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गन्ना कभुगतान में देरी पर किसानों में किनौनी मिल के खिलाफ गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी
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गन्ना भुगतान में देरी पर किनौनी मिल के खिलाफ गुस्सा
दोघट (बागपत)। मांगरौली गांव में पूर्व प्रधान इमरान त्यागी के आवास पर हुई किसानों की बैठक में किनौनी मिल की गन्ना भुगतान में देरी मुख्य मुद्दा रहा। बैठक में किसानों ने आरोप लगाया कि किनौनी मिल का पेराई सत्र समाप्त हो चुका है, लेकिन मिल प्रबंधन ने उनके गन्ने का भुगतान अभी तक नहीं कराया है। समय पर भुगतान नहीं मिलने पर किसानों को कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
कोरोना काल के कारण किसान आंदोलन भी नहीं कर पा रहे हैं। जिसका फायदा मिल प्रबंधन उठा रहा है। लेकिन किसान अब चुप बैठने वाले नहीं है। किसान की गन्ना मिल के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करना मजबूरी बन गया है। सरकार का गन्ना मिलों पर कोई दबाव ही नहीं रह गया है। जबकि किसान को बिजली के घरेलू व नलकूप के बिल, बैंकों का कर्ज आदि समय पर देना पड़ता है। यदि समय पर किसान नहीं दे पाता तो उस पर पेनल्टी लगा दी जाती है। बिजली, तेल, खाद, उर्वरकों पर बढ़े दामों की मार किसान झेलने पर मजबूर बना है। ऐसी स्थिति में भी गन्ना मिल किसान का भुगतान समय पर नहीं कर रहा है। जबकि सरकार ने 14 दिन में भुगतान न करने वाले मिलों से ब्याज सहित दिलाने का वादा किया था। बैठक में किसानों ने चेतावनी दी कि शीघ्र ही गन्ना भुगतान न कराया गया तो किसान मिल के खिलाफ धरना शुरू करेंगे। बैठक में नवाब अली, अबरार, बब्बन, बसीर, पप्पू, शौकत, गफ्फार, मुंतियाज, सलीम, आस मोहम्मद, जाकिर, इमरान आदि मौजूद रहे। किनौनी मिल के जीएम राजकुमार का कहना है कि नवंबर का भुगतान समिति को भेज दिया गया है। शीघ्र ही सात दिसंबर तक का भुगतान समिति को भेज दिया जाएगा।
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दोघट (बागपत)। मांगरौली गांव में पूर्व प्रधान इमरान त्यागी के आवास पर हुई किसानों की बैठक में किनौनी मिल की गन्ना भुगतान में देरी मुख्य मुद्दा रहा। बैठक में किसानों ने आरोप लगाया कि किनौनी मिल का पेराई सत्र समाप्त हो चुका है, लेकिन मिल प्रबंधन ने उनके गन्ने का भुगतान अभी तक नहीं कराया है। समय पर भुगतान नहीं मिलने पर किसानों को कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
कोरोना काल के कारण किसान आंदोलन भी नहीं कर पा रहे हैं। जिसका फायदा मिल प्रबंधन उठा रहा है। लेकिन किसान अब चुप बैठने वाले नहीं है। किसान की गन्ना मिल के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करना मजबूरी बन गया है। सरकार का गन्ना मिलों पर कोई दबाव ही नहीं रह गया है। जबकि किसान को बिजली के घरेलू व नलकूप के बिल, बैंकों का कर्ज आदि समय पर देना पड़ता है। यदि समय पर किसान नहीं दे पाता तो उस पर पेनल्टी लगा दी जाती है। बिजली, तेल, खाद, उर्वरकों पर बढ़े दामों की मार किसान झेलने पर मजबूर बना है। ऐसी स्थिति में भी गन्ना मिल किसान का भुगतान समय पर नहीं कर रहा है। जबकि सरकार ने 14 दिन में भुगतान न करने वाले मिलों से ब्याज सहित दिलाने का वादा किया था। बैठक में किसानों ने चेतावनी दी कि शीघ्र ही गन्ना भुगतान न कराया गया तो किसान मिल के खिलाफ धरना शुरू करेंगे। बैठक में नवाब अली, अबरार, बब्बन, बसीर, पप्पू, शौकत, गफ्फार, मुंतियाज, सलीम, आस मोहम्मद, जाकिर, इमरान आदि मौजूद रहे। किनौनी मिल के जीएम राजकुमार का कहना है कि नवंबर का भुगतान समिति को भेज दिया गया है। शीघ्र ही सात दिसंबर तक का भुगतान समिति को भेज दिया जाएगा।
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