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एक्यूआई 438, स्मॉग की चादर से और बिगड़े हालात
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बागपत में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर स्मॉग के बीच धीमी गति से जाते वाहन
- फोटो : BAGHPAT
दोपहर 12 बजे तक रहा स्मॉग का असर, दिवाली तक और बढ़ेगी समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। वायु प्रदूषण रोज खतरनाक स्तर की ओर बढ़ रहा है। रविवार को अब तक के सीजन का सबसे ज्यादा स्मॉग छाया रहा। दोपहर में हल्की धूप खिली। स्मॉग के कारण हाइवे पर वाहनों की गति भी धीमी रही। एयर क्वालिटी इंडेक्स 438 रिकॉर्ड किया गया है। दिवाली पर हवा की गुणवत्ता के और अधिक खराब होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
रविवार को सुबह से ही स्मॉग छाया रहा। स्मॉग की चादर सी बिछी रही। दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर वाहनों की रफ्तार भी धीम रही। दोपहर 12 बजे तक धीरे-धीरे स्मॉग छंट गया। शाम चार बजे से फिर वातावरण में स्मॉग छा गया। अब तक का यह सबसे अधिक स्मॉग रहा। दिवाली तक मौसम के और अधिक खराब होने का अनुमान है। सांस के रोगियों की दिक्कत बढ़ सकती है।
इस तरह फैल रहा प्रदूषण
बागपत। जिले में पराली या पत्ती जलाए जाने के मामले कम हैं। लेकिन प्रदूषण की बड़ी वजह निर्माण कार्य भी हैं। जिले में विभिन्न मार्गों, भवनों का निर्माण चल रहा है। इसके अलावा पड़ोसी राज्य हरियाणा की सीमा जिले से सटी हुई है। ऐसे में अनुमान है कि हरियाणा में पराली जलाए जाने का असर जिले तक पहुंचकर हवा की गुणवत्ता खराब करता है।
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आंखों में जलन, सांस में तकलीफ
बागपत। स्मॉग के कारण आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ होती है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागपत के प्रभारी डॉ विभाष राजपूत का कहना है कि प्रदूषण से निपटने के लिए चश्मे और मास्क का प्रयोग करना चाहिए।
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अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। वायु प्रदूषण रोज खतरनाक स्तर की ओर बढ़ रहा है। रविवार को अब तक के सीजन का सबसे ज्यादा स्मॉग छाया रहा। दोपहर में हल्की धूप खिली। स्मॉग के कारण हाइवे पर वाहनों की गति भी धीमी रही। एयर क्वालिटी इंडेक्स 438 रिकॉर्ड किया गया है। दिवाली पर हवा की गुणवत्ता के और अधिक खराब होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
रविवार को सुबह से ही स्मॉग छाया रहा। स्मॉग की चादर सी बिछी रही। दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर वाहनों की रफ्तार भी धीम रही। दोपहर 12 बजे तक धीरे-धीरे स्मॉग छंट गया। शाम चार बजे से फिर वातावरण में स्मॉग छा गया। अब तक का यह सबसे अधिक स्मॉग रहा। दिवाली तक मौसम के और अधिक खराब होने का अनुमान है। सांस के रोगियों की दिक्कत बढ़ सकती है।
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इस तरह फैल रहा प्रदूषण
बागपत। जिले में पराली या पत्ती जलाए जाने के मामले कम हैं। लेकिन प्रदूषण की बड़ी वजह निर्माण कार्य भी हैं। जिले में विभिन्न मार्गों, भवनों का निर्माण चल रहा है। इसके अलावा पड़ोसी राज्य हरियाणा की सीमा जिले से सटी हुई है। ऐसे में अनुमान है कि हरियाणा में पराली जलाए जाने का असर जिले तक पहुंचकर हवा की गुणवत्ता खराब करता है।
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आंखों में जलन, सांस में तकलीफ
बागपत। स्मॉग के कारण आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ होती है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागपत के प्रभारी डॉ विभाष राजपूत का कहना है कि प्रदूषण से निपटने के लिए चश्मे और मास्क का प्रयोग करना चाहिए।