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किसान नेताओं और अधिकारियों की वार्ता विफल
Updated Fri, 01 Jun 2018 01:39 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
तहसील में किसान संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान मेेें चल रहे धरनास्थल पर बृहस्पतिवार को महापंचायत हुई। इसमें भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने भी भाग लिया। इसमें वक्ताओं ने कहा कि जब तक बढ़ी पावर वापस नहीं ली जाती और घरेलू बिलों मे कटौती नहीं की जाएगी और गन्ना भुगतान और नहरों की सफाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन चलेगा। महापंचायत के दौरान एसडीएम, एक्सईएन प्रथम, एक्सईएन द्वितीय पहुंचे और किसानों के साथ वार्ता की। इस दौरान अधिकारियों ने किसानों से दो माह का समय मांगा, लेकिन किसानों ने समय देने से इंकार कर दिया। इसके बाद संघर्ष समिति ने अलग बैठक की और निर्णय लिया कि 11 जून को फिर महापंचायत बुलाई जाएगी, इसमेें आंदोलन के बारे में निर्र्णय लिया जाएगा।
तहसील में विद्युत, गन्ना, नहरों की सफाई आदि मांगों को लेकर किसान संघर्ष समिति के चल रहे धरना स्थल पर बृहस्पतिवार को महापंचायत बुलाई गई। इसमेें भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा तहसील में 21 मई से किसान धरने पर बैठे हैं, ऐसा नही हैं कि इसकी जानकारी डीएम और सीएम को न हो, उन्होंने बताया कि सीएम से भी साढे़ सात हार्स पावर और विद्युत बिलों से संबंधित वार्ता की, लेकिन यह सरकार यहां के किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है, उन्होंने कहा कि यदि मांग पूरी नहीं की जाएगी तो बिजली का बिल नहीं देंगेे और खेतों से गुज रहे विद्युत पोल को उखाड़ फेंकने। उन्होंने कहा कि हरियाणा व उप्र की सीमा मिली हुई है, लेकिन वहां हमारे प्रदेश के कम हार्स पावर पर बिल लिया जा रहा है, पंजाब में बिजली फ्री है। उन्होंने कहा मलकपुर मिल एक साल का भुगतान लिए बैठा है।
इसी बीच एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी और एक्सईएन द्वितीय यादवेंद्र सिंह और प्रथम जागेश कुमार महापंचायत में पहुंचे। बताया कि दो दिन पहले एसई आए थे और आपसे बातचीत हुई थी, उन्होंने बढ़ी पावर का डाटा मंगाया है और भी चेयरमैन से भी बातचीत की है। दो माह का समय उन्होंने मांगा, लेकिन किसानों ने समय देने से इंकार कर दिया। एसडीएम ने भी कहा कि उनकी मांगों को शासन तक पहुंचा है, लेकिन इसमेें समय लगेगा। जो धरना पर किसान की मौत हुई है, उसके परिजनों को दो दिन में शासन से मुआवजे का चेक दे दिया जाएगा। इस दौरान विद्युत अधिकारियों से किसानों की नोकझोंक भी हुई। किसानों ने कहा कि बिजली अधिकारी ही किसानों का शोषण कर रहे हैं।
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इसके बाद जयवीर, बलजोर, हरेंद्र, बिजेंद्र प्रधान, सुभाष चौधरी, यशपाल चौधरी, सुखवीर सिंह गठीना, राम कुमार, हरिओम शर्मा, जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह, धर्मपाल चेयरमैन ने बैठक की। उन्होंने बताया कि धरना जारी रहेगा और 11 जून को तहसील में फिर महापंचायत बुलाई जाएगी, इसमें निर्णय लिया जाएगा। इस महापंचायत की अध्यक्षता जिले सिंह ने की। संचालन वेद पाल पंवार ने किया। इस महापंचायत में शिव सेना के हरिओम शर्मा, कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष राम कुमार सिंह, शहराध्यक्ष राकेश शर्मा, रालोद के जिलाध्यक्ष सुखवीर सिंह गठीना, जयवीर मलिक, राम कुमार सिंह, रविंद्र मुखिया, भाकियू के राजेंद्र सिंह तोमर, बिजेंद्र प्रधान, थांबा चौधरी यशपाल, चौबासी चौधरी सुभाष, पूर्व विधायक गजेंद्र मुन्ना, रालेाद के सुबोध राणा, बलजोर सिंह, रामफल, गौरव, लता चौधरी आदि ने विचार व्यक्त किए।
