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बागपत: त्योहार के मौके पर दो घंटे स्वास्थ्य सेवाएं ठप, सीएमएस पर रिपोर्ट के विरोध में दो घंटे कार्य बहिष्कार
Tue, 20 Oct 2026 12:50 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
Published by: Mohd Mustakim
Updated Tue, 20 Oct 2026 12:50 PM IST
सार
भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव प्रदीप धामा की पत्नी की मृत्यु के मामले में सीएमएस डॉ. अनुराग वार्ष्णेय, चिकित्सक डॉ. विक्रांत चौबे और फार्मासिस्ट मोहित त्यागी के खिलाफ रिपोट दर्ज की गई है। इसी का स्वास्थ्यकर्मियों ने विरोध किया।
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कार्य बहिष्कार करते स्वास्थ्यकर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिला अस्पताल के सीएमएस, चिकित्सक और फार्मासिस्ट के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को निरस्त कराने की मांग को लेकर जिलेभर के चिकित्सकों और फार्मासिस्टों ने मंगलवार को दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर विरोध जताया। इस दौरान जिला अस्पताल, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया गया। कार्य बहिष्कार के चलते मरीजों को उपचार के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा।
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चिकित्सकों और फार्मासिस्टों की मांग है कि जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनुराग वार्ष्णेय, चिकित्सक डॉ. विक्रांत चौबे और फार्मासिस्ट मोहित त्यागी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को तत्काल निरस्त किया जाए। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ओमवीर मलिक ने जिला अस्पताल पहुंचकर विरोध प्रदर्शन का जायजा लिया।
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उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो 21 और 22 अक्तूबर को भी दो घंटे का कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। इसके बाद 23 अक्तूबर से जिलेभर के सभी सीएचसी और पीएचसी पर पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
यह विरोध प्रदर्शन भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव प्रदीप धामा की पत्नी की मृत्यु के मामले में दर्ज प्राथमिकी के संबंध में किया जा रहा है। चिकित्सकों का आरोप है कि उपचार में लापरवाही का आरोप गलत है और प्राथमिकी गलत तरीके से दर्ज की गई है।