{"_id":"62ec0a0f2270b24fdd205de7","slug":"bail-of-one-serving-life-imprisonment-baghpat-news-mrt599858464","type":"story","status":"publish","title_hn":"किरठल के चौहरे हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे एक की जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किरठल के चौहरे हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे एक की जमानत
विज्ञापन
उम्रकैद काट रहे एक की जमानत
बागपत। किरठल में वर्ष 2004 में हुए चौहरे हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे भोपाल की सुप्रीम कोर्ट से जमानत मंजूर की गई है।
20 अगस्त 2004 में रमाला थाना क्षेत्र के किरठल गांव की रहने वाली सुदेश देवी पत्नी धर्मेंद्र कुमार ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। उसने कहा था कि चुनावी रंजिश में दूसरे पक्ष के लोगों ने उनके घर में फायरिंग कर दी। जिसमें गोली लगने से उसके ससुर रामपाल, सतबीर, देवर हरेंद्र व हरेंद्र की पत्नी मोनिका की मौत हो गई थी। चौहरे हत्याकांड में धर्मेंद्र किरठल की पत्नी सुदेश ने दूसरे पक्ष के साहब सिंह पुत्र रामसिंह, करन सिंह, भोपाल, सुबोध, पदम, रामफल, सुधीर, ओमपाल को नामजद कराया था। विवेचना के दौरान नरेंद्र, साहब सिंह पुत्र अतल सिंह, रामपाल, सुरेंद्र उर्फ सुंदर का नाम भी शामिल किया गया था।
हत्याकांड के आरोपी रहे दोनों साहब सिंह, नरेंद्र व सुरेंद्र की विवेचना के दौरान मौत हो गई थी। जबकि अन्य को कोर्ट से उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। आरोपी पक्ष के वकील सतेंद्र दांघड़ ने बताया कि सजा काट रहे भोपाल की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट में डाली गई थी। जहां से उसकी जमानत याचिका मंजूर की गई है।
विज्ञापन
बागपत। किरठल में वर्ष 2004 में हुए चौहरे हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे भोपाल की सुप्रीम कोर्ट से जमानत मंजूर की गई है।
20 अगस्त 2004 में रमाला थाना क्षेत्र के किरठल गांव की रहने वाली सुदेश देवी पत्नी धर्मेंद्र कुमार ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। उसने कहा था कि चुनावी रंजिश में दूसरे पक्ष के लोगों ने उनके घर में फायरिंग कर दी। जिसमें गोली लगने से उसके ससुर रामपाल, सतबीर, देवर हरेंद्र व हरेंद्र की पत्नी मोनिका की मौत हो गई थी। चौहरे हत्याकांड में धर्मेंद्र किरठल की पत्नी सुदेश ने दूसरे पक्ष के साहब सिंह पुत्र रामसिंह, करन सिंह, भोपाल, सुबोध, पदम, रामफल, सुधीर, ओमपाल को नामजद कराया था। विवेचना के दौरान नरेंद्र, साहब सिंह पुत्र अतल सिंह, रामपाल, सुरेंद्र उर्फ सुंदर का नाम भी शामिल किया गया था।
हत्याकांड के आरोपी रहे दोनों साहब सिंह, नरेंद्र व सुरेंद्र की विवेचना के दौरान मौत हो गई थी। जबकि अन्य को कोर्ट से उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। आरोपी पक्ष के वकील सतेंद्र दांघड़ ने बताया कि सजा काट रहे भोपाल की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट में डाली गई थी। जहां से उसकी जमानत याचिका मंजूर की गई है।
विज्ञापन