{"_id":"627d47ad63eacf133908bf5b","slug":"additional-district-co-operative-officer-investigated-the-mini-bank-scam-baghpat-news-mrt5883325133","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपर जिला सहकारी अधिकारी ने की मिनी बैंक घोटाले की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपर जिला सहकारी अधिकारी ने की मिनी बैंक घोटाले की जांच
विज्ञापन
किसान सेवा सहकारी समिति दोघट में अभिलेखों की जांच करते अपर जिला सहकारी अधिकारी डॉ. जितेंद्र राण?
- फोटो : BAGHPAT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बोले, समिति की ओर से वापस की जा रही किसानों की रकम
संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट (बागपत)। अपर जिला सहकारी अधिकारी डॉ जितेंद्र राणा ने बृहस्पतिवार को किसान सेवा सहकारी समिति दोघट में हुए 45 लाख रुपये के घोटाले के संबंध में जांच की। बताया कि घोटाले की जांच चल रही है। विभाग की ओर से रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी। घोटाले में संलिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों से घोटाले की रकम की वसूली जाएगी।
अपर जिला सहकारी अधिकारी डॉ जितेंद्र राणा ने बताया कि मिनी बैंक में जिन किसानों के रुपये जमा है, उनके रुपये को समिति के स्तर से लौटाना शुरू कर दिए है। किसान वीर सिंह की धनराशि उसके खाते में ट्रांसफर कर दी गई है। किसानों को जिला सहकारी बैंक में खाता खुलवाने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि मिनी बैंक में 45 लाख रुपये के घोटाला हुआ था। इस मामले में तत्कालीन प्रबंध निदेशक, बैंक मैनेजर निलंबित हो चुके है। एक कर्मचारी ने आत्महत्या कर ली थी जबकि एक कर्मचारी की मृत्यु हार्ट अटैक से हो चुकी है। बैंक का पूरा स्टाफ बदल दिया गया। समिति पर नये प्रबंध निदेशक और कर्मचारी तैनात कर दिए है। इस घोटाले से समिति की साख पर ही नहीं बल्कि जनपद की अन्य समितियों की साख पर भी असर पड़ा है। इस समय जो किसान समिति से लेनदेन कर रहे है, वे अपनी पासबुक में एंट्री जरूर करा लें।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट (बागपत)। अपर जिला सहकारी अधिकारी डॉ जितेंद्र राणा ने बृहस्पतिवार को किसान सेवा सहकारी समिति दोघट में हुए 45 लाख रुपये के घोटाले के संबंध में जांच की। बताया कि घोटाले की जांच चल रही है। विभाग की ओर से रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी। घोटाले में संलिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों से घोटाले की रकम की वसूली जाएगी।
अपर जिला सहकारी अधिकारी डॉ जितेंद्र राणा ने बताया कि मिनी बैंक में जिन किसानों के रुपये जमा है, उनके रुपये को समिति के स्तर से लौटाना शुरू कर दिए है। किसान वीर सिंह की धनराशि उसके खाते में ट्रांसफर कर दी गई है। किसानों को जिला सहकारी बैंक में खाता खुलवाने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि मिनी बैंक में 45 लाख रुपये के घोटाला हुआ था। इस मामले में तत्कालीन प्रबंध निदेशक, बैंक मैनेजर निलंबित हो चुके है। एक कर्मचारी ने आत्महत्या कर ली थी जबकि एक कर्मचारी की मृत्यु हार्ट अटैक से हो चुकी है। बैंक का पूरा स्टाफ बदल दिया गया। समिति पर नये प्रबंध निदेशक और कर्मचारी तैनात कर दिए है। इस घोटाले से समिति की साख पर ही नहीं बल्कि जनपद की अन्य समितियों की साख पर भी असर पड़ा है। इस समय जो किसान समिति से लेनदेन कर रहे है, वे अपनी पासबुक में एंट्री जरूर करा लें।
विज्ञापन