{"_id":"5b2fef924f1c1b624d8b7ec5","slug":"91529868178-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बामनौली में आबादी की भूमि पर भी काट दिए चक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बामनौली में आबादी की भूमि पर भी काट दिए चक
Updated Mon, 25 Jun 2018 12:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दोघट (बागपत)। बामनौली गांव में चकबंदी प्रक्रिया कागजों पर ही की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि आबादी की भूमि पर चक काट दिए, जबकि इस जमीन पर सैकड़ों परिवार मकान बनाकर वर्षों से रह रहे हैं। चकबंदी से छोटी जोत के किसानों को नुकसान हुआ है। चकबंदी अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा अब सैकड़ों किसान भुगत रहे हैं।
बामनौली गांव में 1981 से चल रही चकबंदी प्रक्रिया में खामियां ही खामियां हैं। ग्रामीण अशोक कुमार का कहना है कि गांव में 150 परिवार ऐसे हैं जो लंबे समय से अपनी जमीन पर मकान बनाकर रह रहे हैं। यह भूमि आबादी में लगती है। चकबंदी अधिकारियों ने इस जमीन की भी कीमत लगाकर चक काट दिए और किसानों को आवंटन तक कर दिया।
ग्रामीण बुद्धू का कहना है कि जिस जमीन पर उनके मकान बने हैं, उसे ग्राम समाज की जमीन बताकर अवैध रूप से बचत में दर्शा दिया गया। जांच की मांग की।
कृष्णपाल तोमर का कहना है कि चकबंदी से छोटी जोत के किसानों को नुकसान हुआ। बड़ी जोत के किसानों को सीधा लाभ हुआ है।
पवन कुमार का कहना है कि चकों की कीमत से लेकर चक सृजन तक का कार्य कागजों मेें किया है। इसके लिए चकबंदी अधिकारी एवं प्राधिकारी दोषी है। इनके विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।
विज्ञापन
महक सिंह ने कहा चकबंदी नए सिरे से शुरू कराई जाए। दोबारा चकों की कीमत लगाकर चक सृजित करें। चकबंदी अधिकारी गांव में बैठकर चक काटे। तभी इस समस्या का समाधान हो सकेगा।
गुमनाम किसानों की जमीन पर कर लिए कब्जे
दोघट। वीरेंद्र फौजी, हरि नाई, शकरू ने बताया कि गांव में 200 किसान ऐसे हैं, जिनका कोई अतापता नहीं है। ये कहां रह रहे हैं, इनके बारे में कोई नहीं जानता है, लेकिन इन किसानों की जमीन गांव में मौजूद है। इन गुमनाम किसानों की जमीन को कुछ किसानों ने चकबंदी अधिकारियों से मिलकर अपने खेतों के पास ले ली और उन पर कब्जे कर लिए। इस जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए।
बामनौली प्रकरण में लेखपाल अनिल सस्पेंड
बागपत। बामनौली के चकबंदी प्रकरण में लापरवाही करने के मामले में डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने लेखपाल अनिल को सस्पेंड कर दिया है। कई दिन पहले किसान टॉवर पर चढ़ गए थे, इसकी जांच के लिए खुद डीएम ऋषिरेंद्र कुमार बामनौली पुलिस चेक पोस्ट तक गए थे। दोनों पक्षों को बुलाकर जांच की और कार्रवाई का आश्वासन दिया था। एसओसी चकबंदी राकेश कुमार ने कार्रवाई की पुष्टि की है।
रंग लाने लगी अमर उजाला की मुहिम
बागपत। चकबंदी प्रकरण में अमर उजाला की मुहिम रंग लाने लगी है। किसानों को इंसाफ और सिस्टम में खामियों को लेकर अभियान शुरू किया । कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार ने मेरठ से सीओ चकबंदी अजय कुमार को बागपत में अटैच कर दिया है। वह विशेष तौर पर मामले की निगरानी करेंगे।
विज्ञापन
बामनौली गांव में 1981 से चल रही चकबंदी प्रक्रिया में खामियां ही खामियां हैं। ग्रामीण अशोक कुमार का कहना है कि गांव में 150 परिवार ऐसे हैं जो लंबे समय से अपनी जमीन पर मकान बनाकर रह रहे हैं। यह भूमि आबादी में लगती है। चकबंदी अधिकारियों ने इस जमीन की भी कीमत लगाकर चक काट दिए और किसानों को आवंटन तक कर दिया।
विज्ञापन
ग्रामीण बुद्धू का कहना है कि जिस जमीन पर उनके मकान बने हैं, उसे ग्राम समाज की जमीन बताकर अवैध रूप से बचत में दर्शा दिया गया। जांच की मांग की।
कृष्णपाल तोमर का कहना है कि चकबंदी से छोटी जोत के किसानों को नुकसान हुआ। बड़ी जोत के किसानों को सीधा लाभ हुआ है।
पवन कुमार का कहना है कि चकों की कीमत से लेकर चक सृजन तक का कार्य कागजों मेें किया है। इसके लिए चकबंदी अधिकारी एवं प्राधिकारी दोषी है। इनके विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।
विज्ञापन
महक सिंह ने कहा चकबंदी नए सिरे से शुरू कराई जाए। दोबारा चकों की कीमत लगाकर चक सृजित करें। चकबंदी अधिकारी गांव में बैठकर चक काटे। तभी इस समस्या का समाधान हो सकेगा।
गुमनाम किसानों की जमीन पर कर लिए कब्जे
दोघट। वीरेंद्र फौजी, हरि नाई, शकरू ने बताया कि गांव में 200 किसान ऐसे हैं, जिनका कोई अतापता नहीं है। ये कहां रह रहे हैं, इनके बारे में कोई नहीं जानता है, लेकिन इन किसानों की जमीन गांव में मौजूद है। इन गुमनाम किसानों की जमीन को कुछ किसानों ने चकबंदी अधिकारियों से मिलकर अपने खेतों के पास ले ली और उन पर कब्जे कर लिए। इस जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए।
बामनौली प्रकरण में लेखपाल अनिल सस्पेंड
बागपत। बामनौली के चकबंदी प्रकरण में लापरवाही करने के मामले में डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने लेखपाल अनिल को सस्पेंड कर दिया है। कई दिन पहले किसान टॉवर पर चढ़ गए थे, इसकी जांच के लिए खुद डीएम ऋषिरेंद्र कुमार बामनौली पुलिस चेक पोस्ट तक गए थे। दोनों पक्षों को बुलाकर जांच की और कार्रवाई का आश्वासन दिया था। एसओसी चकबंदी राकेश कुमार ने कार्रवाई की पुष्टि की है।
रंग लाने लगी अमर उजाला की मुहिम
बागपत। चकबंदी प्रकरण में अमर उजाला की मुहिम रंग लाने लगी है। किसानों को इंसाफ और सिस्टम में खामियों को लेकर अभियान शुरू किया । कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार ने मेरठ से सीओ चकबंदी अजय कुमार को बागपत में अटैच कर दिया है। वह विशेष तौर पर मामले की निगरानी करेंगे।