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भड़ल के ग्रामीणों ने अद्धरनग्न होकर किया प्रदर्शन
Updated Mon, 24 Sep 2018 01:08 AM IST
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दोघट (बागपत)।
भड़ल गांव में चर्म शोधन इकाइयों के विरोध में ग्रामीणों का चल रहा धरना 14वें दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ अर्द्धनग्न होकर मुंह पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया।
धरने पर वक्ताओं ने कहा कि प्रशासन का कोई भी नुमाइंदा आज तक धरनारत लोगों के बीच नहीं आया। डीएम को आम जनता की चिंता नहीं है। चर्म शोधन इकाइयों के कारण लोग मौत की नींद सो रहे हैं, लेकिन प्रशासन आराम फरमा रहा है। प्रशासन पूरी तरह से संवेदनहीन हो गया है। समस्या के प्रति गंभीर नहीं है। ग्रामीण पिछले 14 दिन से धरने पर बैठे हैं, किसी भी प्रशासनिक अफसर ने उनके बीच पहुंचकर सुध नहीं ली। एसडीएम बड़ौत ग्रामीणों को बड़ौत तहसील में बुलाकर वार्ता करते हैं। प्रशासन की ढ़िलाई गांव में बड़ा बवाल करा सकती है। ग्रामीणों का गुस्सा किसी भी समय फूट सकता है। उन्होंने कहा कि 25 सितंबर तक चर्म शोधन इकाइयों को स्थानांतरित नहीं किया तो 26 को होने वाली महापंचायत में उग्र आंदोलन की निर्णय लिया जाएगा। रविवार को धरने पर बैठे ग्रामीणों ने अर्द्धनग्न होकर मुंह पर काली पट्टी बांधकर प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर विशाल, देवेंद्र राणा, सुखबीर, रमेश राणा, जोगिंदर राणा, कालूराम, अमरपाल, जितेंद्र राणा, भूपेंद्र, सतबीर, प्रेमपाल, कृष्णपाल, महिपाल, संदीप, वीरेंद्र, प्रमोद राणा, अरविंद, प्रेम, राम सिंह राम सिंह, ओमवीर, राजगीर, अंकित, मोहित, वासु, शगुन, यश, दिनेश, अक्षय आदि रहे।
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भड़ल गांव में चर्म शोधन इकाइयों के विरोध में ग्रामीणों का चल रहा धरना 14वें दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ अर्द्धनग्न होकर मुंह पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया।
धरने पर वक्ताओं ने कहा कि प्रशासन का कोई भी नुमाइंदा आज तक धरनारत लोगों के बीच नहीं आया। डीएम को आम जनता की चिंता नहीं है। चर्म शोधन इकाइयों के कारण लोग मौत की नींद सो रहे हैं, लेकिन प्रशासन आराम फरमा रहा है। प्रशासन पूरी तरह से संवेदनहीन हो गया है। समस्या के प्रति गंभीर नहीं है। ग्रामीण पिछले 14 दिन से धरने पर बैठे हैं, किसी भी प्रशासनिक अफसर ने उनके बीच पहुंचकर सुध नहीं ली। एसडीएम बड़ौत ग्रामीणों को बड़ौत तहसील में बुलाकर वार्ता करते हैं। प्रशासन की ढ़िलाई गांव में बड़ा बवाल करा सकती है। ग्रामीणों का गुस्सा किसी भी समय फूट सकता है। उन्होंने कहा कि 25 सितंबर तक चर्म शोधन इकाइयों को स्थानांतरित नहीं किया तो 26 को होने वाली महापंचायत में उग्र आंदोलन की निर्णय लिया जाएगा। रविवार को धरने पर बैठे ग्रामीणों ने अर्द्धनग्न होकर मुंह पर काली पट्टी बांधकर प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर विशाल, देवेंद्र राणा, सुखबीर, रमेश राणा, जोगिंदर राणा, कालूराम, अमरपाल, जितेंद्र राणा, भूपेंद्र, सतबीर, प्रेमपाल, कृष्णपाल, महिपाल, संदीप, वीरेंद्र, प्रमोद राणा, अरविंद, प्रेम, राम सिंह राम सिंह, ओमवीर, राजगीर, अंकित, मोहित, वासु, शगुन, यश, दिनेश, अक्षय आदि रहे।
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