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युवा मतदाताओं पर रहेगी सबकी नजर
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2.78 लाख युवा मतदाता बागपत जनपद में
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। बागपत जनपद के 2.78 लाख युवा मतदाता इस बार विधानसभा चुनाव में निर्णायक भूमिका में नजर आएंगे। नई सरकार से उम्मीद को लेकर युवा मतदाताओं से बात की गई तो अधिकांश का कहना था कि सरकार कोई भी बनाए, मूलभूत समस्याएं वह जरूर हल कराए। उन्हें बस बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की ही दरकार है।
विधानसभा चुनाव को लेकर कई युवाओं से बातचीत की। कुछ भाजपा और कुछ रालोद के समर्थक मिले तो कोई आप व कांग्रेस को भी पसंद करता नजर आया। कई युवा ऐसे भी मिले जिन्हें राजनीतिक दलों से कोई लेना देना नहीं था। ऐसे युवाओं ने कहा कि राज्य में किसी भी पार्टी की सरकार बने या कोई भी मुख्यमंत्री बने, उन्हें तो सिर्फ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के साथ साथ बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत समस्याओं का समाधान चाहते हैं।
विनीत मलिक का कहना है कि सरकार कोई भी बनाए। समाज के हर तबके को मूलभूत सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। ज्यादा न भी हो तो कम से कम बिजली, पानी, स्वास्थ्य व शिक्षा की व्यवस्था तो चाक चौबंद होनी चाहिए। हर घर से कम से कम एक व्यक्ति को रोजगार जरूरत मिलना चाहिए।
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सोनू तोमर का कहना है कि सरकार किसी भी पार्टी की बने। वह युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करें। ग्रामीण क्षेत्रों को मूलभूत सुविधाएं शिक्षा, पानी, बिजली, सड़क, इंटरनेट से जोड़ा जाए।
विपिन पूनिया व राहुल भारद्वाज का कहना है कि बेरोजगार युवाओं को डिग्री भी बोझ लगने लगी हैं। सरकार या नेता युवाओं को रोजगार के अवसर दें। ताकि वह अपनी डिग्री का सही इस्तेमाल कर सकें।
किस उम्र के कितने मतदाता
बागपत, बड़ौत और छपरौली विधानसभाओं में 2,78,443 युवा मतदाता है। इनमें 18-19 वर्ष तक के 64077 और 20-29 वर्ष तक के दो लाख 94 हजार 356 मतदाता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। बागपत जनपद के 2.78 लाख युवा मतदाता इस बार विधानसभा चुनाव में निर्णायक भूमिका में नजर आएंगे। नई सरकार से उम्मीद को लेकर युवा मतदाताओं से बात की गई तो अधिकांश का कहना था कि सरकार कोई भी बनाए, मूलभूत समस्याएं वह जरूर हल कराए। उन्हें बस बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की ही दरकार है।
विधानसभा चुनाव को लेकर कई युवाओं से बातचीत की। कुछ भाजपा और कुछ रालोद के समर्थक मिले तो कोई आप व कांग्रेस को भी पसंद करता नजर आया। कई युवा ऐसे भी मिले जिन्हें राजनीतिक दलों से कोई लेना देना नहीं था। ऐसे युवाओं ने कहा कि राज्य में किसी भी पार्टी की सरकार बने या कोई भी मुख्यमंत्री बने, उन्हें तो सिर्फ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के साथ साथ बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत समस्याओं का समाधान चाहते हैं।
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विनीत मलिक का कहना है कि सरकार कोई भी बनाए। समाज के हर तबके को मूलभूत सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। ज्यादा न भी हो तो कम से कम बिजली, पानी, स्वास्थ्य व शिक्षा की व्यवस्था तो चाक चौबंद होनी चाहिए। हर घर से कम से कम एक व्यक्ति को रोजगार जरूरत मिलना चाहिए।
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सोनू तोमर का कहना है कि सरकार किसी भी पार्टी की बने। वह युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करें। ग्रामीण क्षेत्रों को मूलभूत सुविधाएं शिक्षा, पानी, बिजली, सड़क, इंटरनेट से जोड़ा जाए।
विपिन पूनिया व राहुल भारद्वाज का कहना है कि बेरोजगार युवाओं को डिग्री भी बोझ लगने लगी हैं। सरकार या नेता युवाओं को रोजगार के अवसर दें। ताकि वह अपनी डिग्री का सही इस्तेमाल कर सकें।
किस उम्र के कितने मतदाता
बागपत, बड़ौत और छपरौली विधानसभाओं में 2,78,443 युवा मतदाता है। इनमें 18-19 वर्ष तक के 64077 और 20-29 वर्ष तक के दो लाख 94 हजार 356 मतदाता है।