UP: दोबारा दुल्हन बनने से पहले पकड़ी गईं 69 युवतियां, ऑनलाइन आवेदन में खुद को बताया था अविवाहित
बागपत में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आए आवेदनों के सत्यापन में बड़ा मामला सामने आया है। 69 युवतियों ने खुद को अविवाहित बताकर दोबारा दुल्हन बनने के लिए आवेदन किया, जबकि उनकी हाल ही में शादी हो चुकी थी। सभी आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं।
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उत्तर प्रदेश के बागपत में दोबारा दुल्हन बनने से पहले ही 69 युवतियां पकड़ी गईं। इन सभी ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 60 हजार रुपये और सामान झटकने के लिए खुद को अविवाहित बताकर ऑनलाइन आवेदन कर दिया था। सत्यापन कराने पर यह फर्जीवाड़ा पकड़ में आया और पता चला कि इनकी एक-दो महीने पहले शादी हो चुकी है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शादियां कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए तो 31 अक्तूबर तक 593 आवेदन आए। इनकी सूची ब्लॉक पर भेजकर सचिवों से सत्यापन कराया गया। सत्यापन में पता चला कि आवेदन करने वाली 69 युवतियां पहले से ही शादीशुदा हैं।
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सामूहिक विवाह के बाद कर सकते हैं कार्यक्रम
किसी की सामूहिक विवाह से पहले शादी हो जाती है तो नियम के अनुसार उसको अपात्र माना जाएगा। कुछ परिवार ऐसा जरूर करते हैं कि वह सामूहिक विवाह कार्यक्रम में पहले शादी करा लेते हैं और फिर अगली तारीख तय करके अपने घर पर रिश्तेदारों व अन्य लोगों को बुलाकर कार्यक्रम कर लेते हैं। इस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होती।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक युवती की शादी पर एक लाख रुपये खर्च किए जाते हैं। शादी होने पर 60 हजार रुपये युवती के खाते में भेजे जाते हैं। 25 हजार रुपये से चांदी के जेवर, बर्तन, कपड़े समेत अन्य सामान दिया जाता है। पंद्रह हजार रुपये खाने व टेंट पर खर्च किए जाते हैं।
सत्यापन के कारण बदलनी पड़ी तारीख
यहां सामूहिक विवाह की तारीख तीन नवंबर तय की गई थी मगर सत्यापन कराने पर 69 युवतियां पहले से शादीशुदा मिलने के कारण तारीख बदलनी पड़ी। अब 13 नवंबर को सामूहिक विवाह कराया जाएगा और इससे पहले दोबारा से सत्यापन कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आए आवेदनों का सत्यापन कराया गया। आवेदन करने वाली 69 युवतियों को इसलिए अपात्र घोषित किया गया क्योंकि उनकी कुछ समय पहले ही शादी हो चुकी। इसमें किसी भी तरह से फर्जीवाड़ा नहीं होने दिया जाएगा। - राहुल वर्मा, जिला विकास अधिकारी