सपना नहीं हुआ पूरा: जवान बेटे ने खुद को उतारा मौत के घाट, सुसाइड नोट में लिखी ऐसी बात, पढ़कर अफसर भी हैरान
Baghpat Suicide Case : जीवन का यह सपना पूरा करने के लिए युवक ने पांच तक खूब मेहनत की। लेकिन सफलता नहीं मिली। अब युवक ने अपनी दुनिया ही उजाड़ ली। मृतक युवक ने सुसाइड नोट में ऐसी बात लिखी है, जिसे पढ़कर अफसर भी हैरान रह गए।
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सरकारी नौकरी नहीं लगने से परेशान युवक ने फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। उसका शव रोशनगढ़ के जंगल में पेड़ पर लटका मिला। मृतक की जेब से सुसाइड नोट मिलने के बाद आत्महत्या करने के कारणों का पता चला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बागपत में अमीनगर सराय के रोशनगढ़ गांव में शनिवार सुबह काम करने गए किसानों को पेड़ पर फंदे से एक युवक का शव लटका मिला। किसानों ने बालैनी व सिंघावली अहीर पुलिस को घटना की जानकरी दी। सूचना मिलने पर दोनों थानों की पुलिस ने जंगल में पहुंचकर शव को नीचे उतारा और उसकी की शिनाख्त सैदपुर गांव निवासी गौरव (25) के रूप में की।
सूचना मिलने पर मृतक के परिवार वाले भी मौके पर पहुंचे। मृतक के पिता और भाई ने बताया कि गौरव 12वीं कक्षा पास करने के बाद पिछले कई साल से सरकारी नौकरी की तैयारी के लिए कोचिंग कर रहा था।
शुक्रवार रात दस बजे सोने के लिए गया था, लेकिन शनिवार सुबह गौरव नहीं मिला। उधर, पुलिस ने मृतक के कपड़ों की तलाशी ली तो जेब में एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें सरकारी नौकरी नहीं लगने से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात लिखी गई। उसने आत्महत्या के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराया।
इस मामले में सीओ विजय चौधरी ने बताया कि युवक की जेब से मिले सुसाइड नोट से प्रथम दृष्टया आत्महत्या करना लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के सही कारणों का पता चलेगा और उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
तीन घंटे बाद पहुंची डॉग स्कवायड
रोशनगढ़ गांव के जंगल में शव मिलने की सूचना पर शनिवार सुबह करीब सात बजे पुलिस पहुंच गई थी, जहां जांच पड़ताल के लिए डॉग स्कवायड की टीम को भी बुलाने की बात कही, जहां तीन घंटे इंतजार कराने के बाद डॉग स्कवायड की टीम पहुंची।
एक भाई सीआईएसएफ में तैनात तो दूसरा सैमसंग में कर रहा नौकरी
ग्रामीणों ने बताया कि मृतक गौरव का बड़ा भाई राहुल सीआईएसएफ में भर्ती हो गया था, जिसकी तैनाती वर्तमान में दिल्ली में चल रही है। उसका दूसरा भाई सैमसंग कंपनी में नौकरी करता है, जबकि पिता खेतीबाड़ी करते हैं। गौरव भी पिछले पांच साल से लगातार तैयारी कर रहा था। गांव के ही मनीष ढाका ने बताया कि गौरव सेना और पुलिस की नौकरी के लिए तैयारी कर रहा था।