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Baghpat News: पुलिस पर कार्रवाई तो जनता की थानों में सुनवाई हुई
Mon, 13 Mar 2023 12:09 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Mon, 13 Mar 2023 12:09 AM IST
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एसपी नीरज कुमार जादौन बागपत
बागपत। एसपी नीरज कुमार जादौन का बागपत में एक साल सात महीने का कार्यकाल रहा। यहां उन्होंने पुलिस पर खूब कार्रवाई की तो जनता की थानों में सुनवाई भी हुई। उनके सामने कई बड़ी घटनाएं जरूर हुईं, लेकिन उनका खुलासा भी कराया गया। अब नवनियुक्त एसपी अर्पित विजयवर्गीय के लिए कई चुनौतियां होंगी।
एसपी नीरज कुमार जादौन हापुड़ से 10 अगस्त 2021 को तबादला होकर बागपत आए थे। एसपी ने अपने कार्यालय में फरियादियों की भीड़ देखकर सबसे पहले एक नियम बनाया कि कोई भी शिकायत लेकर आता है तो उसको एसपी कार्यालय व थानों से पीली पर्ची मिलेगी। जिसके बाद वह उनकी बीच-बीच में खुद जांच कराएंगे कि पुलिस ने कितने समय में क्या कार्रवाई की। इससे जनता की थानों में सुनवाई होने लगी।
एसपी ने भ्रष्टाचार में दस से ज्यादा पुलिस कर्मियों पर मुकदमे भी कराए तो पुलिस वाले बर्खास्त भी किए गए। इसलिए ही पुलिस कर्मियों में उनका डर बना रहा। एसपी के कार्यकाल में कई बड़ी घटनाएं भी हुई, जिनमें पुलिस की फजीहत भी हुई।
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जहां बाछौड़ में पुलिस की दबिश के दौरान महिला व उसकी दो बेटियों की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई थी। जिसकी गूंज लखनऊ तक रही तो सिपाही को गोली मारने, मंदिर में डकैती की समेत कई घटनाओं ने पुलिस की फजीहत कराई। वहीं फखरपुर के शौर्य हत्याकांड भी काफी चर्चित रहा, जिसका एसपी ने खुद कई दिन तक छानबीन कर खुलासा कराया।
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अब नवनियुक्त एसपी अर्पित विजयवर्गीय के लिए चुनौती
जिले में 80 प्रतिशत हत्याएं पारिवारिक होती हैं, जिनमें आरोपी परिवार के सदस्य होते हैं। इसके अलावा करीब 20 प्रतिशत हत्याएं रंजिशन व अन्य कारण से होती हैं। इस तरह की हत्याओं को रोकना बड़ी चुनौती है। एसपी नीरज कुमार जादौन भी इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लगा सके और अब नवनियुक्त एसपी अर्पित विजयवर्गीय के लिए इस तरह की घटनाएं रोकना चुनौती होगा। इसके अलावा जिले की सीमा दो राज्यों हरियाणा व दिल्ली से सटी होने के कारण शराब व पशु तस्करी रोकना भी बड़ी चुनौती है।
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एसपी नीरज कुमार जादौन हापुड़ से 10 अगस्त 2021 को तबादला होकर बागपत आए थे। एसपी ने अपने कार्यालय में फरियादियों की भीड़ देखकर सबसे पहले एक नियम बनाया कि कोई भी शिकायत लेकर आता है तो उसको एसपी कार्यालय व थानों से पीली पर्ची मिलेगी। जिसके बाद वह उनकी बीच-बीच में खुद जांच कराएंगे कि पुलिस ने कितने समय में क्या कार्रवाई की। इससे जनता की थानों में सुनवाई होने लगी।
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एसपी ने भ्रष्टाचार में दस से ज्यादा पुलिस कर्मियों पर मुकदमे भी कराए तो पुलिस वाले बर्खास्त भी किए गए। इसलिए ही पुलिस कर्मियों में उनका डर बना रहा। एसपी के कार्यकाल में कई बड़ी घटनाएं भी हुई, जिनमें पुलिस की फजीहत भी हुई।
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जहां बाछौड़ में पुलिस की दबिश के दौरान महिला व उसकी दो बेटियों की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई थी। जिसकी गूंज लखनऊ तक रही तो सिपाही को गोली मारने, मंदिर में डकैती की समेत कई घटनाओं ने पुलिस की फजीहत कराई। वहीं फखरपुर के शौर्य हत्याकांड भी काफी चर्चित रहा, जिसका एसपी ने खुद कई दिन तक छानबीन कर खुलासा कराया।
अब नवनियुक्त एसपी अर्पित विजयवर्गीय के लिए चुनौती
जिले में 80 प्रतिशत हत्याएं पारिवारिक होती हैं, जिनमें आरोपी परिवार के सदस्य होते हैं। इसके अलावा करीब 20 प्रतिशत हत्याएं रंजिशन व अन्य कारण से होती हैं। इस तरह की हत्याओं को रोकना बड़ी चुनौती है। एसपी नीरज कुमार जादौन भी इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लगा सके और अब नवनियुक्त एसपी अर्पित विजयवर्गीय के लिए इस तरह की घटनाएं रोकना चुनौती होगा। इसके अलावा जिले की सीमा दो राज्यों हरियाणा व दिल्ली से सटी होने के कारण शराब व पशु तस्करी रोकना भी बड़ी चुनौती है।

एसपी नीरज कुमार जादौन बागपत