फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Banana threat in sugarcane belt, making a profitable deal

गन्ना बेल्ट में केले की धमक, बन रहा मुनाफे का सौदा

Sat, 21 Nov 2020 12:27 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 21 Nov 2020 12:27 AM IST
विज्ञापन
Banana threat in sugarcane belt, making a profitable deal
बड़ौत के चौबली गांव में केले की फसल को दिखाता किसान सतीश कुमार त्यागी। - फोटो : BARAUT
चौबली गांव का किसान 50 बीघे में कर रहा केले की खेती
विज्ञापन

पांच साल पहले शुरू की थी खेती, लोगों को भी कर रहे जागरूक
बड़ौत। गन्ना बेल्ट मेें केले की खेती कर चौबली गांव का किसान सतीश एक मिसाल कायम कर रहे है। वह पांच साल से केले की खेती कर कम लागत मेें अधिक मुनाफा कमा रहे है। यह मिसाल इसलिए भी है, क्योंकि जनपद में 74 हजार हेक्टेयर में गन्ने की फसल खड़ी है और सवा लाख किसान गन्ने की खेती से जुडे़ है। इसके बावजूद उन्होंने केले की खेती करने का निर्णय लिया। वह अन्य लोगों को भी केले की खेती के लिए जागरूक कर रहे है।
1400 से 2200 रुपये क्विंटल जाता है केला
किसान सतीश कुमार त्यागी पुत्र फकीरचंद 50 बीघे जमीन में केले की खेती कर रहे है। बताया कि केले की खेती में मां राजबाला पूरा सहयोग कर रहे है, पहले बेटा राहुल व अक्षय भी इसमें सहयोग करते थे, अब दोनों बाहर नौकरी कर रहे है। उन्होंने बताया कि उनका केला मदर डेयरी दिल्ली व आजाद मंडी दिल्ली में 20 से 25 रुपये प्रति किलो जाता है। यानी खाने का केला 2200 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल व सब्जी का केला 1400 रुपये प्रति क्विंटल जाता है। एक बीघे मेें 60 हजार से अधिक केले की खेती हो जाती है, कम लागत में अच्छा मुनाफा हो जाता है। पेमेंट भी अच्छा है।
विज्ञापन

परेशानियों से छुटकारे के लिए शुरू की केले की खेती
सतीश त्यागी बताते है कि असली वजह तमाम परेशानियों से छुटकारा पाने की सोच है। गन्ना का बकाया भुगतान, शुगर मिलों की मनमानी, लागत अधिक मुनाफा कम होने से वे कई सालों से परेशान थे। इसके चलते पांच साल पहले कुछ नया करने की ठान तो ली, पर यह तय नहीं कर पाए कि कौन सी फसल अपनाई जाए। इसी उधेड़बुन में दिल्ली रोड स्थित उद्यान विभाग के सचदल इकाई बड़ौत के प्रभारी देवराज से मिले तो उन्होंने केले की खेती के फायदे समझाएं। इसके बाद मुनाफा भी अच्छा खासा देख केले की फसल का निर्णय ले लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

लागत कम पैदावार अधिक
बड़ौत। केले की खेती में प्रति बीघा दवा, खाद आदि पर करीब 10 हजार रुपये की लागत आती है। एक बीघा में 40-50 क्विंटल केले का उत्पादन होता है। एक बार पौध लगाने के बाद वह तीन साल तक फल देता है। बाद में उन्हीं पौधों से कलम बनाकर फिर से नई पौध तैयार की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed