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ल्पिकार के पत्थर की तरह ुत्र को तरासो- अरूण मुनि
Updated Mon, 31 Jul 2017 12:23 AM IST
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बड़ौत (बागपत)।
जैन संत अरुण मुनि ने कहा पिता अपने पुत्र का पत्थर के शिल्पकार के समान होता है। जिस प्रकार शिल्पकार पत्थर से जैसी मूर्ति चाहे बना सकता है।
उन्होंने जैन स्थानक नया बाजार में धर्मसभा में कहा जब बच्चा छोटा होता है, वह कुम्हार की गीली मिट्टी के समान होता है। इसमें अच्छे संस्कार डाले जाएंगे तो बच्चा सुशील और सभ्यता पूर्ण बनेगा। यदि उसमें कुसंस्कार डाले जाएंगे तो वह बच्चा बिना ब्रेक की गाड़ी के समान हो जाएगा। बच्चे पर कंट्रोल रखो, मगर इतना भी मत दबाओ कि शिल्पकार के पत्थर की तरह टूट जाए। टूटा हुआ पत्थर बेकार होता है। बच्चे पर इतना गुस्सा मत करो, जिससे उसके दिल पर चोट लग जाए। कहीं ऐसा न हो बच्चा युधिष्ठिर बनने के बजाए दुर्योधन बन जाए। पत्थर के प्रति जो भूमिका शिल्पकार की होती है, वही भूमिका आप बच्चों के प्रति अदा करो, तभी श्रवण जैसा पुत्र बनेगा, वरना तो बच्चा हाथ से निकल जाएगा। कुसंगति में पड़ कर मां-बाप का नाम भी गंदा कर देगा। इसमें जयप्रकाश, सोहन पाल, डीके जैन, राजीव जैन, हंस कुमार जैन, विनोद जैन, शैलबाला, इंद्राणी, कमलेश, छवि आदि रहे।
जैन संत अरुण मुनि ने कहा पिता अपने पुत्र का पत्थर के शिल्पकार के समान होता है। जिस प्रकार शिल्पकार पत्थर से जैसी मूर्ति चाहे बना सकता है।
उन्होंने जैन स्थानक नया बाजार में धर्मसभा में कहा जब बच्चा छोटा होता है, वह कुम्हार की गीली मिट्टी के समान होता है। इसमें अच्छे संस्कार डाले जाएंगे तो बच्चा सुशील और सभ्यता पूर्ण बनेगा। यदि उसमें कुसंस्कार डाले जाएंगे तो वह बच्चा बिना ब्रेक की गाड़ी के समान हो जाएगा। बच्चे पर कंट्रोल रखो, मगर इतना भी मत दबाओ कि शिल्पकार के पत्थर की तरह टूट जाए। टूटा हुआ पत्थर बेकार होता है। बच्चे पर इतना गुस्सा मत करो, जिससे उसके दिल पर चोट लग जाए। कहीं ऐसा न हो बच्चा युधिष्ठिर बनने के बजाए दुर्योधन बन जाए। पत्थर के प्रति जो भूमिका शिल्पकार की होती है, वही भूमिका आप बच्चों के प्रति अदा करो, तभी श्रवण जैसा पुत्र बनेगा, वरना तो बच्चा हाथ से निकल जाएगा। कुसंगति में पड़ कर मां-बाप का नाम भी गंदा कर देगा। इसमें जयप्रकाश, सोहन पाल, डीके जैन, राजीव जैन, हंस कुमार जैन, विनोद जैन, शैलबाला, इंद्राणी, कमलेश, छवि आदि रहे।