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भूजल संरक्षण के लिए 42 करोड़ का बजट तैयार
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232 तालाबों की खोदाई व सफाई कराई जाएगी
62 वाटर हार्वेस्टिंग प्लांटों का निर्माण कराया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। भूजल संरक्षण के लिए जिला स्तर पर 42 करोड़ दो लाख रुपये की कार्य योजना तैयार की गई है। इस बजट से दो अलग-अलग योजनाओं के अंतर्गत जिले में तालाबों की खुदाई व सफाई कराने के अलावा वाटर हार्वेस्टिंग प्लांटों का निर्माण कराया जाएगा। जिले में बोरिंग करने से पूर्व प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।
जिले के बिनौली ब्लॉक अति दोहित है जबकि पिलाना, बागपत, खेकड़ा, छपरौली संवेदनशील व बड़ौत अर्द्घ संवेदनशील श्रेणी में है। जल के अत्यधिक दोहन के कारण जिले का भूजल स्तर प्रतिवर्ष एक से सवा मीटर गिर रहा है। इसी को देखते हुए जिला स्तर पर अटल भूजल मिशन और राज्य भूजल संरक्षण मिशन के अंतर्गत 42 करोड़ दो लाख रुपये की योजना तैयार की गई है। अटल भूजल मिशन के अंतर्गत दस करोड़ तथा राज्य भूजल संरक्षण मिशन के अंर्तगत 32 करोड़ दो लाख रुपये का बजट तैयार किया गया है। दोनों योजनाओं के अंतर्गत जिले के 232 तालाबों की खोदाई व सफाई कराई जाएगी। 62 वाटर हार्वेस्टिंग प्लांटों का निर्माण कराया जाएगा।
प्रभारी सीडीओ हुबलाल ने बताया कि भूजल संरक्षण के लिए अटल भूजल मिशन व राज्य भूजल संरक्षण के लिए 42 करोड़ दो लाख रुपये की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके अलावा विश्व पर्यावरण दिवस पर वाटर रिचार्ज के लिए जिले में दस लाख पौधे रोपे गए है। गत वर्ष भूजल संरक्षण के लिए टपक सिंचाई के लिए किसानों को 232 स्प्रिंग क्लब सेट बांटे गए थे।
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बोरिंग के लिए लेनी होगी अनुमति
बागपत। जिले में प्रशासन की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार बोरिंग करना प्रतिबंधित है। बोरिंग करने से पूर्व जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। प्रभारी सीडीओ हुबलाल ने बताया कि बिना अनुमति के बोरिंग करने पर संबधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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62 वाटर हार्वेस्टिंग प्लांटों का निर्माण कराया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। भूजल संरक्षण के लिए जिला स्तर पर 42 करोड़ दो लाख रुपये की कार्य योजना तैयार की गई है। इस बजट से दो अलग-अलग योजनाओं के अंतर्गत जिले में तालाबों की खुदाई व सफाई कराने के अलावा वाटर हार्वेस्टिंग प्लांटों का निर्माण कराया जाएगा। जिले में बोरिंग करने से पूर्व प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।
जिले के बिनौली ब्लॉक अति दोहित है जबकि पिलाना, बागपत, खेकड़ा, छपरौली संवेदनशील व बड़ौत अर्द्घ संवेदनशील श्रेणी में है। जल के अत्यधिक दोहन के कारण जिले का भूजल स्तर प्रतिवर्ष एक से सवा मीटर गिर रहा है। इसी को देखते हुए जिला स्तर पर अटल भूजल मिशन और राज्य भूजल संरक्षण मिशन के अंतर्गत 42 करोड़ दो लाख रुपये की योजना तैयार की गई है। अटल भूजल मिशन के अंतर्गत दस करोड़ तथा राज्य भूजल संरक्षण मिशन के अंर्तगत 32 करोड़ दो लाख रुपये का बजट तैयार किया गया है। दोनों योजनाओं के अंतर्गत जिले के 232 तालाबों की खोदाई व सफाई कराई जाएगी। 62 वाटर हार्वेस्टिंग प्लांटों का निर्माण कराया जाएगा।
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प्रभारी सीडीओ हुबलाल ने बताया कि भूजल संरक्षण के लिए अटल भूजल मिशन व राज्य भूजल संरक्षण के लिए 42 करोड़ दो लाख रुपये की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके अलावा विश्व पर्यावरण दिवस पर वाटर रिचार्ज के लिए जिले में दस लाख पौधे रोपे गए है। गत वर्ष भूजल संरक्षण के लिए टपक सिंचाई के लिए किसानों को 232 स्प्रिंग क्लब सेट बांटे गए थे।
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बोरिंग के लिए लेनी होगी अनुमति
बागपत। जिले में प्रशासन की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार बोरिंग करना प्रतिबंधित है। बोरिंग करने से पूर्व जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। प्रभारी सीडीओ हुबलाल ने बताया कि बिना अनुमति के बोरिंग करने पर संबधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।