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Baghpat News: किसानों की आवाज को बुलंद करते रहे अजित सिंह
Mon, 12 Feb 2024 02:18 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Mon, 12 Feb 2024 02:18 AM IST
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दिल्ली में चौधरी अजित सिंह मुलाकात करते रालोद नेता ओमबीर ढाका। फाइल फोटो स्रोत: रालोद नेता
बागपत। लोगों के दिलों में चौधरी चरण सिंह बसते हैं तो उनके बेटे रालोद के अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री रहे चौधरी अजित सिंह भी हमेशा किसानों की आवाज बुलंद करते रहे। किसानों के लिए वह सरकारों से लड़ते भी रहे। यही कारण है कि आज भी लोग उनको याद करते रहते हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि बागपत को उनके बेटे व पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह ने वर्ष 1989 में पहली बार सांसद बनकर संभाला था। वह सांसद बनते ही वीपी सिंह की सरकार में उद्योग मंत्री बन गए थे। इसके बाद वह लगातार चुनाव जीतते रहे और वर्ष 1996 में पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री बने। लेकिन वर्ष 1998 में उनको सोमपाल शास्त्री ने हरा दिया, उसके बाद वर्ष 1999 के चुनाव में लाखों वोटों से जीत दिलाई। वह वर्ष 2014 तक सांसद रहे और वर्ष 2001 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कृषि मंत्री बने। वर्ष 2011 में मनमोहन सिंह की सरकार में वह नागरिक उड्डयन मंत्री भी रहे। इसके बाद उनको जीत नहीं मिल सकी और वर्ष 2014 में बागपत व वर्ष 2019 में मुजफ्फरनगर से चुनाव हारे। 20 अप्रैल 2021 को उनका निधन हुआ।
- किसानों के लिए खूब आंदोलन किए, बागपत को कई सौगात दीं
चौधरी अजित सिंह किसानों के लिए कई बार सरकार से टकराए और बड़े आंदोलन किए। गन्ने का भाव बढ़वाने, कैपेसिटर चार्ज के खिलाफ, किसानों का ऋण माफ कराने समेत अन्य कई आंदोलन किए और सरकार को किसानों के सामने झुकना भी पड़ा। चौधरी अजित सिंह ने खुद कृषि मंत्री रहते हुए किसानों के लिए कम ब्याज पर ऋण की व्यवस्था कराई। रालोद के क्षेत्रीय सचिव ओमबीर सिंह ढाका बताते हैं कि चौधरी अजित सिंह ने बागपत में चौधरी चरण सिंह पशु अनुसंधान केंद्र बनवाया तो मलकपुर में शुगर मिल भी उनकी देन है।
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इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना शुरू होते ही सबसे ज्यादा सड़कें बागपत में बनवाईं। रालोद नेता राजू सिरसली कहते हैं कि आज भी चौधरी अजित सिंह बागपत के लोगों के दिलों में बसते हैं और लोग उनको याद करते हैं।
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पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि बागपत को उनके बेटे व पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह ने वर्ष 1989 में पहली बार सांसद बनकर संभाला था। वह सांसद बनते ही वीपी सिंह की सरकार में उद्योग मंत्री बन गए थे। इसके बाद वह लगातार चुनाव जीतते रहे और वर्ष 1996 में पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री बने। लेकिन वर्ष 1998 में उनको सोमपाल शास्त्री ने हरा दिया, उसके बाद वर्ष 1999 के चुनाव में लाखों वोटों से जीत दिलाई। वह वर्ष 2014 तक सांसद रहे और वर्ष 2001 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कृषि मंत्री बने। वर्ष 2011 में मनमोहन सिंह की सरकार में वह नागरिक उड्डयन मंत्री भी रहे। इसके बाद उनको जीत नहीं मिल सकी और वर्ष 2014 में बागपत व वर्ष 2019 में मुजफ्फरनगर से चुनाव हारे। 20 अप्रैल 2021 को उनका निधन हुआ।
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- किसानों के लिए खूब आंदोलन किए, बागपत को कई सौगात दीं
चौधरी अजित सिंह किसानों के लिए कई बार सरकार से टकराए और बड़े आंदोलन किए। गन्ने का भाव बढ़वाने, कैपेसिटर चार्ज के खिलाफ, किसानों का ऋण माफ कराने समेत अन्य कई आंदोलन किए और सरकार को किसानों के सामने झुकना भी पड़ा। चौधरी अजित सिंह ने खुद कृषि मंत्री रहते हुए किसानों के लिए कम ब्याज पर ऋण की व्यवस्था कराई। रालोद के क्षेत्रीय सचिव ओमबीर सिंह ढाका बताते हैं कि चौधरी अजित सिंह ने बागपत में चौधरी चरण सिंह पशु अनुसंधान केंद्र बनवाया तो मलकपुर में शुगर मिल भी उनकी देन है।
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इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना शुरू होते ही सबसे ज्यादा सड़कें बागपत में बनवाईं। रालोद नेता राजू सिरसली कहते हैं कि आज भी चौधरी अजित सिंह बागपत के लोगों के दिलों में बसते हैं और लोग उनको याद करते हैं।