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परेशानी को परेशानी समझना सबसे बड़ी परेशानी- अरूण मुनि
Updated Fri, 29 Sep 2017 01:19 AM IST
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परेशानी को परेशानी समझना सबसे बड़ी परेशानी : अरुण मुनि
बड़ौत (बागपत)।
जैन स्थानक मंडी में अयोजित धर्मसभा में जैन संत अरुण मुनि ने कहा परेशानी को परेशानी समझना सबसे बड़ी परेशानी बन जाती है। उस पर ध्यान नहीं देना चाहिए। उस बस घटना समझकर छोड़ देना चाहिए। क्योंकि घटनाएं दुखद और सुखद दोनों प्रकार की होती है। ये मन से ही पैदा होती है और मन से ही खत्म होती है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोग भगवान महावीर की वाणी को गहराई से नहीं समझते। बडे़-बड़े साधक भी नहीं जान पाते। ज्ञानी लोग घटना के प्रति एकदम प्रतिक्रिया नहीं देते क्योंकि उनकी सोच सकारात्मक होती है। अज्ञानी व्यक्ति अपनी नकारात्मक सोच के प्रति तुरंत प्रतिक्रिया दे देता है। वास्तव में ज्ञानी वह है जो किसी भी घटना के प्रति प्रतिक्रिया ही न दे। जीवन की सभी घटनाओं को केवल यह मान ले कि हम सभी फि ल्म रोल कर रहें है। इससे पूर्व आगम मुनि ने विचार रखे। धर्मसभा में मनोज, प्रवीण, वीरसैन, नरेश, आशीष, सुरेश, हंस कुमार, दीपक, सुनीता, श्रद्धा, रीना, मीना आदि उपस्थित रहे ।
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बड़ौत (बागपत)।
जैन स्थानक मंडी में अयोजित धर्मसभा में जैन संत अरुण मुनि ने कहा परेशानी को परेशानी समझना सबसे बड़ी परेशानी बन जाती है। उस पर ध्यान नहीं देना चाहिए। उस बस घटना समझकर छोड़ देना चाहिए। क्योंकि घटनाएं दुखद और सुखद दोनों प्रकार की होती है। ये मन से ही पैदा होती है और मन से ही खत्म होती है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोग भगवान महावीर की वाणी को गहराई से नहीं समझते। बडे़-बड़े साधक भी नहीं जान पाते। ज्ञानी लोग घटना के प्रति एकदम प्रतिक्रिया नहीं देते क्योंकि उनकी सोच सकारात्मक होती है। अज्ञानी व्यक्ति अपनी नकारात्मक सोच के प्रति तुरंत प्रतिक्रिया दे देता है। वास्तव में ज्ञानी वह है जो किसी भी घटना के प्रति प्रतिक्रिया ही न दे। जीवन की सभी घटनाओं को केवल यह मान ले कि हम सभी फि ल्म रोल कर रहें है। इससे पूर्व आगम मुनि ने विचार रखे। धर्मसभा में मनोज, प्रवीण, वीरसैन, नरेश, आशीष, सुरेश, हंस कुमार, दीपक, सुनीता, श्रद्धा, रीना, मीना आदि उपस्थित रहे ।