{"_id":"606021bd282cc972ba3d2d6f","slug":"army-jawan-pinku-dangi-from-baghpat-martyr-in-encounter-with-terrorists-in-kashmir","type":"story","status":"publish","title_hn":"बागपत के लाल को सलाम: कश्मीर में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बागपत के लाल को सलाम: कश्मीर में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
Sun, 28 Mar 2021 12:01 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sun, 28 Mar 2021 12:01 PM IST
सार
-शोपियां के वनगाम इलाके में मुठभेड़ में दो आतंकी मार गिराए, एक अन्य जवान घायल
विज्ञापन
pinku dangi martyr
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दक्षिण कश्मीर के शोपियां के वनगाम क्षेत्र में बागपत जिले के लुहारी गांव के पिंकू दांगी आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए। शनिवार रात सेना के जवानों के साथ आतंकियों की मुठभेड़ के दौरान उनकी शहादत हुई। मुठभेड़ में दो आतंकी भी मारे गए। जबकि एक जवान घायल है। पिंकू दांगी के शहीद होने की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों को सांत्वना देने को ग्रामीणों का तांता लग गया।
लुहारी गांव के रहने वाले पिंकु कुमार का जन्म 1983 में हुआ था। 2001 में सेना में भर्ती हुए थे। ग्रामीण सुधीर दांगी व डॉ. संजीव आर्य ने बताया कि पिंकु कुमार एक ऑपरेशन के तहत आंतकियों की तलाश में गए हुए थे। इनके साथ और भी जवान थे।
आंतकियों से हुई मुठभेड़ में पिंकु कुमार को गोली लगी थी। जिन्हें उपचार के लिए लाया गया था। लेकिन तब तक वह शहीद हो गए थे। रविवार को सेना ने परिवार को इसकी जानकारी दी तो परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
विज्ञापन
नौ महीने का एक बेटा और दो है लड़कियां
शहीद जवान पिंकू कुमार का एक नौ महीने का बेटा व दो बेटियां हैं बड़ी बेटी आठ साल की तो छोटी बेटी पांच साल की है। पत्नी कविता व अन्य परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है। वहीं इनके पिता जबर सिंह कहते हैं कि बेटे की शहादत पर उन्हें गर्व है। शहीद जवान के बड़े भाई मनोज गांव में ही खेती करते हैं।
विज्ञापन
लुहारी गांव के रहने वाले पिंकु कुमार का जन्म 1983 में हुआ था। 2001 में सेना में भर्ती हुए थे। ग्रामीण सुधीर दांगी व डॉ. संजीव आर्य ने बताया कि पिंकु कुमार एक ऑपरेशन के तहत आंतकियों की तलाश में गए हुए थे। इनके साथ और भी जवान थे।
विज्ञापन
आंतकियों से हुई मुठभेड़ में पिंकु कुमार को गोली लगी थी। जिन्हें उपचार के लिए लाया गया था। लेकिन तब तक वह शहीद हो गए थे। रविवार को सेना ने परिवार को इसकी जानकारी दी तो परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
विज्ञापन
नौ महीने का एक बेटा और दो है लड़कियां
शहीद जवान पिंकू कुमार का एक नौ महीने का बेटा व दो बेटियां हैं बड़ी बेटी आठ साल की तो छोटी बेटी पांच साल की है। पत्नी कविता व अन्य परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है। वहीं इनके पिता जबर सिंह कहते हैं कि बेटे की शहादत पर उन्हें गर्व है। शहीद जवान के बड़े भाई मनोज गांव में ही खेती करते हैं।