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Baghpat News: पहली बार एक्यूआई 400 से पार, स्मॉग छाने से आंखों में जलन तो गले में परेशानी
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बागपत-मेरठ रोड पर देर रात स्मॉग के बीच गुजरते वाहन। संवाद
- सड़कों पर शुक्रवार सुबह को वाहन चालकों को जलानी पड़ी लाइट
- निर्माण कार्यों व खनन पर रोक लगाई, 12 अधिकारियों की निगरानी के लिए ड्यूटी लगाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले में पहली बार हवा बेहद खराब स्थिति में पहुंच गई है। शुक्रवार को यहां एक्यूआई 428 रहा। प्रदूषण बढ़ने से पूरे दिन स्मॉग छाया रहा और यहां सुबह को स्थिति ज्यादा खराब रही। स्मॉग के कारण वाहनों की लाइट जलानी पड़ीं। वहीं लोगों को आंखों में जलन व गले में परेशानी हो रही है। ऐसे में लोगों को मास्क व चश्मा इस्तेमाल करने की सलाह चिकित्सक दे रहे हैं।
यहां पिछले सप्ताह प्रदूषण बढ़ना शुरू हुआ था और हवा में प्रदूषण खराब श्रेणी में पहुंचा था। यहां एक्यूआई भी 250 के आसपास चल रहा था। लेकिन यहां शुक्रवार को पहली बार स्थिति ज्यादा खराब हो गई। यहां एक्यूआई 428 पर पहुंच गया और शुक्रवार सुबह को काफी स्मॉग छा गया। जिससे सड़कों पर वाहनों की लाइट जलाकर जाना पड़ा। जिस तरह से प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है, उससे स्थिति खराब होती दिख रही है।
-- आंखों में जलन और गले में समस्या हो रही
सीएचसी अधीक्षक डाॅ. विभाष राजपूत ने बताया कि जिस तरह से प्रदूषण बढ़ गया है और स्मॉग छाया हुआ है। उससे आंखों में जलन और गले में समस्या ज्यादा हो रही है। इसके अलावा सांस की बीमारी होने की आशंका ज्यादा रहती है। जिन लोगों को पहले से सांस की बीमारी है, उनके लिए यह प्रदूषण काफी खतरनाक है।
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-- मास्क व चश्मा लगाने की सलाह
चिकित्सकों के अनुसार इस तरह के मौसम में ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए, क्योंकि शरीर के अंदर गए कण ठंडे पानी से जम जाते है। घर से बाहर निकलना है तो मुंह पर मास्क व आंखों पर चश्मा लगाकर निकलना चाहिए। आंखों को दिन में कई बार पानी से धोते रहना चाहिए, जिससे आंखों में परेशानी होने का खतरा कम रहता है।
- इस तरह होता है औसत एक्यूआई
0-50 अच्छा
51-100 औसत
101-200 असामान्य
201-300 खराब
301-400 ज्यादा खराब
400 से ज्यादा बेहद खतरनाक
- निर्माण कार्यों पर रोक, निगरानी को अधिकारी नियुक्त
प्रदूषण बढ़ने के कारण निर्माण कार्यों व खनन पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही जहां सड़क, पुल निर्माण आदि कार्य चल रहे हैं, वहां पानी का छिड़काव जरूर करने की सलाह दी गई है। निर्माण कार्य नहीं हों, उसके लिए निगरानी रखने के लिए 12 अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। इनमें प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी, सीएमओ, डीएफओ, अधिशासी अभियंता सिंचाई, अधिशासी अभियंता लोनिवि, अधिशासी अभियंता आरईएस, एआरटीओ, उपायुक्त जिला उद्योग, सभी एसडीएम, सभी बीडीओ, खनन अधिकारी, सभी ईओ शामिल हैं।
- प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है और उसको देखते हुए निर्माण कार्यों पर रोक लगाई गई है तो अन्य जगह भी निगरानी हो रही है। नियमों का पालन कराया जा रहा है। - प्रखर कटियार, सहायक पर्यावरण अभियंता
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- निर्माण कार्यों व खनन पर रोक लगाई, 12 अधिकारियों की निगरानी के लिए ड्यूटी लगाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले में पहली बार हवा बेहद खराब स्थिति में पहुंच गई है। शुक्रवार को यहां एक्यूआई 428 रहा। प्रदूषण बढ़ने से पूरे दिन स्मॉग छाया रहा और यहां सुबह को स्थिति ज्यादा खराब रही। स्मॉग के कारण वाहनों की लाइट जलानी पड़ीं। वहीं लोगों को आंखों में जलन व गले में परेशानी हो रही है। ऐसे में लोगों को मास्क व चश्मा इस्तेमाल करने की सलाह चिकित्सक दे रहे हैं।
यहां पिछले सप्ताह प्रदूषण बढ़ना शुरू हुआ था और हवा में प्रदूषण खराब श्रेणी में पहुंचा था। यहां एक्यूआई भी 250 के आसपास चल रहा था। लेकिन यहां शुक्रवार को पहली बार स्थिति ज्यादा खराब हो गई। यहां एक्यूआई 428 पर पहुंच गया और शुक्रवार सुबह को काफी स्मॉग छा गया। जिससे सड़कों पर वाहनों की लाइट जलाकर जाना पड़ा। जिस तरह से प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है, उससे स्थिति खराब होती दिख रही है।
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सीएचसी अधीक्षक डाॅ. विभाष राजपूत ने बताया कि जिस तरह से प्रदूषण बढ़ गया है और स्मॉग छाया हुआ है। उससे आंखों में जलन और गले में समस्या ज्यादा हो रही है। इसके अलावा सांस की बीमारी होने की आशंका ज्यादा रहती है। जिन लोगों को पहले से सांस की बीमारी है, उनके लिए यह प्रदूषण काफी खतरनाक है।
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चिकित्सकों के अनुसार इस तरह के मौसम में ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए, क्योंकि शरीर के अंदर गए कण ठंडे पानी से जम जाते है। घर से बाहर निकलना है तो मुंह पर मास्क व आंखों पर चश्मा लगाकर निकलना चाहिए। आंखों को दिन में कई बार पानी से धोते रहना चाहिए, जिससे आंखों में परेशानी होने का खतरा कम रहता है।
- इस तरह होता है औसत एक्यूआई
0-50 अच्छा
51-100 औसत
101-200 असामान्य
201-300 खराब
301-400 ज्यादा खराब
400 से ज्यादा बेहद खतरनाक
- निर्माण कार्यों पर रोक, निगरानी को अधिकारी नियुक्त
प्रदूषण बढ़ने के कारण निर्माण कार्यों व खनन पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही जहां सड़क, पुल निर्माण आदि कार्य चल रहे हैं, वहां पानी का छिड़काव जरूर करने की सलाह दी गई है। निर्माण कार्य नहीं हों, उसके लिए निगरानी रखने के लिए 12 अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। इनमें प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी, सीएमओ, डीएफओ, अधिशासी अभियंता सिंचाई, अधिशासी अभियंता लोनिवि, अधिशासी अभियंता आरईएस, एआरटीओ, उपायुक्त जिला उद्योग, सभी एसडीएम, सभी बीडीओ, खनन अधिकारी, सभी ईओ शामिल हैं।
- प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है और उसको देखते हुए निर्माण कार्यों पर रोक लगाई गई है तो अन्य जगह भी निगरानी हो रही है। नियमों का पालन कराया जा रहा है। - प्रखर कटियार, सहायक पर्यावरण अभियंता

बागपत-मेरठ रोड पर देर रात स्मॉग के बीच गुजरते वाहन। संवाद