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तहसील में किसान संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान मेेें चल रहे धरनास्थल पर बृहस्पतिवार को महापंचायत हुई। इसमें भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने भी भाग लिया। इसमें वक्ताओं ने कहा कि जब तक बढ़ी पावर वापस नहीं ली जाती और घरेलू बिलों मे कटौती नहीं की जाएगी और गन्ना भुगतान और नहरों की सफाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन चलेगा। महापंचायत के दौरान एसडीएम, एक्सईएन प्रथम, एक्सईएन द्वितीय पहुंचे और किसानों के साथ वार्ता की। इस दौरान अधिकारियों ने किसानों से दो माह का समय मांगा, लेकिन किसानों ने समय देने से इंकार कर दिया। इसके बाद संघर्ष समिति ने अलग बैठक की और निर्णय लिया कि 11 जून को फिर महापंचायत बुलाई जाएगी, इसमेें आंदोलन के बारे में निर्र्णय लिया जाएगा।
तहसील में विद्युत, गन्ना, नहरों की सफाई आदि मांगों को लेकर किसान संघर्ष समिति के चल रहे धरना स्थल पर बृहस्पतिवार को महापंचायत बुलाई गई। इसमेें भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा तहसील में 21 मई से किसान धरने पर बैठे हैं, ऐसा नही हैं कि इसकी जानकारी डीएम और सीएम को न हो, उन्होंने बताया कि सीएम से भी साढे़ सात हार्स पावर और विद्युत बिलों से संबंधित वार्ता की, लेकिन यह सरकार यहां के किसानों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है, उन्होंने कहा कि यदि मांग पूरी नहीं की जाएगी तो बिजली का बिल नहीं देंगेे और खेतों से गुज रहे विद्युत पोल को उखाड़ फेंकने। उन्होंने कहा कि हरियाणा व उप्र की सीमा मिली हुई है, लेकिन वहां हमारे प्रदेश के कम हार्स पावर पर बिल लिया जा रहा है, पंजाब में बिजली फ्री है। उन्होंने कहा मलकपुर मिल एक साल का भुगतान लिए बैठा है।
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इसी बीच एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी और एक्सईएन द्वितीय यादवेंद्र सिंह और प्रथम जागेश कुमार महापंचायत में पहुंचे। बताया कि दो दिन पहले एसई आए थे और आपसे बातचीत हुई थी, उन्होंने बढ़ी पावर का डाटा मंगाया है और भी चेयरमैन से भी बातचीत की है। दो माह का समय उन्होंने मांगा, लेकिन किसानों ने समय देने से इंकार कर दिया। एसडीएम ने भी कहा कि उनकी मांगों को शासन तक पहुंचा है, लेकिन इसमेें समय लगेगा। जो धरना पर किसान की मौत हुई है, उसके परिजनों को दो दिन में शासन से मुआवजे का चेक दे दिया जाएगा। इस दौरान विद्युत अधिकारियों से किसानों की नोकझोंक भी हुई। किसानों ने कहा कि बिजली अधिकारी ही किसानों का शोषण कर रहे हैं।
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इसके बाद जयवीर, बलजोर, हरेंद्र, बिजेंद्र प्रधान, सुभाष चौधरी, यशपाल चौधरी, सुखवीर सिंह गठीना, राम कुमार, हरिओम शर्मा, जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह, धर्मपाल चेयरमैन ने बैठक की। उन्होंने बताया कि धरना जारी रहेगा और 11 जून को तहसील में फिर महापंचायत बुलाई जाएगी, इसमें निर्णय लिया जाएगा। इस महापंचायत की अध्यक्षता जिले सिंह ने की। संचालन वेद पाल पंवार ने किया। इस महापंचायत में शिव सेना के हरिओम शर्मा, कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष राम कुमार सिंह, शहराध्यक्ष राकेश शर्मा, रालोद के जिलाध्यक्ष सुखवीर सिंह गठीना, जयवीर मलिक, राम कुमार सिंह, रविंद्र मुखिया, भाकियू के राजेंद्र सिंह तोमर, बिजेंद्र प्रधान, थांबा चौधरी यशपाल, चौबासी चौधरी सुभाष, पूर्व विधायक गजेंद्र मुन्ना, रालेाद के सुबोध राणा, बलजोर सिंह, रामफल, गौरव, लता चौधरी आदि ने विचार व्यक्त किए।