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बदहाल हाईवे के गड्ढे जिंदगी पर पड़ रहे भारी
Updated Mon, 14 Aug 2017 01:19 AM IST
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बागपत। सूबे में सरकार बदलती तो लोगों की हाईवे निर्माण की आस जगी। निर्माण तो दूर की बाद गड्ढा मुक्त सड़कों के आदेश ही बोने साबित हुए। दुर्दशा से लोगों को पीड़ा पहुंच रही है। हाईवे पर प्रतिदिन हादसे बढ़ रहे और बीमारियों से लोग ग्रस्त हो गए है। हाईवे खराब होने से क्षेत्रीय लोगों का व्यापार भी प्रभावित हो गया। नेता हाईवे को चुनावी मुद्दा बना रहे हैं और अधिकारियों के पास आश्वासन के अलावा कुछ नहीं है। हाईवे के गड्ढों को भरवाने पर किसी का ध्यान नहीं है। इससे क्षेत्र के लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है।
सीनियर सिटीजन मुस्ताफ हैदर ने कहा दुरुस्त रास्ते ही विकास को बढ़ावा देते हैं। जिले में उल्टा हो रहा है। विकास को दूर की बात लोगों को जान देनी पड़ रही है। गड्ढे मौत बनकर जीवन को लील रहे हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार गड्ढे भरवाएं तो कुछ फायदा पहुंचेगा। श्रीनिवास चौहान ने कहा हाईवे की हालत को देखकर पीड़ा होती है। कोई दिन ऐसा नहीं गुजरता वाहन चालक घायल न होते हो। धूल ने लोगों को टीबी का मरीज बना दिया है। गड्ढों से लगने वाले जाम में वाहन में बैठे लोग बिलबिला जाते हैं। हाईवे निर्माण हो या न हो, इससे पहले गड्ढों से मुक्ति मिलनी चाहिए। संजीव कुमार ने कहा हाईवे की दुर्दशा से क्षेत्र का व्यापार प्रभावित हो गया है। हाईवे की दुकानों पर ग्राहक नहीं पहुंच रहे हैं। आम जन के साथ व्यापारियों को भी काफी हानी उठानी पड़ रही है। हाईवे पर गड्ढों के कारण समय पर सामान भी नहीं पहुंचाया जा रहा है। सरकार ने आदेश भी हवा हवाई हो गए। इकलाख ने कहा निवाड़ा-गौरीपुर मोड़ पर हालात खराब है। जाम ने तो जीना मुहाल कर दिया। यहां से मंत्री, विधायक, सांसद और अधिकारी गुजरते है, लेकिन समस्या के समाधान पर ध्यान नहीं है। हाईवे पर गड्ढे होने के कारण हादसे में लोगों की जानें जा रही है। इससे लोगों में सरकार के प्रति गुस्सा बढ़ रहा है। लोगों का गुस्सा आंदोलन का रुप कभी ले सकता है।
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सीनियर सिटीजन मुस्ताफ हैदर ने कहा दुरुस्त रास्ते ही विकास को बढ़ावा देते हैं। जिले में उल्टा हो रहा है। विकास को दूर की बात लोगों को जान देनी पड़ रही है। गड्ढे मौत बनकर जीवन को लील रहे हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार गड्ढे भरवाएं तो कुछ फायदा पहुंचेगा। श्रीनिवास चौहान ने कहा हाईवे की हालत को देखकर पीड़ा होती है। कोई दिन ऐसा नहीं गुजरता वाहन चालक घायल न होते हो। धूल ने लोगों को टीबी का मरीज बना दिया है। गड्ढों से लगने वाले जाम में वाहन में बैठे लोग बिलबिला जाते हैं। हाईवे निर्माण हो या न हो, इससे पहले गड्ढों से मुक्ति मिलनी चाहिए। संजीव कुमार ने कहा हाईवे की दुर्दशा से क्षेत्र का व्यापार प्रभावित हो गया है। हाईवे की दुकानों पर ग्राहक नहीं पहुंच रहे हैं। आम जन के साथ व्यापारियों को भी काफी हानी उठानी पड़ रही है। हाईवे पर गड्ढों के कारण समय पर सामान भी नहीं पहुंचाया जा रहा है। सरकार ने आदेश भी हवा हवाई हो गए। इकलाख ने कहा निवाड़ा-गौरीपुर मोड़ पर हालात खराब है। जाम ने तो जीना मुहाल कर दिया। यहां से मंत्री, विधायक, सांसद और अधिकारी गुजरते है, लेकिन समस्या के समाधान पर ध्यान नहीं है। हाईवे पर गड्ढे होने के कारण हादसे में लोगों की जानें जा रही है। इससे लोगों में सरकार के प्रति गुस्सा बढ़ रहा है। लोगों का गुस्सा आंदोलन का रुप कभी ले सकता है।
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