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आत्मरक्षा के दौरान मनचले की मौत पर क्या मदद मिलेगी

Sun, 09 Dec 2018 01:11 AM IST
Updated Sun, 09 Dec 2018 01:11 AM IST
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आत्मरक्षा के दौरान मनचले की मौत पर क्या मदद मिलेगी
बड़ौत (बागपत)। अमर उजाला फाउंडेशन के अनूठे अभियान अपराजिता के तहत छात्राओं को कानून की जानकारी देने के लिए पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया। पुलिस क्षेत्राधिकारी बड़ौत और पुलिस टीम ने छात्राओं को आत्मरक्षा के टिप्स और हेल्प लाइन नंबर की जानकारी दी। एक छात्रा ने पूछा कि अगर आत्मरक्षा के दौरान मनचले या हमलावर की मौत हो जाए तो क्या राहत मिलेगी। सीओ ने बच्चों का मार्गदर्शन किया।
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शनिवार को क्रिस्तु ज्योति पब्लिक स्कूल, बड़ौत में पुलिस की पाठशाला का शुभारंभ सीओ रामानंद कुशवाहा, कोतवाली प्रभारी संजीव कुमार, महिला एसआई चंद्र रेखा और स्कूल की प्रधानाचार्य सिस्टर डॉ. जेसी जोश ने दीप जलाकर किया। इस दौरान सीओ रामानंद कुशवाहा ने छात्राओं को किसी भी मुश्किल की स्थिति में हेल्प लाइन नंबर 1090 और 100 पर कॉल करने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री हेल्प लाइन नंबर 1076 के विषय में बताया। नारी सशक्तिकरण के लिए पहल को सराहनीय बताया। कोतवाली प्रभारी संजीव कुमार ने छात्राओं को बताया कि मुश्किल आने पर यदि हेल्प लाइन नंबर पर कॉल रिसीव नहीं होती तो मनचलों को खुद ही हौसले और हिम्मत से सबक सिखाने की जानकारी दी। साथ ही सुनसान रास्ते पर अकेले न जाने व समूह मेें एक साथ चलने की सलाह दी। महिला एसआई चंद्र रेखा ने छात्राओं को आत्मरक्षा के साथ मनचलों से निपटने के लिए मुश्किल कड़ी में मनचलों के नाजुक अंगों पर वार करने, आंखों में उंगली मारने के साथ-साथ जोर से चिल्लाने के टिप्स दिए। साथ ही असहज स्थिति को टालने के लिए घर पर माता-पिता से बातें शेयर करने की बात कहीं। इस दौरान स्कूल की छात्राओं ने देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम प्रस्तुत कर समां बाधा।
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छात्राओं ने किया कराटे का प्रदर्शन
बागपत। अपराजिता अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं ने कराटे के प्रदर्शन के दौरान हाथों से ईट को तोड़कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। इसमें मैनेजर सिस्टर रिनी जॉर्ज, ममता रानी, योगेंद्र शर्मा, संजय, रविंद्र, रेखा, सिस्टर वंदना, आरती, शानू, सरस्वती आदि का योगदान रहा।
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छात्राओं ने इस तरह पूछे सवाल
अवनिता : यदि सुनसान रास्ते पर जा रहे हैं और आपके पास फोन भी नहीं है, ऐसी स्थिति में अटैक कर से कैसे निपटा जाए।
कोतवाल, बड़ौत : ऐसी स्थिति में सबसे पहले जोर से चिल्ला सकते हैं। मनचले के नाजुक अंगों पर जोर से वार करें। उन्होंने सुनसान रास्ते पर अकेले न जाने की भी सलाह दी।
भानू : क्या किसी मनचले या परेशान करने वाले व्यक्ति की शिकायत पर पहचान उजागर होगी।
कोतवाल, बड़ौत : पहचान गोपनीय रखी जाएगी। इसके अलावा यदि कोई मनचला या पड़ोसी आपको तंग करता है तो सबसे पहले अपने माता-पिता को इसकी जानकारी दें।
जूही - मानसिक रूप से आपको कोई अपना ही रिश्तेदार या पहचान वाला तंग कर रहा है और आप अपने माता-पिता को भी बताने से डर रहे है तो ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए।
कोतवाल, बड़ौत : इस तरह के मामलों में पुलिस काउंसिलिंग करती है। हेल्प लाइन की मदद ली जाती है। यदि बात नहीं बनती तो संबंधित धारा मेें मुकदमा दर्ज किया जाता है।
पलेक्सी : यदि आत्मरक्षा के दौरान किसी मनचले की मौत हो जाए, तो ऐसी स्थिति में आपको क्या करना चाहिए।
कोतवाल, बड़ौत : यदि आपने आत्मरक्षा के लिए मनचले पर वार किया है तो उसमें आपका पक्ष मजबूत हो जाएगा, लेकिन यदि आपने जानबूझकर आत्मरक्षा का सहारा लेकर किसी को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया है तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। आपका पक्ष में सुना जाएगा। यदि आप कोर्ट में साबित कर देंगे की मनचले पर आत्मरक्षा के लिए हमला किया है तो आप बच जाएंगे।
उदिता : यदि कोचिंग या फिर स्कूल जाते वक्त मनचले बाइक पर आपसे छेड़खानी करें या फिर टिप्पणी पास करें तो ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए।
कोतवाल, बड़ौत : ऐसी स्थिति मेें यदि आपके पास मोबाइल है तो सबसे पहले मनचले का फोटो खींच लें। ताकि थाने पर शिकायत के दौरान मनचले की पहचान की जा सके। यदि आपके पास मोबाइल भी नहीं है तो ऐसी स्थिति मेें आपको बाइक का नंबर नोट कर लेना चाहिए, क्योंकि बाइक नंबर से भी पुलिस छेड़छाड़ करने वालों का आसानी से पता लगा सकती है।


क्या करें बेटियां
बड़ौत (बागपत)। रमाला थाने की एसआई चंद्र रेखा ने छात्राओं को अपनी सुरक्षा के विषय में जानकारी दी। छात्राओं से कहा कि वह व्यायाम, खेलकूद और योगाभ्यास में शामिल होकर अपने शरीर को मजबूत करें। जिससे वह शारीरिक रूप से मजबूत बन सकें। किसी भी असहज स्थिति को टालने के बजाए घर पर माता-पिता से शेयर करें।


पुलिस ने यूं बताई धाराएं
धारा अर्थ सजा
302 हत्या उम्रकैद / फांसी
364 अपहरण उम्रकैद
304 गैर इरादतन हत्या 10 साल की सजा
307 हत्या का प्रयास 10 साल की सजा
376 बलात्कार 10 साल की सजा
323-26 मारपीट 10 साल की सजा
506 धमकी सात वर्ष की सजा
354 छेड़छाड़ पांच साल की सजा
452 घर पर मारपीट सात साल की सजा
420 ठगी/धोखाधड़ी सात साल की सजा
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