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बागपत: खाद घोटाले का आरोप, 150 से ज्यादा किसानों के खाते से काटे एक करोड़; नौ साल से पैसे वापसी का इंतजार

Mon, 12 Oct 2026 04:05 PM IST
Dimple Sirohi मुकेश पंवार, संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
मुकेश पंवार, संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 12 Oct 2026 04:05 PM IST
सार

बागपत में मलकपुर सहकारी गन्ना विकास समिति से जुड़े 25 गांवों के 150 से ज्यादा किसानों के भुगतान से खाद के बकाये के नाम पर एक करोड़ रुपये काटने का आरोप है। किसानों का दावा है कि उन्होंने खाद लिया ही नहीं, फिर भी उनके खातों में बकाया दर्ज कर रकम काट ली गई। मामले की जांच जिला गन्ना अधिकारी को सौंपी गई है।

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Baghpat Fertilizer Scam Allegation: Over ₹1 Crore Deducted from 150 Farmers’ Sugarcane Payments

विस्तार

उत्तर प्रदेश के बड़ौत में लुहारी गांव के किसान प्रवीण ने खाद नहीं लिया, मगर उनके खाते में खाद की बकाया राशि दिखाकर 1.10 लाख रुपये काट लिए गए। इस तरह गुराना गांव के किसान सत्यवीर के खाते से 60 हजार रुपये काट लिए गए। ऐसा केवल दो किसानों के साथ ही नहीं हुआ। सहकारी गन्ना विकास समिति मलकपुर से जुड़े 25 गांवों के 150 से ज्यादा किसानों के नाम पर खाद का बकाया दिखाकर उनके गन्ना भुगतान से एक करोड़ रुपये काट लिए गए।

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सहकारी गन्ना विकास समिति से जुड़े किसानों के खाद लेने पर उनके खाते में उसकी मात्रा और कीमत दर्ज की जाती है। उधार खाद लेने पर रकम बकाये के रूप में दर्ज हो जाती है, जिसे बाद में गन्ना भुगतान के समय काट लिया जाता है।
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इसी व्यवस्था का दुरुपयोग कर किसानों के रिकाॅर्ड में खाद की फर्जी प्रविष्टियां दर्ज की गईं, जबकि उन्होंने खाद लिया ही नहीं था। जिस खाद को किसानों के नाम पर जारी दिखाया गया, उसको बाजार में बेचकर मिली रकम को समिति के कर्मचारी हजम कर गए।
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नौ साल से रकम वापसी का इंतजार
पीड़ित किसान सिरसली गांव निवासी ओमपाल, ब्रजपाल, बिजरौल निवासी कपिल, मलकपुर निवासी नरेंद्र और बड़ौली निवासी मनोज का कहना है कि वर्ष 2016-2017 व वर्ष 2017-2018 में हुए इस घोटाले की जानकारी मिलने पर शिकायत करने की चेतावनी दी थी।

तब कार्रवाई होने के डर से दोषी कर्मचारियों ने शपथपत्र देकर गड़बड़ी स्वीकार की थी और रकम लौटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक धनराशि नहीं मिली है। इसलिए अब इस मामले का खुलासा करना पड़ रहा है।

केस नंबर एक
सिरसली गांव के ऊधम सिंह का कहना है कि उन्होंने कभी खाद नहीं ली। इसके बावजूद मेरे खाते से 79,849 रुपये काट लिए गए। बैंक में शिकायत की गई तो बताया गया कि सहकारी गन्ना समिति के खाद बकाये की रकम काटी गई है। वह अपने रुपये वापस लेने के लिए समिति के चक्कर काट रहे हैं, मगर अभी तक रुपये नहीं मिले।

केस नंबर दो
सिरसली गांव के ऋषिपाल ने बताया कि उनके खाते से 1.62 लाख रुपये काट लिए गए। उन्होंने केवल 15 हजार रुपये का खाद ली थी। अब डीएम व सीडीओ को दोषी कर्मचारियों द्वारा दिए गए शपथ पत्र को साक्ष्य के रूप में लगाकर शिकायत की गई है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और किसानों का पैसा वापस मिलना चाहिए।
 
किसानों ने इस संबंध में डीएम और सीडीओ से शिकायत की थी। फिलहाल सीडीओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच मुझे सौंपी है। किसानों के साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -अशर्फी लाल, जिला गन्ना अधिकारी

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