{"_id":"66677de23b98e3e6ae01fd14","slug":"38-gram-panchayats-of-the-district-became-free-from-tb-baghpat-news-c-28-1-smrt1012-113991-2024-06-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baghpat News: टीबी से मुक्त हुई जिले की 38 ग्राम पंचायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat News: टीबी से मुक्त हुई जिले की 38 ग्राम पंचायत
Tue, 11 Jun 2024 03:57 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Tue, 11 Jun 2024 03:57 AM IST
विज्ञापन
बागपत। जिले की 38 ग्राम पंचायत टीबी से मुक्त हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में इन ग्राम पंचायतों में एक भी टीबी का मरीज नहीं मिला है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत का प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
जिले को टीबी मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान चलाया जाता है। विभाग की ओर से गांवों में घर-घर सर्वे कराकर मरीजों की पहचान की जाती है और फिर उनका इलाज शुरू कराया जाता है। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में जिले की 244 ग्राम पंचायतों में 38 ग्राम पंचायत में एक भी टीबी का मरीज नहीं मिला है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन ग्राम पंचायत को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। इन ग्राम पंचायतों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से सम्मानित किया जाएगा। गांव के प्रधानों को टीबी मुक्त प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
-- -- -
ये ग्राम पंचायत है टीबी मुक्त
कर्मअलीपुर गढ़ी, नंगला जाफराबाद, सूजरा, अहमदपुर गठीना, संतोषपुर, खड़खड़ी, फतेहपुर चक, चौबली, अंगदपुर, बंदपुर, नौरोजपुर, आरिफपुर खेड़ी, हेवा, सिलाना,चांदनहेडी, माखर, चंदायन, दादरी, मालमाजरा, नंगला रवां, बिहारीपुर, खेड़की, कांहड, नंगला कनवाड़ा, धनौरा टीकरी, सैदपुर, महरमपुर, मंसूरपुर, फुलैरा, खैला, घटौली, हरियाखेड़ा, सिखेड़ा, मुकंदपुर, ओगटी, मतानतनगर, कैड़वा और पुट्ठी गांव को टीबी मुक्त घोषित किया गया है।
विज्ञापन
-- -
इन ग्राम पंचायतों में एक साल से नहीं मिला टीबी का मरीज
इन ग्राम पंचायतों में एक साल से कई बार सर्वे कराने के बावजूद एक भी टीबी का मरीज नहीं मिला है। एक साल पूर्व इन ग्राम पंचायत में से कुछ में एक-एक टीबी के मरीज थे, जबकि कुछ ग्राम पंचायतों में एक भी टीबी का मरीज नहीं था। जिनमें टीबी का मरीज मिला था, उनका उपचार करा दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भविष्य में भी अन्य ग्राम पंचायतों के साथ इन ग्राम पंचायतों का भी सर्वे कराया जाएगा।
-- -- -
वर्जन - स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांवों में टीबी के मरीजों का सर्वे कराया गया था। सर्वे के बाद 38 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। विभाग की ओर से इन ग्राम पंचायत के प्रधानों को टीबी मुक्त प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। - डॉ यशवीर सिंह, जिला क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी
विज्ञापन
जिले को टीबी मुक्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान चलाया जाता है। विभाग की ओर से गांवों में घर-घर सर्वे कराकर मरीजों की पहचान की जाती है और फिर उनका इलाज शुरू कराया जाता है। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में जिले की 244 ग्राम पंचायतों में 38 ग्राम पंचायत में एक भी टीबी का मरीज नहीं मिला है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन ग्राम पंचायत को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। इन ग्राम पंचायतों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से सम्मानित किया जाएगा। गांव के प्रधानों को टीबी मुक्त प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
विज्ञापन
ये ग्राम पंचायत है टीबी मुक्त
कर्मअलीपुर गढ़ी, नंगला जाफराबाद, सूजरा, अहमदपुर गठीना, संतोषपुर, खड़खड़ी, फतेहपुर चक, चौबली, अंगदपुर, बंदपुर, नौरोजपुर, आरिफपुर खेड़ी, हेवा, सिलाना,चांदनहेडी, माखर, चंदायन, दादरी, मालमाजरा, नंगला रवां, बिहारीपुर, खेड़की, कांहड, नंगला कनवाड़ा, धनौरा टीकरी, सैदपुर, महरमपुर, मंसूरपुर, फुलैरा, खैला, घटौली, हरियाखेड़ा, सिखेड़ा, मुकंदपुर, ओगटी, मतानतनगर, कैड़वा और पुट्ठी गांव को टीबी मुक्त घोषित किया गया है।
विज्ञापन
इन ग्राम पंचायतों में एक साल से नहीं मिला टीबी का मरीज
इन ग्राम पंचायतों में एक साल से कई बार सर्वे कराने के बावजूद एक भी टीबी का मरीज नहीं मिला है। एक साल पूर्व इन ग्राम पंचायत में से कुछ में एक-एक टीबी के मरीज थे, जबकि कुछ ग्राम पंचायतों में एक भी टीबी का मरीज नहीं था। जिनमें टीबी का मरीज मिला था, उनका उपचार करा दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भविष्य में भी अन्य ग्राम पंचायतों के साथ इन ग्राम पंचायतों का भी सर्वे कराया जाएगा।
वर्जन - स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांवों में टीबी के मरीजों का सर्वे कराया गया था। सर्वे के बाद 38 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। विभाग की ओर से इन ग्राम पंचायत के प्रधानों को टीबी मुक्त प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। - डॉ यशवीर सिंह, जिला क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी