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शमीम की मां बोली बेटा था बहादुर
Updated Thu, 09 Aug 2018 12:46 AM IST
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शमीम की मां बोली बेटा था बहादुर
बिनौली। चित्रकुट में शहीद हुए आरक्षी शमीम को मरनोपरांत पराक्रम चक्र दिया जाएग। शहीद सिपाही की मां रहीशा ने कहा कि उसका पुत्र शमीम बहादुर था। लेकिन सरकार ने उन्हें कोई सहायता नहीं दी। उसकी पत्नी को नौकरी जरूर मिली है, लेकिन मां-बाप के लिए सरकार ने कुछ नहीं किया। बता दें कि वर्ष 2009 में 50 हजार के इनामी घनश्याम केवट के साथ हुई मुठभेड़ में उसकी शमीद शहीद हो गया था। नौ साल बाद सरकार ने उनकी शहादत का यह सम्मान किया है।
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बिनौली। चित्रकुट में शहीद हुए आरक्षी शमीम को मरनोपरांत पराक्रम चक्र दिया जाएग। शहीद सिपाही की मां रहीशा ने कहा कि उसका पुत्र शमीम बहादुर था। लेकिन सरकार ने उन्हें कोई सहायता नहीं दी। उसकी पत्नी को नौकरी जरूर मिली है, लेकिन मां-बाप के लिए सरकार ने कुछ नहीं किया। बता दें कि वर्ष 2009 में 50 हजार के इनामी घनश्याम केवट के साथ हुई मुठभेड़ में उसकी शमीद शहीद हो गया था। नौ साल बाद सरकार ने उनकी शहादत का यह सम्मान किया है।