{"_id":"51-57363","slug":"Baghpat-57363-51","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व एआरओ की पत्नी और बेटी लापता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्व एआरओ की पत्नी और बेटी लापता
Baghpat
Updated Thu, 23 May 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत। मुरादाबाद में एआरओ के पद पर तैनात रहे स्वर्गीय महेंद्र सिंह की पत्नी और बेटी मंगलवार को लापता हो गई। परिजनों में हड़कंप मचा हुआ है। उन्होंने एसपी दफ्तर पर पहुंचकर शिकायत की है।
फैजपुर निनाना निवासी भूरू सिंह ने बताया कि उसका बेटा महेंद्र सिंह, पुलिस विभाग में एआरओ के पद पर तैनात थे। पिछले वर्ष उसकी अचानक मौत हो गई थी। महेंद्र सिंह की पत्नी देविंद्री अपने बच्चों के साथ मेरठ पल्लवपुरम में रहती है। मंगलवार को देविंद्र, अपनी बेटी अनुराधा और अनामिका के साथ स्कूटी से मेरठ के लिए गई थी परंतु वे वहां नही पहुंची। परिजनों को आशंका है कि उनका अपहरण कर लिया गया है। परिजनों ने एसपी दफ्तर पर पहुंचकर घटना की शिकायत क र उनकी बरामदगी की मांग की है।
मां-बेटे गुम
बागपत। शाहपुर बड़ौली निवासी सतंराम का कहना है कि उसकी पत्नी अंजू खेकड़ा फैक्टरी में काम करती है। 14 मई को अंजू अपने बेटे के साथ खेकड़ा फैक्टरी गई थी। लेकिन अभी तक वापस नहीं लौटी है। उसने एसपी दफ्तर पर पहुंचकर उनकी तलाश कराए जाने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
फैजपुर निनाना निवासी भूरू सिंह ने बताया कि उसका बेटा महेंद्र सिंह, पुलिस विभाग में एआरओ के पद पर तैनात थे। पिछले वर्ष उसकी अचानक मौत हो गई थी। महेंद्र सिंह की पत्नी देविंद्री अपने बच्चों के साथ मेरठ पल्लवपुरम में रहती है। मंगलवार को देविंद्र, अपनी बेटी अनुराधा और अनामिका के साथ स्कूटी से मेरठ के लिए गई थी परंतु वे वहां नही पहुंची। परिजनों को आशंका है कि उनका अपहरण कर लिया गया है। परिजनों ने एसपी दफ्तर पर पहुंचकर घटना की शिकायत क र उनकी बरामदगी की मांग की है।
विज्ञापन
मां-बेटे गुम
बागपत। शाहपुर बड़ौली निवासी सतंराम का कहना है कि उसकी पत्नी अंजू खेकड़ा फैक्टरी में काम करती है। 14 मई को अंजू अपने बेटे के साथ खेकड़ा फैक्टरी गई थी। लेकिन अभी तक वापस नहीं लौटी है। उसने एसपी दफ्तर पर पहुंचकर उनकी तलाश कराए जाने की मांग की।
विज्ञापन