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बलवाइयों को कड़ा सबक सिखाने की तैयारी में पुलिस
Baghpat
Updated Thu, 14 Aug 2014 05:30 AM IST
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बागपत। डौला के बवाल में पुलिस ने बलवाइयों को ऐसा सबक सिखाने की तैयारी है कि उनके परिवार की अगली पीढ़ी भी कानून हाथ में लेने से पहले सौ बार सोचे। एक तो बेहद संगीन धारा में केस दर्ज किया जा रहा है। दूसरा मौके पर कराई वीडियो ग्राफी से बलवाइयों की पहचान की जा रही है। तीसरा पुलिस की टीमें गठित तक गिरफ्तारी की तैयारी है। सीओ की आंख में चोट लगने से पुलिस अफसर इतने भड़के हैं कि इसमें सैंकड़ों बलवाइयों की गिरफ्तारी का प्लान बना रहे हैं। ऐसे लोग चिन्हित किए जा रहे हैं, जिन्हें बवाल कराया। अधिकारी खुलकर तो नहीं बोल रहे हैं, इनमें एनएसए में कार्रवाई करने की तैयारी चल रही है। खुफिया पुलिस को भी गांव में लगाया बलवाइयों के नाम मालूम करने के लिए।
पुलिस ने दर्जनभर से ज्यादा लोगों के नाम नोट भी किए हैं। बवाल के बाद जो लोग अफसरों से मिलने पहुंचे, उनसे पूछताछ की। यह भी मालूम किया कि पथराव में कौन कौन शामिल रहे। इसके अलावा कई कैमरों से वीडियो ग्राफी कराई। पुलिसवालों ने अपने मोबाइल से भी बलवाइयों को कैमरे में कैद किया। अब उनके चेहरे पहचानने की तैयारी है। इस पर बृहस्पतिवार से ही काम शुरू हो जाएगा। स्वतंत्रता दिवस के बाद गिरफ्तारी अभियान चला सकती है पुलिस। जो पुलिस वाले घायल हुए हैं, उनका मेडिकल परीक्षण होगा ताकि केस मजबूत बन सके।
एसपी जितेंद्र कुमार शाही ने बताया पथराव करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। बलवाइयों की पहचान शुरू हो चुकी है।
पहले भी हुआ पुलिस पर हमला
बागपत। डौला गांव में पहले भी एक बार पुुलिस पर हमला हो चुका है। बात करीब तीन माह पुरानी है। डौला चौकी पुलिस ने रेत का एक ट्रक रोका। इसी पर एक सिपाही और दारोगा को पीटा था। इसमें डौला के लोग जेल गए थे। पुलिस पुरानी बातें भी याद कर रही है।
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पुलिस ने दर्जनभर से ज्यादा लोगों के नाम नोट भी किए हैं। बवाल के बाद जो लोग अफसरों से मिलने पहुंचे, उनसे पूछताछ की। यह भी मालूम किया कि पथराव में कौन कौन शामिल रहे। इसके अलावा कई कैमरों से वीडियो ग्राफी कराई। पुलिसवालों ने अपने मोबाइल से भी बलवाइयों को कैमरे में कैद किया। अब उनके चेहरे पहचानने की तैयारी है। इस पर बृहस्पतिवार से ही काम शुरू हो जाएगा। स्वतंत्रता दिवस के बाद गिरफ्तारी अभियान चला सकती है पुलिस। जो पुलिस वाले घायल हुए हैं, उनका मेडिकल परीक्षण होगा ताकि केस मजबूत बन सके।
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एसपी जितेंद्र कुमार शाही ने बताया पथराव करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। बलवाइयों की पहचान शुरू हो चुकी है।
पहले भी हुआ पुलिस पर हमला
बागपत। डौला गांव में पहले भी एक बार पुुलिस पर हमला हो चुका है। बात करीब तीन माह पुरानी है। डौला चौकी पुलिस ने रेत का एक ट्रक रोका। इसी पर एक सिपाही और दारोगा को पीटा था। इसमें डौला के लोग जेल गए थे। पुलिस पुरानी बातें भी याद कर रही है।
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