्यांग है। अब परिवार की जिम्मेदारी भी गोपाल जैन पर आ गई है।
 
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मां की मौत के बाद पिता को बचाने में जुटे
खिरनी मोहल्ले के राहुल जैन ने बताया कि उसकी मां कमलेश और पिता सुरेश चंद जैन दोनों महोत्सव में गए थे। वहां हादसा होने का पता चलने पर वह तलाशने पहुंचा तो कोई नहीं मिला। इसके बाद चार अस्पतालों में चक्कर लगाने के बाद उसके पिता गंभीर हालत में मिल गए। इसके बाद मां को तलाशते रहे। बाद में मां का पता चला। अब उसके पिता का मेरठ के अस्पताल में उपचार चल रहा है।

पति की मौत के बाद गरिमा जैन पर आई जिम्मेदारी
दिगंबर जैन पॉलिटेक्निक के संविदाकर्मी क्लर्क अमित जैन की हादसे में मौत हो गई। उनकी पत्नी और दो बच्चे भी घायल हो गए। हादसे के बाद घायल गरिमा जैन और उनके दो बच्चों के भविष्य की भी चिंता होने लगी। अब गरिमा जैन पर परिवार की जिम्मेदारी आ गई।
 
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