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कैश न मिलने से गुस्साए लोगों ने लगाया जाम

Mon, 05 Dec 2016 11:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Mon, 05 Dec 2016 11:27 PM IST
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Angry over not getting a cash people put the jam
बागपत के शौकत मार्किट में बैंक के बाहर हंगामा कर रहे लोगो को समझाते पुलिसकर्मी - फोटो : amar ujala
बागपत के छपरौली में नोटबंदी से लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। कैश न मिलने पर लूंब गांव स्थित सिंडिकेट बैंक की शाखा पर लोगों ने जमकर हंगामा किया और टांडा रमाला मार्ग जाम कर दिया। इससे दूर-दूर तक वाहनों की लाईनें लग गईं। हलाकान लोगों ने पुलिस को सूचना दी तो काफी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया जा सका।
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क्षेत्र के लूंब की बैंक शाखा पर गांव सहित क्षेत्र के हेवा, तुगाना, बौढ़ा, टांडा व नांगल सहित कई गांवों के लोगों के खाते हैं। आए दिन इस बैंक शाखा पर हंगामा होना आम बात है। लोगों के आक्रोश के चलते कई बार बिना कैश आए बैंक कर्मचारी मेन गेट ही नहीं खोलते। बाहर लोगों का हंगामा जारी रहता है। बैंक कर्मचारी कहते हैं कि बिना कैश के बैंक खोलने पर उनकी परेशानी बढ़ती है और लोगों को समझाना उनके बस में नहीं है।

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सोमवार को इस बैंक की शाखा में कैश आया ही नहीं। बाहर लोग कतार में खड़े थे। बिना कैश के बैंककर्मियों ने ताला ही नहीं खोला तो गुस्साए लोगों ने टांडा-रमाला मार्ग जाम कर दिया। इससे दूर-दूर तक वाहनों की कतारें लग गईं। जाम में कई स्कूल बसें भी फंसी थीं। इनमें सवार बच्चे भूख से परेशान होने लगे। छपरौली थाने पर सूचना दी गई तो पुलिस टीम पहुंची। काफी मशक्कत करके जाम खुलवाया गया। लोगों का आरोप था कि बैंककर्मियों की लापरवाही के चलते उन्हें परेशानी हो रही है।

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वे सवेरे से ही लाइन में लग जाते हैं। जब उनका नंबर आने वाला होता है तो ‘नो कैश’ बता दिया जाता है।बैंक मैनेजर ने बताया कि सोमवार को उनकी शाखा में कैश नहीं आना था, जिसका बोर्ड लगा दिया गया था। किसी ने शरारत करके गांव में प्रचार करा दिया कि बैंक आ जाओ, भुगतान किया जा रहा है। इससे काफी भीड़ आ गई औरव्यवस्था खराब हो गई। पुलिस ने आकर स्थिति संभाली और मामला शांत किया। मांग के अनुसार कैश न आने से थोड़ी परेशानी बढ़ जाती है। फिर भी बैंक की ओर से प्रयास किया जाता है कि सभी को भुगतान दे दिया जाए।

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