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बड़ो की फटकार को आर्शीवाद समझना चाहिए- अरूण मुनि
Updated Fri, 14 Jul 2017 01:19 AM IST
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बड़ों की फटकार को आशीर्वाद समझे - अरुण मुनि
बड़ौत (बागपत)। जैन संत अरुण मुनि ने कहा बड़ों की फटकार किस्मत वालों को मिलती है। उसे गुरू का आशीर्वाद समझना चाहिए।
बृहस्पतिवार को जैन स्थानक शहर में आयोजित धर्मसभा में उन्होंने कहा हमें गुरू की संगत में जाकर उनसे कुछ ग्रहण करना चाहिए। चाहें गुरू फटकार भी दे तो भी उसे उनका आशीर्वाद समझकर ग्रहण करना उत्तम है। लोग धन को बढ़ाने के लिए जीतोड़ मेहनत करते हैं, इससे शांति नहीं मिलती। वास्तविक शांति हमें मन की समाधि से ही मिलती है। उन्होंने नवयुवकों को कहा दोस्त बनाओ तो ऐसा जो शराब जैसी बुराई से दूर हो। जो सत्य की ओर लेकर जाये। झूठ से दूर रहें। उन्होंने उगते सूरज को देखने से अनेक रोग दूर होते हैं। इससे पहले अमन मुनि ने भी धर्मसभा में विचार रखे। इसमें त्रिलोक चंद, अमर सिंह, राजीव जैन, सुभाष चंद, हंस कुमार, दीपक, अजय, टीटू, शैलबाला, इंद्राणी, सविता, मधु आदि रहे।
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बड़ौत (बागपत)। जैन संत अरुण मुनि ने कहा बड़ों की फटकार किस्मत वालों को मिलती है। उसे गुरू का आशीर्वाद समझना चाहिए।
बृहस्पतिवार को जैन स्थानक शहर में आयोजित धर्मसभा में उन्होंने कहा हमें गुरू की संगत में जाकर उनसे कुछ ग्रहण करना चाहिए। चाहें गुरू फटकार भी दे तो भी उसे उनका आशीर्वाद समझकर ग्रहण करना उत्तम है। लोग धन को बढ़ाने के लिए जीतोड़ मेहनत करते हैं, इससे शांति नहीं मिलती। वास्तविक शांति हमें मन की समाधि से ही मिलती है। उन्होंने नवयुवकों को कहा दोस्त बनाओ तो ऐसा जो शराब जैसी बुराई से दूर हो। जो सत्य की ओर लेकर जाये। झूठ से दूर रहें। उन्होंने उगते सूरज को देखने से अनेक रोग दूर होते हैं। इससे पहले अमन मुनि ने भी धर्मसभा में विचार रखे। इसमें त्रिलोक चंद, अमर सिंह, राजीव जैन, सुभाष चंद, हंस कुमार, दीपक, अजय, टीटू, शैलबाला, इंद्राणी, सविता, मधु आदि रहे।