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मनरेगा मजूदरी न मिलने पर किया हंगामा, नोकझोंक
Updated Fri, 28 Jul 2017 01:11 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
विगत एक साल से मनरेगा मजदूरी नहीं मिलने से नाराज मजदूर के परिजनों ने शुक्रवार को पूर्वी यमन नहर स्थित वन विभाग कार्यालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान उनकी नोकझोंक हुई। वन क्षेत्राधिकारी और वन रक्षक ने आंदोलनकारियों को समझा-बुझाकर शांत किया।
शुक्रवार को अलावलपुर गांव के काफी संख्या में मजदूर पूर्वी यमन नहर स्थित वन कार्यालय में पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा गांव के एक बेहद गरीब मजदूर कालूराम पुत्र जगत सिंह ने मनरेगा योजना में अगस्त 2016 से दिसंबर 2016 तक कार्य किया था, लेकिन एक साल बाद भी वन विभाग ने उसे मजदूरी नहीं दी। इस कारण उसका पूरा परिवार भूखमरी के कगार पर पहुंच गया है। उनकी कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई। सूचना पर पहुंचे वन क्षेत्राधिकारी राजपाल सिंह और वन रक्षक सुनील शर्मा ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया। वन क्षेत्राधिकारी राजपाल ने कहा कई बार मजदूरी दिलाने के लिए विभागीय अफसरों को लिखा जा चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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विगत एक साल से मनरेगा मजदूरी नहीं मिलने से नाराज मजदूर के परिजनों ने शुक्रवार को पूर्वी यमन नहर स्थित वन विभाग कार्यालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान उनकी नोकझोंक हुई। वन क्षेत्राधिकारी और वन रक्षक ने आंदोलनकारियों को समझा-बुझाकर शांत किया।
शुक्रवार को अलावलपुर गांव के काफी संख्या में मजदूर पूर्वी यमन नहर स्थित वन कार्यालय में पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा गांव के एक बेहद गरीब मजदूर कालूराम पुत्र जगत सिंह ने मनरेगा योजना में अगस्त 2016 से दिसंबर 2016 तक कार्य किया था, लेकिन एक साल बाद भी वन विभाग ने उसे मजदूरी नहीं दी। इस कारण उसका पूरा परिवार भूखमरी के कगार पर पहुंच गया है। उनकी कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई। सूचना पर पहुंचे वन क्षेत्राधिकारी राजपाल सिंह और वन रक्षक सुनील शर्मा ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया। वन क्षेत्राधिकारी राजपाल ने कहा कई बार मजदूरी दिलाने के लिए विभागीय अफसरों को लिखा जा चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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