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धोखाधड़ी में फंसे अधिवक्ता
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Thu, 22 Sep 2016 01:09 AM IST
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बागपत। सड़क हादसे में युवक जिशान की हुई मौत के मामले में क्लेम लेने के लिए फर्जी तरीके से अधिवक्ता समेत दो लोगों ने कोर्ट में रिपोर्ट दर्ज कराई। लखनऊ की एसआईटी की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ। इस मामले में बागपत कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है।
लखनऊ की विशेष जांच प्रकोष्ठ के इंस्पेक्टर विरेंद्र तिवारी ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया बागपत के मुगलपुरा मोहल्ला निवासी शफीक अहमद ने बागपत कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने बेटे जिशान और लतीफ के साथ 20 सितंबर 2014 की रात 10:50 बजे बाइक पर सवार होकर शहर के मुस्लिम होटल से पीडब्लूडी गेस्ट हाउस की ओर जा रहा था। पीडब्लूडी गेस्ट हाउस के पास अचानक बाइक बंद हो गई। वे बाइक को देखने लगे, तभी तेज गति से एक ट्रक आया। उसने और उसके बेटे लतीफ ने किसी तरह अपनी जान बचाई। ट्रक की चपेट में आने से जिशान की मौत हो गई।
बाद में शफीक ने गाजियाबाद के पते के आधार पर अधिवक्ता मोहन पाल रावत के माध्यम से दुर्घटना क्लेम लेने के लिए फर्जी तरीके से गाजियाबाद कोर्ट में रिपोर्ट दर्ज कराई। दर्शाया उसका बेटा जिशान अपने भाई लतीफ अहमद के साथ बाइक पर सवार होकर जा रहा था। वह लापरवाही और तेज गति से बाइक चल रहा था। इसी दौरान बाइक गिर गई।
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इससे जिशान की मौत हो गई थी और लतीफ गंभीर घायल हो गया था। मामला लखनऊ हाईकोर्ट में विचाराधीन है। केस की जांच की तो पता चला अधिवक्ता मोहन पाल रावत और शफीक ने क्लेम लेने के लिए धोखाधड़ी और फर्जी तरीके से केस दर्ज कराया था। इस मामले में कोतवाली में दोनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। कोतवाली प्रभारी मुकेश कुमार ने कहा केस की विवेचना के आधार पर कार्रवाई होगी।
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लखनऊ की विशेष जांच प्रकोष्ठ के इंस्पेक्टर विरेंद्र तिवारी ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया बागपत के मुगलपुरा मोहल्ला निवासी शफीक अहमद ने बागपत कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने बेटे जिशान और लतीफ के साथ 20 सितंबर 2014 की रात 10:50 बजे बाइक पर सवार होकर शहर के मुस्लिम होटल से पीडब्लूडी गेस्ट हाउस की ओर जा रहा था। पीडब्लूडी गेस्ट हाउस के पास अचानक बाइक बंद हो गई। वे बाइक को देखने लगे, तभी तेज गति से एक ट्रक आया। उसने और उसके बेटे लतीफ ने किसी तरह अपनी जान बचाई। ट्रक की चपेट में आने से जिशान की मौत हो गई।
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बाद में शफीक ने गाजियाबाद के पते के आधार पर अधिवक्ता मोहन पाल रावत के माध्यम से दुर्घटना क्लेम लेने के लिए फर्जी तरीके से गाजियाबाद कोर्ट में रिपोर्ट दर्ज कराई। दर्शाया उसका बेटा जिशान अपने भाई लतीफ अहमद के साथ बाइक पर सवार होकर जा रहा था। वह लापरवाही और तेज गति से बाइक चल रहा था। इसी दौरान बाइक गिर गई।
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इससे जिशान की मौत हो गई थी और लतीफ गंभीर घायल हो गया था। मामला लखनऊ हाईकोर्ट में विचाराधीन है। केस की जांच की तो पता चला अधिवक्ता मोहन पाल रावत और शफीक ने क्लेम लेने के लिए धोखाधड़ी और फर्जी तरीके से केस दर्ज कराया था। इस मामले में कोतवाली में दोनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। कोतवाली प्रभारी मुकेश कुमार ने कहा केस की विवेचना के आधार पर कार्रवाई होगी।