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कथा के सुनने से जीवन में आता है वैराग्य : दर्शनी बाई
Updated Wed, 05 Sep 2018 12:40 AM IST
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अग्रवाल मंडी टटीरी (बागपत)। कस्बा स्थित अग्रवाल धर्मशाला में श्रीमद् भागवत आत्म कथा महायज्ञ का आयोजन किया। शुभारंभ से पूर्व कलश यात्रा निकाली। इसमें महिलाएं शामिल हुई।
साध्वी दर्शनी बाई ने कहा कि कथा केवल सुनने का विषय नहीं है, अपितु आत्मसात करने से भगवान की प्राप्ति होती है। मनुष्य जीवन जीने की कला सीख लेता है। ज्ञान, भक्ति और वैराग्य का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब भक्त के जीवन में भगवान के नाम का बौद्ध हो होता है, तब भक्ति प्रारंभ होती है। जीवन में वैराग्य आता है। राजा परीक्षित से जब गलती हुई तब श्रृंग ऋषि ने शाप दे दिया। शाप से मुक्ति के लिए सुकदेव मुनि ने श्री मद् भागवत कथा सुनाकर उनकी आत्मसात कर दिया। यह बहुत सुनहरा अवसर हमें भगवान दिया। मंच संचालन धुरंधर चौहान ने किया। इसमें अनिल गोयल, सुनील कुमार, संदीप, मुकेश, बिट्टू, प्रमोद, पिंटू, मास्टर गजराज शर्मा, सभासद राजीव गोयल, दिनेश वर्मा, देव कुमार, राजपाल आदि रहे।
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साध्वी दर्शनी बाई ने कहा कि कथा केवल सुनने का विषय नहीं है, अपितु आत्मसात करने से भगवान की प्राप्ति होती है। मनुष्य जीवन जीने की कला सीख लेता है। ज्ञान, भक्ति और वैराग्य का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब भक्त के जीवन में भगवान के नाम का बौद्ध हो होता है, तब भक्ति प्रारंभ होती है। जीवन में वैराग्य आता है। राजा परीक्षित से जब गलती हुई तब श्रृंग ऋषि ने शाप दे दिया। शाप से मुक्ति के लिए सुकदेव मुनि ने श्री मद् भागवत कथा सुनाकर उनकी आत्मसात कर दिया। यह बहुत सुनहरा अवसर हमें भगवान दिया। मंच संचालन धुरंधर चौहान ने किया। इसमें अनिल गोयल, सुनील कुमार, संदीप, मुकेश, बिट्टू, प्रमोद, पिंटू, मास्टर गजराज शर्मा, सभासद राजीव गोयल, दिनेश वर्मा, देव कुमार, राजपाल आदि रहे।
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