{"_id":"59b9945e4f1c1bb2688b464c","slug":"91505334366-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसपी कार्यालय पर अधिवक्ताओं का धरना आज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसपी कार्यालय पर अधिवक्ताओं का धरना आज
Updated Thu, 14 Sep 2017 02:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत (बागपत)।
रेवन्यू बार एसोसिएशन के तत्वावधान में बुधवार को भी क्रमिक अनशन जारी रहा। अधिवक्ताओं ने एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी की। उनके बीच पहुंचे सीओ और कोतवाल द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद भी अधिवक्ता नहीं माने। उन्होंने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार व क्रमिक अनशन जारी रखने का निर्णय लिया।
बार हाल में अध्यक्ष वेदपाल पंवार और आनंदपाल तोमर के संचालन में बैठक का आयोजन किया गया। इसमें एसडीएम द्वारा गांव-गांव चौपाल लगाकर वाद सुनने के निर्णय की घोर निंदा की गई। चेतावनी दी गई कि जब तक यशवीर चौहान के साथ मारपीट व लूटपाट के आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक क्रमिक अनशन व हड़ताल जारी रहेगी। इस दौरान सीओ रामानंद कुशवाहना, कोतवाली हरे राम यादव अधिवक्ताओं की बैठक में पहुंचे और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, लेकिन अधिवक्ताओं ने आश्वासन को खारिज कर दिया। बैठक में तय हुआ कि बार का एक प्रतिनिधिमंडल जिला बागपत बार, खेकड़ा बार एसोसिएशन से मिलकर आगामी रणनीति तैयार करेगा और 14 सितंबर को एसपी बागपत के यहां धरना दिया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि एसडीएम, तहसीलदार अपनी हरकतों से बाज नहीं आए तो उच्च अधिकारियों ने मिलकर उनके तबादले की मांग की जाएगी। बुधवार को दसवे दिन क्रमिक अनशन पर जयवीर सिंह, सतपाल मान, संतोष, विरेंद्र वर्मा, सागर तोमर, ब्रहमपाल, पवन कुमार, ईश्वर सिंह बैठे। इसके अलावा पूर्व अध्यक्ष धर्मवीर तोमर, विनेश तोमर, बुद्धप्रकाश, विरेंद्र चौहान, यशवीर चौहान, संजीव तोमर, रामकुमार तोमर, कुलदीप तोमर, पुष्पेंद्र, रविंद्र राठी, सुनील जैन, वेदपाल सिंह, रूपेश तोमर ने विचार रखे।
अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण गांवों में निपटेंगे विचाराधीन मामले : एसडीएम
बड़ौत। एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी ने कहा कि रेवन्यू बार एसोसिएशन के समस्त अधिवक्ता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर होने के कारण न्यायालयों में विचाराधीन वादों में कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इस कारण वादियों को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए जिलाधिकारी ने गांव के प्राथमिक विद्यालयों में न्यायालय चलाने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने बताया कि सभी गांव में मुनादी कराकर इसकी जानकारी दी जाएगी कि किस दिन उनके वाद सुनवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
रेवन्यू बार एसोसिएशन के तत्वावधान में बुधवार को भी क्रमिक अनशन जारी रहा। अधिवक्ताओं ने एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी की। उनके बीच पहुंचे सीओ और कोतवाल द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद भी अधिवक्ता नहीं माने। उन्होंने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार व क्रमिक अनशन जारी रखने का निर्णय लिया।
बार हाल में अध्यक्ष वेदपाल पंवार और आनंदपाल तोमर के संचालन में बैठक का आयोजन किया गया। इसमें एसडीएम द्वारा गांव-गांव चौपाल लगाकर वाद सुनने के निर्णय की घोर निंदा की गई। चेतावनी दी गई कि जब तक यशवीर चौहान के साथ मारपीट व लूटपाट के आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक क्रमिक अनशन व हड़ताल जारी रहेगी। इस दौरान सीओ रामानंद कुशवाहना, कोतवाली हरे राम यादव अधिवक्ताओं की बैठक में पहुंचे और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, लेकिन अधिवक्ताओं ने आश्वासन को खारिज कर दिया। बैठक में तय हुआ कि बार का एक प्रतिनिधिमंडल जिला बागपत बार, खेकड़ा बार एसोसिएशन से मिलकर आगामी रणनीति तैयार करेगा और 14 सितंबर को एसपी बागपत के यहां धरना दिया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि एसडीएम, तहसीलदार अपनी हरकतों से बाज नहीं आए तो उच्च अधिकारियों ने मिलकर उनके तबादले की मांग की जाएगी। बुधवार को दसवे दिन क्रमिक अनशन पर जयवीर सिंह, सतपाल मान, संतोष, विरेंद्र वर्मा, सागर तोमर, ब्रहमपाल, पवन कुमार, ईश्वर सिंह बैठे। इसके अलावा पूर्व अध्यक्ष धर्मवीर तोमर, विनेश तोमर, बुद्धप्रकाश, विरेंद्र चौहान, यशवीर चौहान, संजीव तोमर, रामकुमार तोमर, कुलदीप तोमर, पुष्पेंद्र, रविंद्र राठी, सुनील जैन, वेदपाल सिंह, रूपेश तोमर ने विचार रखे।
विज्ञापन
अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण गांवों में निपटेंगे विचाराधीन मामले : एसडीएम
बड़ौत। एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी ने कहा कि रेवन्यू बार एसोसिएशन के समस्त अधिवक्ता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर होने के कारण न्यायालयों में विचाराधीन वादों में कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इस कारण वादियों को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए जिलाधिकारी ने गांव के प्राथमिक विद्यालयों में न्यायालय चलाने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने बताया कि सभी गांव में मुनादी कराकर इसकी जानकारी दी जाएगी कि किस दिन उनके वाद सुनवाई होगी।
विज्ञापन