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90 ग्राम पंचायतों ने नहीं कराया जीएसटी का पंजीयन

Tue, 16 Nov 2021 11:18 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 16 Nov 2021 11:18 PM IST
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90 gram panchayats did not register GST
तीन साल में वाणिज्य कर विभाग को पहुंचा 50 लाख रुपये का नुकसान
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तहसील क्षेत्र की मात्र 33 ग्राम पंचायतों ने ही लिया है जीएसटी नंबर
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। वाणिज्य विभाग की धारा 51 के तहत समस्त ग्राम पंचायतों को जीएसटी नंबर लेना अनिवार्य किया गया है। मगर, बड़ौत तहसील क्षेत्र की 90 ग्राम पंचायतों ने तीन साल में जीएसटी नंबर नहीं लिया है। मात्र 33 ग्राम पंचायतों ने ही जीएसटी नंबर लिया है। इसके चलते वाणिज्य कर विभाग को तीन साल में तकरीबन 50 लाख का नुकसान हुआ है।
तहसील क्षेत्र के तीन ब्लाक बड़ौत, छपरौली व बिनौली में 123 ग्राम पंचायतें हैं। इन ग्राम पंचायतों में मनरेगा, 14वें वित्त व राज्य वित्त के तहत तीन सालों में तकरीबन 27 करोड़ रुपये खर्च किया जा चुका है। बात चाहे इंटरलॉकिग की हो या तालाबों की खोदाई व मनरेगा की, हर साल बजट जारी किया जा रहा है। मगर, इसके बावजूद अधिकांश ग्राम पंचायतों ने जीएसटी में पंजीकरण नहीं कराया है। यह हालात तब है कि जब एक जुलाई 2017 से सभी ग्राम पंचायतों के लिए जीएसटी अनिवार्य किया गया है। वाणिज्य कर विभाग के अनुसार एक अक्टूबर 2018 में जीएसटी की धारा 51 के तहत ऐसी कार्यदायी संस्थाएं जो ढाई लाख से अधिक का भुगतान करती हैं उन्हें दो प्रतिशत टीडीएस भी देने का प्रावधान है, फिर भी ग्राम पंचायतें ऐसा नहीं कर रही हैं।
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ग्राम पंचायत सचिवों की है जिम्मेदारी
ग्राम पंचायतों का जीएसटी नंबर लेना पंचायत सचिव और वीडीओ की जिम्मेदारी है। वाणिज्य कर अधिकारियों की माने तो पंजीकरण के मामले में जो भी लापरवाही सामने आ रही है वह सचिव व वीडीओ के स्तर से हो रही है। लापरवाही का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक तहसील क्षेत्र की 123 ग्राम पंचायतों में से 90 ने अपना टीएएन (टैक्स डिडक्शन एकाउंट) नंबर तक नहीं लिया है। जबकि नियमानुसार ऐसी ग्राम पंचायतों के खिलाफ अर्थ दंड का भी प्रावधान किया गया है। इसके चलते वाणिज्य विभाग को तीन साल में तकरीबन 50 लाख का नुकसान हुआ है।
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ग्राम पंचायतों के जीएसटी पंजीयन के लिए तीन सालों में तकरीबन दर्जनों कार्यशालाएं आयोजित की गई हैं। कई बार विभिन्न अधिकारियों से पत्र व्यवहार भी किया जा चुका है। अभी हाल ही में प्रत्येक ब्लाक के बीडीओ सहित डीपीआरओ को पत्र भेज कर जीएसटी रजिस्ट्रेशन में बरती जा रही लापरवाही को इंगित किया गया है। फिर भी इसमें रुचि न लेना समझ से परे है। - विकास पंवार, असिस्टेंट कमिश्नर।
ब्लाक गांव की संख्या पंजीयन लेने वाली पंचायत पंजीयन न लेने वाली पंचायत
बड़ौत 44 17 27
बिनौली 53 12 41
छपरौली 26 4 22
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